कश्मीर में तीन नौजवानों की हत्या करने वाले भारतीय सेना के पांच लोगों को उम्र-कैद की सजा सुनाई गई है। यह सजा उन्हें किसी हुर्रियत या शरीया अदालत में नहीं सुनाई है। यह सजा उन्हें उसी फौज की अदालत ने सुनाई है, जिसके वे अधिकारी और जवान हैं। जिन तीन कश्मीरी नौजवानों की हत्या इन […]
Category: प्रमुख समाचार/संपादकीय
पुरस्कार, अभिनंदन और सम्मान, यश-प्रतिष्ठा पाने की सब तरफ होड़ मची है। इंसान अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ साबित करने और मनवाने के लिए हर तरह के धंधाें और रास्तों को अपना रहा है। सबकी अपनी-अपनी सोच है, अपने-अपने तर्क-वितर्क और कुतर्क। सभी खुद को बुलंदी दिलाने के लिए जी तोड़ प्रयास कर रहे हैं। कोई […]
पिण्ड से लेकर ब्रह्माण्ड तक की यह सम्पूर्ण सृष्टि पंचतत्वों से निर्मित है और पंचतत्वों की ही यह माया है जो सर्वत्र भासित है। बात प्रकृति की हो या प्राणी की, हर किसी का निर्माण पंचतत्वों से ही हुआ है। इन तत्वों के बने रहने, पुनर्भरण होते रहने तक ताजगी, ऊर्जा और जीवनीशक्ति बनी रहती […]
अनुसना करें बकवास को
आजकल बकवास और बकवासी लोगों का खूब बोलबाला है। जिन्हें नहीं बोलना चाहिए वे भी बोल पड़ते हैं, बोलते चले जाते हैं। नॉनस्टॉप बकवास करना ही इनकी जिन्दगी है। बात छोटे-बड़े, खास या आम आदमी की हो या फिर किसी भी श्रेणी के कोई से इंसान की। बकवास करना अपने आपमें वह मौलिक प्रतिभा है […]
सूखे पेड़ पर बैठा पक्षी भी बुरा लगता है। यहां तक कि यात्री भी सूखे पेड़ की अपेक्षा हरे-भरे पेड़ को तलाशता है, और अपनी थकान मिटाता है। इस घटना को समझने के दो पहलू हो सकते हैं, एक तो यह कि संसार स्वार्थी होता है, जहां तक आपके पास कुछ है, तब तक लोग […]
निर्भर न रहें
निर्भरता ऎसा शब्द है जो हमारी कमजोरियों और अशक्तता का प्रकटीकरण करता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि दूसरों के बिना कोई काम कैसे चल सकता है या कि औरों का सहयोग न लिया जाए तो कोई अपने जीवन में कैसे सफल हो सकता है। हमारी इसी संकीर्ण और आत्महीन सोच ने हमारी शक्तियों और […]
आजकल संक्रमण का दौर अक्सर आता-जाता रहता है। यह संक्रमण अन्यमनस्कता और उद्विग्नता के सायों को हमारे साथ कर देता है जहाँ मन का उचट जाना स्वाभाविक है और जब मन उचटने लगता है तब मस्तिष्क और शरीर भी अपने-अपने ढंग से शिथिलता को प्राप्त कर लिया करते हैं। यह वह अवस्था है जिसमें आदमी […]
हम सब हैं जासूस
बाहर चलने वाली हवाओं और हलचलों से इंसान हमेशा प्रभावित रहा है। उसे हमेशा यह जिज्ञासा रही है कि लोग क्या कर रहे हैं, बाहर क्या हो रहा है, कौन क्या कह रहा है, क्या सुन रहा है और क्या कर सकता है, क्या हो सकता है, क्या होना चाहिए। हम सभी लोग इसी महामारी […]
हर आदमी के अपने शौक होते हैं जिनके लिए वह खर्च करता है। विवेकशील लोग सीमित दायरे में रहकर खर्च करते हैं जबकि विवेकहीनों के खर्च का दायरा असीमित होता है। कई लोग ऎसे भी होते हैं जो सीमा से अधिक खर्च कर दिया करते हैं लेकिन ये विवेकहीन नहीं बल्कि अत्यन्त उदार और फक्कड़ […]
सोचें, क्या है हमारा अपना
हम बहुत सारे इंसानों को हमारे अपने और खूब सारी वस्तुओं को अपनी मानने में हमेशा गर्व का अनुभव करते हैं और यह गर्व हमें अपनी मृत्यु तक बना रहता है। सिर्फ मृत्यु के कुछ क्षण पहले शरीर से प्राण निकलते वक्त चंद सैकण्ड ही ऎसे होते हैं जब हर इंसान को अपनी संपदा, गलतियों […]