भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ही स्पष्ट किया गया है कि भारत के प्रत्येक नागरिक को सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्रदान किया जाएगा। संविधान की यह अवधारणा बहुत ही न्यायसंगत है। कोई भी व्यक्ति सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्राप्त करने से वंचित नही किया जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को इन तीनों प्रकार […]
Category: महत्वपूर्ण लेख
भारतीय संस्कृति मानव की स्वतंत्रता की ही नही अपितु प्राणि-मात्र की स्वतंत्रता की भी उद्घोष है। जिस देशकी संस्कृति में पग-पग पर पशुओं और वनस्पतियों की रक्षा करने के लिए मनुष्य को प्रेरित किया जाता हो उस देश के लिए यह कहना सर्वथा अनुचित ही है कि इस देश में मानव के मौलिक अधिकारों का […]
तनवीर जाफऱीअन्ना हज़ारे व उनके सहयोगियों द्वारा छेड़े गए जनलोकपाल विधेयक संबंधी आंदोलन की ही तरह बाबा रामदेव द्वारा विदेशों में जमा काला धन वापसी के मुद्दे पर छेड़ा गया आंदोलन भी पूरे देश के लिए आकर्षण व चर्चा का केंद्र रहा। इन आंदोलनों की परिणिति क्या हुई अथवा यह आंदोलन सफल रहे या असफल, […]
भारतीय रियासतों का एकीकरण और पटेल
राकेश कुमार आर्य सरदार पटेल का नाम भारत की तत्कालीन 563 रियासतों के भारत में विलीनीकरण के कारण बहुत ही सम्मान से लिया जाता है। उनके लौहपुरूष होने का प्रमाण उनके द्वारा रियासतों को भारतीय संघ में सम्मिलित करने के उनके महान कार्य में देखने को मिला। भारत की स्वतंत्रता में राजशाही का कोई विशेष […]
अपनी साधना का काफिला सजाये रहो
राकेश कुमार आर्यजीवन हर सांस के साथ कम होता जा रहा है। पल पल, क्षण-क्षण आयु घटती जा रही है। जीवन पल-पल के साथ बीत रहा है, और हम अपने बहुत से कार्यों को कल-कल करते कल पर टालते चले जा रहे हैं। हम जीवन नदी के प्रवाह के न तो साथ बह रहे हैं […]
14 व 15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि समय 12 बजे वह घड़ी थी जिसने भारत को युगांतरकारी परिवर्तन की ओर बढ़ा दिया था। पुराने से नये में प्रवेश करा दिया था। यही वो क्षण थे, जिसके लिए हमने सैकड़ों वर्ष तक संघर्ष किया था। आज वह संघर्ष अपने लक्ष्य पर पहुंच गया था। किंतु यह […]
राकेश कुमार आर्यअमरीका के एक प्रसिद्घ नाटककार ने महात्मा बुद्घ पर एक नाटक का फिल्मांकन करना चाहा, जिसके लिए उसने अखबारों में विज्ञापन दिया कि सिद्घार्थ के चरित्र के फिल्मांकन के लिए उसे योग्य व्यक्ति की आवश्यकता है। नाटककार के पास बहुत से नाम आये, जिस व्यक्ति का नाम उस नाटक के लिए चयनित किया गया, […]
आजादी की यह कैसी वर्षगांठ:चक्रपाणि
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने कहा है कि देश आज अत्यंत निराशाजनक परिस्थितियों से गुजर रहा है। पूर्वोत्तर भारत में आसाम जो कभी प्राग्ज्योतिषपुर अर्थात जहां सूर्य की ज्योति सबसे पहले प्रकाशित होती है, वहां आज हिंदू समाज के लाखों लोग बेघर हुए पड़े हैं। स्वामी महाराज ने देश […]
Time to wait and watch
Finally,team anna decided to form a political party.after acting as the pressure group for more than a year,team anna decided to join politics after acknowledging the public opinion.The declaration came after ending their fast at Jantar Mantar,though this decision bring good news for more than half a nation,but at the same time,there are some people […]
खुल गई मुट्ठी खाक की
टीम अन्ना द्वारा ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का नारा लगाते-लगाते ‘सत्ता-परिवर्तन’ और सत्ता को अपने हाथ में लेने का निर्णय एक अंधी सुरंग में प्रवेश है, जहां से लक्ष्य के और दूर होते जाने की संभावना बढ़ती जाती है। सरकार और दूसरे राजनीतिक दल इस पूरी टीम को इसी चुनावी जाल में फंसाने में सफल रहे क्योंकि […]