ओ३म् =========== मनुष्य को मनुष्य इस लिये कहा जाता है कि वह अपने सभी काम मनन करके करता है। जो मनुष्य बिना मनन के कोई काम करता है तो उसे मूर्ख कहा जाता है। मनन करने के लिये यह आवश्यक होता है कि हम भाषा सीखें एवं ज्ञान अर्जित करें। भाषा से अनभिज्ञ एवं सद्ज्ञान […]
Month: March 2020
हमने की है ऊर्जा की साधना
हमने सदैव प्रकाश की अर्थात ऊर्जा की साधना की। हमने तेज को अपना आदर्श माना और सत्य को अपने जीवन का आधार बनाया । वैज्ञानिक उन्नति के साथ – साथ हमने आत्मिक व आध्यात्मिक उन्नति भी की। आध्यात्मिक उन्नति का परिणाम यह निकला कि हमारा विज्ञान हमारे लिए कभी भस्मासुर नहीं बना और वह सदा […]
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ ट्विटर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने एक वकील के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है। रविवार (मार्च 15, 2020) की दोपहर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपित वकील अब्दुल हन्नान के खिलाफ आईटीएक्ट […]
कोरोना वायरस के प्रसार में चर्च का रोल सामने आने के बाद प्रार्थना करते चर्च के 88 वर्षीय संस्थापक ली मैन हीदक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के ख़तरे के लिए एक चर्च को दोष दिया जा रहा है। एक ‘कल्ट’ चर्च, जो दक्षिण कोरियाई लोगों के गुस्से का शिकार बना है। अब तक दक्षिण कोरिया […]
अगर कांग्रेस का चरित्र समझना हो तो उन उम्मीदवारों को देख लीजिए, जिसे कांग्रेस ने राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। ये बेवजह नहीं है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बरसों तक कांग्रेस से जुड़े रहने के बाद भी पार्टी को एक झटके में छोड़ दिया। राज्यसभा के लिए घोषित किए गए सभी उम्मीदवार ऐसे हैं, जिसके […]
जमशेदपुर । भारतीय इतिहास पुनर्लेखन समिति की एक आवश्यक बैठक विष्टूपुर मे समिति के मुख्य संरक्षक श्री गिरधारी लाल देबूका की अध्यक्षता में संपन्न हुई । इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संयोजक धर्म चंद्र पोद्दार ने कहा कि आज आवश्यकता है कि इतिहास को सत्य और प्रामाणिक जानकारी के साथ लिखा जाए । […]
पटना ( सत्यजीत कुमार ) आगामी 1 मई को यहां पर अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी । इस बारे में हमें जानकारी देते हुए पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री विपिन खुराना ने बताया कि संगठन की हाल ही में संपन्न हुई दिल्ली की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया […]
वेद ज्ञान ही है सनातन
भारत के लोग अपने आप को सनातनधर्मी कहने और मानने में इसीलिए गर्व और गौरव की अनुभूति करते हैं कि उनका ज्ञान का खजाना शाश्वत है , सनातन है । वेदज्ञान जब सृष्टि दर सृष्टि चलता है तो इसका अर्थ यही है कि यह ज्ञान कभी समाप्त होने वाला नहीं है , यह कभी पुरातन […]
ओ३म् =========== आर्यसमाज वेदों के मर्मज्ञ विद्वान ऋषि दयानन्द सरस्वती द्वारा दिनांक 10 अप्रैल, 1875 को मुम्बई में स्थापित वह संस्था है जो आज प्रायः पूरे विश्व में जानी पहचानी होने सहित सक्रियरूप से कार्यरत है। आर्यसमाज की स्थापना से पूर्व ऋषि दयानन्द (1825-1883) ने देश के अनेक भागों में जाकर वेद की शिक्षाओं का […]
ओ३म् =========== विश्व में अशान्ति, हिंसा, भेदभाव, अज्ञान, अविद्या, अन्धविश्वास, अनेकानेक अनावश्यक सामाजिक परम्पराओं आदि के कारणों पर विचार करें तो विश्व में अनेक परस्पर विरोधी विचारधाराओं वाले मतों और उनके अनुयायियों द्वारा अपनी सत्यासत्य मिश्रित विचारधारा को सबसे मनवानें के लिये किया जाने वाला प्रचार व अनुचित साधन ही विश्व में अशान्ति के प्रमुख […]