आधुनिक भारत के शिल्पी सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचार, कर्म और उनकी स्मृतियां मन को रोमांच और गौरव से भर देती हैं। वे ऐसे राष्ट्रभक्त महापुरुष थे जिनके लिए ‘राष्ट्र सबसे पहले’ था। सरदार सही मायने में राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे और हैं। उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने […]
Month: November 2014
….अब प्रधानमंत्री मोदी का इंतजार
पुण्य प्रसून वाजपेयी ४८ मौत, ५०० बीमार, राष्ट्रपति का इंकार और अब प्रधानमंत्री मोदी का इंतजार संसद सदस्य बनने के बाद ऱाष्ट्रकवि दिनकर ने लिखा था, “हो गया एक नेता मैं भी !तो बंधु सुनो, / मैं भारत के रेशमी नगर में रहता हूं, / जनता तो चट्टानों का बोझ सहा करती, / मैं चादंनियों […]
आजकल डिब्बाबंद खान-पान सामग्री का प्रचलन जोर पकड़ता जा रहा है। जब से हमने परिश्रम करना छोड़ दिया है तभी से हम तैयार खान-पान के आदी हो गए हैं।
मन चंगा तो कठोती में गंगा
नियत में खोट, प्रतिष्ठा पर चोटडॉ.शशि तिवारी कहते है मन चंगा तो कठोती में गंगा’, लेकिन मन अत्यधिक चंचल होता है पल में हां और पल में न कहतेे एवं एक पाले से दूसरे पाले में ढुंलकते देर भी नहीं लगनी लक्ष्मी भी चंचल होती हैं, मन और लक्ष्मी किस पर कृपा बरसा दे ठीक-ठीक […]
बहुत सो चुके, अब तो जगें
जागरण का समय आ ही गया है। जाने कितनी बार नए संकल्पों और नई भोर के साथ जागरण का संदेश देने वाले पर्व-त्योहार और नए-नए अवसर हमारे सामने आते रहते हैं। पर हम इतने आलसी हैं कि हर बार कल्पनाओं में खो जाते हैं, संकल्प लेते हैं, लक्ष्यों में खुद को बाँधते हैं, कुछ नया […]
हम सब कमा रहे हैं दूसरों के लिए
वो जमाना चला गया जब आदमी अपने और अपने कुटुम्ब के लिए कमाता था और संतोषी जीवन व्यतीत करते हुए जिन्दगी के सारे आनंद प्राप्त करता था, समुदाय को भी आनंदित करता था, सामाजिक सरोकारों और क्षेत्रीय हलचलों में पूरी और पक्की भागीदारी निभाता हुआ अपने जीवन को धन्य करता था। आज पहले के मुकाबले […]
देश में सरदार पटेल की सबसे ऊँची मूर्ति स्थापित करने का निर्णय गुजरात सरकार ने पहले ही कर लिया था । इसके लिये देश के कोने कोने से लोहा भी एकत्रित किया जा चुका है । अब इस प्रकल्प का क्रियान्वयन हो रहा है । सरदार पटेल की १८२ मीटर की इस प्रस्तावित मूर्ति को […]
काले धन की जड़ों में मट्ठा
30 अक्टूबर 2014 : सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को उन लोगों के नाम सौंप दिए हैं, जिनके खाते विदेशों में हैं। यह कार्य स्वागत योग्य है लेकिन विडंबना है कि इसका श्रेय सरकार को नहीं मिलेगा। इसका श्रेय उन न्यायाधीशों को है, जिन्होंने सरकार को सीधी फटकार लगाई। उन्होंने वही कहा, जो राम जेठमलानी कह […]
यह दुनिया विश्वास और अविश्वास के ध्रुवों के बीच चलायमान है। इसमें इंसान की स्थिति उस पेण्डुलम की तरह है जिसमें उसे खुद को यह भरोसा नहीं होता कि सही क्या है। किस पर विश्वास करे और किस पर नहीं। कुछ लोग विश्वास के सहारे जीते हैं, कुछ इससे भी […]
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर, 2014। राजस्थान के जयपुर जिले में नागरिक सुरक्षा द्वारा पूरे देश में उत्कृष्ट कार्य किये जाने के फलस्वरूप गुरूवार को नागपुर में जयपुर को पहले राष्ट्रीय लीडरशिप अवार्ड से नवाजा गया है। राष्ट्रीय लीडरशिप अवार्ड जयपुर जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी, आई.ए.एस. को नागपुर में […]