प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस विदेश यात्रा में सबका ध्यान उनकी चीन−यात्रा पर सबसे ज्यादा गया। जाना भी चाहिए था, क्योंकि चीन एशिया का सबसे बड़ा राष्ट्र है और भारत के साथ उसके संबंध उलझनभरे भी हैं लेकिन इस पूरी यात्रा में उनके मंगोलिया और दक्षिण कोरिया जाने का अपना कूटनीतिक और सामरिक महत्व है। […]
Month: May 2015
सुरेश चिपलुनकर गत 30 जनवरी को महात्मा गाँधी के अन्तिम ज्ञात (?) अस्थि कलश का विसर्जन किया गया। यह “अंतिम ज्ञात” शब्द कई लोगों को आश्चर्यजनक लगेगा, क्योंकि मानद राष्ट्रपिता के कितने अस्थि-कलश थे या हैं, यह अभी तक सरकार को नहीं पता। कहा जाता है कि एक और अस्थि-कलश बाकी है, जो कनाडा में […]
मोदी सरकार का एक वर्ष पूरा हुआ
– डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने अपना एक साल पूरा कर लिया है । भारत जैसे बड़े देश में नीतिगत परिवर्तनों और उसके क्रियान्वयन के लिये एक साल ज़्यादा मायने नहीं रखता , लेकिन जब एकबारगी में सत्ता की अवधि पाँच साल के लिये निश्चित हो , तो ज़ाहिर है एक […]
मोदी सरकार- बदलाव का एक साल
मृत्युंजय दीक्षित विगत 16 मई 2014 का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बेहद ऐतिहासिक व अभूतपूर्व दिन था जब भारत की जनता जनार्दन ने एकजुट होकर 35 वर्षोें के बाद एक सषक्त नेतृत्व को पूर्ण बहुमत की सत्ता प्रदान कर दी। यह दिन भारत के लिए एक ऐतिहासिक सूर्योदय का दिन था जब […]
मृत्युंजय दीक्षित भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता के जनक व समाजसेवी ब्रहमसमाज के संस्थापक राजाराममोहन राय का जन्म 22 मई सन् 1772 ई में बंगाल के एक धार्मिक ब्राहमण परिवार में हुआ था। राममोहन जी के पूर्वजों ने बंगाल के नवाबों के यहां उच्चपद पर कार्य किया किन्तु उनके अभद्र व्यवहार के कारण पद छोड़ दिया।वे […]
समय शक्ति संपत्ति का, नाश करे है विवाद
बिखरे मोती-भाग 97 गतांक से आगे….दुर्भाव से सद्भाव के,मिटते जायें संबंध।जैसे बदबू की हवा,खाती जाय सुगंध ।। 929 ।। व्याख्या :-हृदय की शुद्घि सद्भाव से होती है। हृदय में प्रसन्नता भी सद्भाव से ही रहती है। यदि किसी कारणवश हृदय में दुर्भाव पैदा हो जाए तो वह गोखरू के कांटे की तरह बढ़ता जाता है, […]
बिखरे मोती-भाग 96 गतांक से आगे….जीवन में हो पवित्रता,रखना हमेशा ध्यान।पवित्रता से होत है,आत्मा का कल्याण ।। 922 ।। व्याख्या :-चित्त की निर्मलता अथवा पवित्रता ही धर्म है। इसलिए मनुष्य को चाहिए कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिपल विशेष ध्यान रखें। हमारे ऋषियों ने इसलिए मन, वचन, कर्म की पवित्रता पर विशेष बल दिया […]
इस नारे के पीछे की सच्चाई कुछ और ही है
–निर्मल रानी– प्रकृति हालांकि अपने समस्त प्राणियों में लिंग के आधार पर संतुलन बनाए रखती है। परंतु मानव जाति ने अपनी बुद्धि तथा ‘ज्ञान’ का प्रयोग कर इस संतुलन को बिगाड़ने का काम किया है। परिणामस्वरूप भारत जैसे देशों में होने वाली कन्या भ्रुण हत्या के चलते लिंगानुपात में परिवर्तन होने लगा है। और देश […]
मोदी की तीन बड़ी बातें
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अन्य देशों की तरह चीन में रहनेवाले भारतीयों को संबोधित किया। पांच हज़ार भारतीयों की सभा चीन जैसे देश में हो जाए, यह ही अपने आप में बड़ी बात है । भारत के किसी भी प्रधानमंत्री ने आज तक चीन में भारतीयों की इतनी बड़ी सभा को संबोधित नहीं किया। मोदी […]
मोदी की चीन यात्रा शायद सार्थक
नरेंद्र मोदी की सभी विदेश यात्राओं की तुलना में चीन-यात्रा शायद सबसे सार्थक रहेगी, हालांकि दोनों देशों के बीच इतिहास ने जो गांठें डाल दी हैं, वे अब भी ज्यों की त्यों है। सीमा-समस्या का अभी कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। जैसे पहले वार्ताएं चलती रहीं, वैसी अब चलती रहेंगी। यदि मोदी सीमा-समस्या के […]