हस्तिनापुर के राजघराने का इतिहास उस काल के भारतवर्ष का इतिहास है। यदि यह सत्य है कि भारतवर्ष का ‘भारत’ नाम (?) इसी वंश के पूर्वज राजा भरत के नाम पर पड़ा और यह राजघराना भारतवर्ष की चरमोन्नति का ध्वजवाहक रहा तो यह भी निर्विवाद रूप से सत्य है कि इसी परिवार के कृत्यों से […]
Category: डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से
नंद के घर में उन्होंने प्रवेश किया और वहां से उनकी नवजात लडक़ी को उठाकर उसके स्थान पर अपने नवजात शिशु को सुलाकर जल्दी ही मथुरा की ओर लौट पड़े। घनघोर वर्षा से यमुना का जल प्रवाह अत्यंत तीव्र था, वसुदेव के लिए संतान की रक्षा का उत्तरदायित्व इस समय सर्वोपरि था। वसुदेव के उत्साह […]
श्रीराम और श्रीकृष्ण भारतीय सांस्कृतिक गगन मण्डल के ऐसे आप्त पुरूष हैं जिन्हें उसका सूर्य और चंद्रमा कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं है। समसामयिक पारिस्थितिक घटनाक्रम के अंतर्गत दोनों ही व्यक्तियों का अपना-अपना सहयोग और कार्य अविस्मरणीय है, अनूठा है, अनुपम है और अद्वितीय है। इस लेखमाला में इन दो व्यक्तियों में से जिसका वर्णन किया […]
हम शांति पाठ करते समय ‘ओ३म् द्यौ: शांतिरंतरिक्षं शांति : पृथिवी:….’ के मंत्र से द्यौलोक से लेकर पृथ्वी तक और जलादि प्राकृतिक पदार्थों से लेकर वनस्पति जगत तक में शांति शांति भासने का वर्णन करते हैं, और अंत में इन सबमें व्याप्त इस शांति के लिए प्रार्थना करते हैं कि यही शांति मुझे भी प्राप्त […]
विश्व को ज्ञान विज्ञान का मार्ग दिखाने वाले ‘विश्वगुरू’ भारत के विषय में आज का सच यह है कि यहां हिंदी पुस्तकों के पाठक अन्य देशों की अपेक्षा बहुत कम हैं। देहात में अशिक्षा अधिक है, जो लोगों को पुस्तकों से दूर करती है तो शहरों में हर वस्तु के प्रति व्यक्ति के दृष्टिकोण में […]
देश के राजनीतिक दलों और राजनीतिज्ञों को केन्द्र सरकार के उस शपथपत्र से वास्तव में ही राहत मिली होगी जिसे उसने सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत कर कहा है कि राजनीतिक दलों को आरटीआई कानून की सीमाओं में नही लाया जा सकता। केन्द्र का मानना है कि ऐसा करने से राजनीतिक दलों का कामकाज प्रभावित होगा। […]
उपरिलिखित निर्देश हमारे हिन्दू समाज की भीतरी दुरावस्था की ओर संकेत करते हुए हमें उस समय की वास्तविकता से परिचित कराते हैं। स्वतन्त्र भारत में हमें भारत के नवनिर्माण के लिए इस दुरावस्था को दूर करने के लिए लड़ाई लडऩे की आवश्यकता थी उससे हमने मुँह फेर लिया। हमने सामाजिक विकृति के विरूद्घ एक आन्दोलन […]
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन दिनों स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। अच्छा लगता है जब लोगों को भी इस ओर जागरूक होते देखा जाता है। सचमुच हमने अपने मरने के लिए अपने आप ही प्रकृति और पर्यावरण के साथ इतनी छेड़छाड़ की है कि अब यदि इसकी भरपायी न की गयी तो स्थिति संभालनी […]
18 अगस्त 2015 का दिन भारत के इतिहास के लिए एक स्मरणीय दिवस बन गया है। इस दिन न्यायपालिका के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए देश में जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपना आदेश देते हुए कहा है कि जनप्रतिनिधियों, नौकरशाहों और अन्य उच्च […]
भारत में ऐसी बहुत सी जातियाँ हैं जो अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति में परिगणित की जाती हैं। भारतीय समाज के विषय में यह एक रोचक तथ्य है कि यहाँ जो जातियाँ निम्न मानी जाती हैं, उनसे भी निम्न जातियों को ये अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की जातियाँ हेयभाव से देखती हैं। जैसे जाटव […]