* वाल्मीकि रामायण में अहिल्या का वन में गौतम ऋषि के साथ तप करने का वर्णन है | वाल्मीकि जी ने पत्थर वाली कथा का वर्णन नहीं किया है । तुलसीदास रचित रामचरितमानस में इस कथा का वर्णन किया गाया है । विरोधाभास है, क्या अहिल्या इन्द्र द्वारा छली गयी थी अथवा वह चरित्रवान नहीं […]
देवी अहिल्या महान तपस्विनी थी |*