हमेशा बनी रहनी चाहिए कोई न कोई चुनौती – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आजकल इंसान की फितरत में कुछ ऎसी बातें आ गई हैं जिनकी वजह से उसके कर्मयोग की रफ्तार मंद होती जा रही है। उसे अब न जरूरी काम याद रहते हैं न वह अपनी इच्छा से कोई ऎसे काम कर पाता है […]
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आज का चिंतन-27/12/2013
ऎसा बर्ताव न करें कि लोग हमसे कतराने लगें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com इंसानियत के निरन्तर क्षरण होते वर्तमान दौर में मानवीय मूल्यों और संस्कारहीन लोगों की वजह से समाज और क्षेत्र बेवजह समस्याओं, तनावों और परेशानियों में घिरने लगा है। हर आदमी अपनी मर्यादा में रहे, अपने को सौंपे हुए कामों को आसानी […]
आज का चिंतन-21/12/2013
ईश्वर को पाने ज्यादा सहज है अनासक्त योग भरा गृहस्थाश्रम – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com जीवन लक्ष्यों और ईश्वर को पाने के लिए कलियुग में सर्वश्रेष्ठ, सरल और सहज मार्ग है गृहस्थाश्रम। इसके माध्यम से सेवा और परोपकार की वृत्तियों में जुड़े रहकर तथा पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों की पूर्ति करते हुए प्रसन्नता […]
आज का चिंतन ( 20/12/2013)
राज्याश्रय के उत्सुक न रहें, लोकमान्य बनने का प्रयास करें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com दुनिया में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति अपने आपको कुछ बनाने, समाज में प्रतिष्ठित होने और नाम कमाने के लिए कुछ न कुछ ऎसा करना चाहता है जो अपने आप में अन्यतम हो, औरों से एकदम अलग दिखे, आकर्षण […]
आज का चिंतन-06/12/2013
संस्कारहीनता ही है समस्याओं की जड़ – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com मनुष्य के रूप में पैदा हो जाना और मनुष्यता होना दो अलग-अलग बातें हैं। मनुष्य का शरीर कोई भी प्राप्त कर सकता है लेकिन उसमें मनुष्यता हो ही, यह जरूरी नहीं है। इंसानियत अपने साथ मनुष्य होने के गुण-धर्म लेकर आती है और […]
आज का चिंतन-05/12/2013
नालायक लोग बिगाड़ते हैं रचनात्मक कामों का संतुलन – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com घर-परिवार या समाज की बात हो या फिर अपने क्षेत्र की, हर तरफ रचनात्मक गतिविधियों और कल्याणकारी प्रवृत्तियों का दौर हर युग में रहा है और रहेगा। अच्छे लोग हर युग में रहे हैं और अच्छे काम भी। समाज को जिस […]
आज का चिंतन (04/12/2013)
अपना मूल्यांकन खुद करे […]
आज का चिंतन-02/11/2013
चर्चाओं में ही समय न गँवाएँ संक्रमण काल का सदुपयोग करें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com जो कुछ होना था, हो गया। जो परिणाम सामने आने हैं वे कुछ दिन में अपने आप आ ही जाएंगे। बीच का यह पूरा समय संक्रमण काल है जिसे चाहे-अनचाहे गुजारना ही है। कुछ न करें, तब भी […]
आज का चिंतन-01/12/2013
कुछ कके दिखाएँ दिखाऊ भौंपू न बने रहें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com इंसान की पहचान उसकी वाणी और कर्म से होती है। कामों की सुगंध अपने आप बिखरने और कीर्ति देने लगती है जबकि अपनी ही अपनी बड़ाई और चर्चाओं को सुनाने-सुनने में घण्टों रमे रहने वाले लोगों को वो प्रतिष्ठा और लोकप्रियता […]
आज का चिंतन-28/11/2013
जिन्दगी को अभिशप्त कर देती हैं फालतू की चर्चाएँ और भविष्यवाणियाँ – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com चुनाव के वर्तमान मौसम में आजकल अधिकांश लोगों के पास टाईमपास करने का एकमात्र और सहज-सुलभ स्वादिष्ट जरिया बना हुआ है चर्चाओं का दौर। इन चर्चाओं से न किसी का भला हुआ है, न होने वाला है। लेकिन […]