मेरी अरथी को कोई कंधा भी न दे प्रो. राजेन्द्र जिज्ञासु लाला लाजपतराय के बलिदान के पश्चात पंजाब कांग्रेस के पास कोई ऐसा नेता नही था जो उनका स्थान ले सके। पंजाब कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं का एक शिष्ट मंडल देवता स्वरूप भाई परमानंद जी के पास गया और उनसे विनम्र प्रार्थना की कि आप […]
Category: महत्वपूर्ण लेख
बजट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
ध्रुव सहानी द्वारा लिखित ….आनंद गुप्ता द्वारा अग्रेषित 18 लाख करोड़ का है इस बार का बजट ! वैसे तो 1794892 (17 लाख 94 हजार 892) करोड़ का हैलेकिन हम मोटा-मोटा 18 लाख करोड़ मान लेते है लेकिन ये बजट होता क्या है ?? आखिर क्या अर्थ है इस 18 लाख करोड़ रूपये का ?? […]
गोडसे ने गांधी को क्यों मारा-4
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आपदाओ में भेदभाव एक गम्भीर चुनोती
आज सारा देश कश्मीर में बाढ से चिंतित है व मानवता की दुहाई देकर दिल खोलकर सहायता कर रहा है । प्राक्रतिक आपदा है इसलिए प्राथमिकता पर सब हो रहा हैं और होना भी चाहिये। परन्तु मै कहना चाहता हु कि 25 साल से जो मूल कश्मीरी समाज था उसको जब वहा से जेहाद के […]
श्री निवास एडवोकेट केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह का कहना है कि गाय हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, भारत जैसे कृषि प्रधानदेश में गौमाता का महत्व प्राचीन काल से ही रहा है। क्योंकि गाय हमारी अर्थव्यवस्था का आधार रही है। श्री सिंह ने अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. बाबा नंदकिशोर […]
गोडसे ने गांधी को क्यों मारा-3
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मनमोहन कुमार आर्य 10 मई सन् 1971 को विज्ञान परिषद्, प्रयाग के प्रांगण में स्वामी ब्रह्मानन्द दण्डी जी से आपने संन्यास की दीक्षा ली। आर्य जगत के लब्ध प्रतिष्ठित शोध विद्वान व हमारे प्रेरणास्रोत प्रा. राजेन्द्र जिज्ञासु सपरिवार इस संन्यास-संस्कार में सम्मिलित हुए थे। इस घटना के विषय में प्रा. जिज्ञासुजी ने लिखा है कि […]
स्वामी त्रिदण्डी जी महाराज अखिल भारत हिंदू महासभा के मार्गदर्शक मंडल के महासचिव हैं। उनका भारत के धर्म, संस्कृति और महासभा की नीतियों के विषय में चिंतन बहुत स्पष्ट है। उनके साथ हमारी चलभाष पर बातचीत हुई तो उन्होंने कहा कि यह बड़े दुख की बात है कि इस देश में हिंदू को आज भी […]
हिन्दी को लेकर उठते सवाल
हिन्दी दिवस एक बार आकर फिर दहलीज़ पर खड़ा है । सितम्बर की चौदह तारीख़ इसके आने के लिये सरकारी तौर पर निर्धारित है । इस कारण इसे आना ही पड़ेगा । सरकारी आदेश है । हुकुम अदूली कैसे की जा सकती है ? सरकारी दफ़्तरों में महीना भर मिसल गतिशील हो जाती है । […]
छत्तीसगढ़ का अपना एक गौरवपूर्ण इतिहास है। प्राचीन काल में इसे ‘दक्षिण कोशल’ के नाम से जाना जाता था। यहां छठी शताब्दी से 12वीं शताब्दी तक सरयूपरिया, पांडुवंशी, सोमवंशी कलचुरि तथा नामवंशी शासकों का शासन रहा। चालुक्य शासक अनमदेव ने वर्ष 1320 ई. में बस्तर में अपने राजवंश की स्थापना की थी। 16वीं शताब्दी में […]