मुरली मनोहर श्रीवास्तव (23 अप्रैल कुंवर सिंह के विजयोत्सव पर विशेष) इतिहास में तथ्यों को आधार मानकर बीते कल को बयां किया जाता है। घटना के साक्षी कई पात्र होते हैं और घटनाओं के साथ-साथ कई घटनाएं चलती रहती हैं। 1857 का विद्रोह आजादी की लड़ाई के लिए एक रास्ता दिया और उन कमियों की […]