राष्ट्रधर्म के ओजस्वी कवि दिनकर राष्ट्रीय चेतना के मंत्र हैं उनकी रचनाएं – अनिता महेचा, जैसलमेर मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी के प्रथम राष्ट्र कवि थे तो दिनकर उनके सच्चे उत्तराधिकारी थे। गुप्तजी की राष्ट्रीयता में सांस्कृतिक तत्त्व गहरा था, उसी का एक व्यापक पक्ष हमें दिनकर के काव्य में दृष्टिगत होता है। दिनकर ने प्रारंभ से […]
Category: महत्वपूर्ण लेख
पश्चिम बंगाल में गो-हत्या निषेध को लेकर संघर्ष कर रहे ब्रह्मचारी ऊपानंद का कहना है कि पश्चिम बंगाल में सरकार का गो-रक्षा के प्रति कोई दायित्व बोध नही है। यहां मुस्लिम तुष्टिकरण जमकर हो रहा है, गो-वंश संवर्द्घन की बजाए गो-वंश विनाश की घातक नीतियां बन रही हैं। जिससे गो-वंश के लिए खतरा पैदा हो […]
पर्यावरण सन्तुलन के लिए गाय आवश्यक
राकेश कुमार आर्यगौवध निषेध पर संविधान सभा में बड़ी रोचक बहस हुई थी। पूर्वी पंजाब के जनरल पंडित ठाकुरदास भार्गव, सेठ गोविंददास, प्रो. छिब्बनलाल सक्सेना, डा. रघुवीर (सी.पी. बेरार : जनरल) मि. आर.बी. धुलिकर, मि. जैड, एच. लारी (यूनाईटेड प्रोविन्स मुस्लिम सदस्य) तथा असम से मुस्लिम सदस्य रहे सैय्यद मुहम्मद सैदुल्ला सहित कई विद्वान सदस्यों […]
भूमि अधिग्रहण बिल और विकास समस्या
भूमि अधिग्रहण बिल केंद्र सरकार ने 5 सितम्बर 2013 में पास कर दिया है. जिस प्रकार खाद्य सुरक्षा बिल के पीछे सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की प्रतिष्ठा जुडी थी उसी प्रकार भूमि अधिग्रहण बिल से राहुल गांधी की प्रतिष्ठा जुडी है. पिछले कुछ समय से वे कुछ किसानों के आन्दोलनों पर […]
हिन्दी दिवस नही ‘संस्कृति दिवस’
हिंदी दिवस एक बार पुन: आ गया है। हर वर्ष हम 14 सितंबर को ‘हिंदी दिवस’ के रूप में मनाते हैं। हिंदी हमारी राजभाषा है, लेकिन राष्ट्रभाषा नही बन पायी है। स्वतंत्रता के बीते 66 वर्षों की यह दुखद उपलब्धि है कि हम आज तक हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा नही बना पाए, यद्यपि भारतवर्ष […]
नमन उस दिव्यात्मा को
पूज्य पिताश्री महाशय राजेन्द्र सिंह आर्य जी की 23वीं पुण्यतिथि 13 सितंबर 2013 पर सारा ‘उगता भारत’ परिवार उन्हें हार्दिक श्रद्घांजलि अर्पित करता है। पिताश्री का आदर्श जीवन हमारे समक्ष सदा ही एक नजीर बनकर उपस्थित रहता है। 5 अक्टूबर 1911 से 13 सितंबर 1991 तक वह इस धर्म धरा पर विचरे। उनके विचार मोतियों […]
नवधनाढय परिवार में विवाह की गहमागहमी। दूल्हा तथा उसके पिता सहित तताम बाराती शराब के नशे में धुत्त होकर भंगड़ा नृत्य कर रहे हैं। महिलाएं भी इस माहौल में शामिल हो जाती हैं।बारात की चढ़त में नचनियों के सिर पर नोटों के बार फेर किये जा रहे हैं। सौ साथ के नोट हवा में लहराए […]
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम
उद्देश्य और योजना- राष्ट्रीय विकास के लिए अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रयोग में आत्मनिर्भरता को प्राप्त करना भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का उद्देश्य है। मुख्य क्षेत्र हैं-1. भिन्न राष्ट्रीय अनुप्रयोग जैसे दूरसंचार, टीवी प्रसारण, आकाशवाणी के लिए उपग्रह सँचार। 2. दूरसंवेदी द्वारा संसाधन सर्वेक्षण और प्रबंधन, पर्यावरण जाँच पड़ताल और मौसम विज्ञान सम्बंधी सेवाएँ। 3. उपर्युक्त […]
शिव कुमार गोयल(1962 में चीन ने भारत पर आक्रमण किया। चीन ने आक्रमण के साथ साथ भारत की पीठ में भी छुरा घोंपा। वह हमसे हिंदी चीनी भाई-भाई का नारा लगाकर मित्रता का ढोंग करता रहा और हमें मारने की नीतियां भी चलता रहा। आज फिर वही हालात चीन की ओर से भारत की सीमा […]
सुभाष कश्यपभारत की राजनीतिक व्यस्था को, या सरकार जिस प्रकार बनती और चलती है, उसे संसदीय लोकतंत्र कहा जाता है। ग्राम-पंचायतें हमारे जन-जीवन का अभिन्न अंग रही है। पुराने समय में गांवो की पंचायत चुनाव से गठित की जाती थी। उसे न्याय और व्यवस्था, दोनों ही क्षेत्रों में खूब? अधिकार मिले हुए थे। पंचायतों के […]