जीवन राग संजय पंकज जीवन और जागरण का आलोक- राग गाता सूरज हर दिन आता है। आता है;और अपनी नम किरणों के सतरंगी स्पर्श से गुदगुदाता हुआ सबको जगाता है। जाग जाता है संपूर्ण जीव जगत! धरती और अंतरिक्ष भी तब सोए नहीं रहते। सात रंगों को आत्मसात करने वाली सूरज की उजली किरणें पेड़ों […]
सूरज जैसा आना जाना