आजकल अपने लोगों को अपनी बातें कहने के लिए अपने लोग नाकाफी या नाकाबिल दिखने लगे हैं। हम न अपने लोगों के पास रहना चाहते हैं, न अपने लोगों को सुनना चाहते हैं। जो अपने हैं उनके सुख-दुःखों में न हिस्सा बँटाना चाहते हैं, न किसी के काम ही आना चाहते हैं। हमें न अपने […]
Month: October 2014
पशु बलि ,संस्कृति और न्यायालय
– डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री संस्कृति दरअसल मानव प्रगति की यात्रा का ही दूसरा नाम है । जीव जीव का भोजन है , यह आदिम प्रवृति की सब से बड़ी पहचान है । आदिम प्रवृत्तियों पर नियंत्रण ही सांस्कृतिक उत्थान की पहचान है । सभी जीवों में से मानव को ही सबसे ज़्यादा बुद्धिमान […]
– डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री नीतिश कुमार को हटा कर जीतन राम माँझी बिहार के मुख्यमंत्री बने थे । वैसे वे लम्बे अरसे से राजनीति में हैं और गाहे बगाहे मंत्री इत्यादि भी बनते रहते हैं , लेकिन नरेन्द्र मोदी की आँधी के आगे जब नीतिश कुमार के लिये मुख्यमंत्री रह पाना संभव नहीं […]
वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा
अमर शहीद रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ अरूजे कामयाबी पर कभी तो हिन्दुस्तां होगा । रिहा सैयाद के हाथों से अपना आशियां होगा ।। चखायेगे मजा बरबादिये गुलशन का गुलची को । बहार आयेगी उस दिन जब कि अपना बागवां होगा ।। वतन की आबरू का पास देखें कौन करता है । सुना है आज […]
राज्यपाल कुरैशी गलत नहीं
उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी का मामला आजकल सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है। केन्द्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने अदालत के सामने जो तर्क पेश किए हैं वे मुझे खोखले मालूम पड़ते हैं। यह तो उनकी ईमानदारी का सबूत है कि उन्होंने यह मान लिया है कि उन्होंने राज्यपाल कुरैशी को इस्तीफा देने के […]
आप करुणाशास्त्री हैं या अर्थशास्त्री?
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले की एक पंचायत के दो सरपंच और छह पंचायत सचिवों को गिरफ्तार किया गया है। क्यों किया गया है? क्योंकि ‘मनरेगा’ के नाम से बंटनेवाली सरकारी खैरात के 5.39 करोड़ रु. पर उन्होंने हाथ साफ कर लिया है। कई बैंक अधिकारियों की भी जांच चल रही है। गरीब मजदूरों को बंटनेवाली […]
अजब-ग़ज़ब हैं ये चिल्लाने वाले
चिल्लाने और चिल्लपों मचाने वालों की अपने यहाँ कभी कोई कमी नहीं रही। बिना मांग ज्ञान बाँटने वाले लोग औरों को दिखाने के लिए इतना जोर-जोर से चिल्लाते हुए बातें करते हैं जैसे कि किसी सभा को संबोधित कर रहे हों। दो-जीन जनें हों तब भी कई लोग जब भी कोई बात करेंगे, फूल वोल्यूम […]
थोड़ा सा गांधी बनिये फिर देखिये
पिछले हफ्ते गांधी-जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सफाई अभियान और सर संघ चालक मोहन भागवत का विजयदशमी भाषण काफी चर्चा में रहे। उन्होंने आशा जगाई कि देश में अब रचनात्मक काम बड़े पैमाने पर शुरु होंगे लेकिन मुझे शंका है। क्या वाकई कोई रचनात्मक जन-आंदोलन शुरु होगा, जो साफ-सफाई, खादी, स्वभाषा, स्वदेशी, गोरक्षा, नशाबंदी, […]
डाॅ. लोहिया की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में
आज (12 अक्तूबर) डाॅ राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि है। देश के किसी अखबार या टीवी चैनल पर मैंने उनके बारे में न कुछ देखा न सुना। कितने कृतघ्न हैं, हम लोग? मुझे याद है, 12 अक्तूबर 1967 की वह रात जब डाॅ. लोहिया का निधन हुआ था। लगभग मध्य-रात्रि का समय था। हम लोग सांसद […]
आखिर नाराज क्यों हुये कांग्रेसी इनसे
कांग्रेस के केरल से चुने गए सांसद डा. शशि थरुर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है, क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। वे उनके साफ-सफाई अभियान के नवरत्नों में शामिल हो गए हैं। उन पर आरोप यह भी है कि वे जब-तब नरेंद्र मोदी की तारीफ करते […]