नितिन सिंह भारतीय इतिहास के साथ इस खिलवाड़ के मुख्य दोषी वे ”वामपंथी इतिहासकार” हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद नेहरू की सहमति से प्राचीन हिन्दू गौरव को उजागिर करने वाले इतिहास को या तो काला कर दिया या धुँधला कर दिया और इस गौरव को कम करने वाले इतिहास-खंडों को प्रमुखता से प्रचारित किया, जो […]
Month: June 2014
कैसी हो माँ? मैं रवि बोल रहा हूँ…
हैलो माँ … मैं रवि बोल रहा हूँ….,कैसी हो माँ….? मैं…. मैं…ठीक हूँ बेटे…..,ये बताओ तुम और बहू दोनों कैसे हो? हम दोनों ठीक है माँ…आपकी बहुत याद आती है…, ..अच्छा सुनो माँ,में अगलेमहीने इंडिया आ रहा हूँ…..तुम्हें लेने। क्या…? हाँ माँ….,अब हम सब साथ ही रहेंगे…., नीतू कह रही थी माज़ी को अमेरिका ले […]
संस्कृत में सिर्फ शपथ काफी नहीं
डाॅ0 वेद प्रताप वैदिक इस बार हमारी संसद में जितने मंत्रियों और सांसदों ने संस्कृत में शपथ ली, उतनों ने पहले कभी नहीं ली। यह महत्वपूर्ण बात हैं इसका मोटा कारण तो यही है कि भाजपा के सदस्यों की संख्या इस बार सबसे ज्यादा है। भाजपा एक मात्र पार्टी है, जो अपनी संस्कृति और परंपरा […]
लीची खाने से मौत हो सकती है
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में हाल ही में घटी एक घटना ने बहुतों को माथे पर बल ला दिया जहां 7 बच्चों की मौत का कारण लीची में मिला अज्ञात वायरस बना। लीची सिंड्रोम एक संक्रमण है जो वायरस के कारण होता है क्योंकि लीची गर्मियों का फल है इसलिए वायरस फैलने का खतरा […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी हिमालय का संरक्षण, अविरल स्वच्छ गंगा और वन बंधु कार्यक्रम। संघ परिवार के यह तीन नारे आज के नहीं है पहली बार पूर्व सरसंघचालक गुरु गोलवरकर के दौर में ही सवाल आरएसएस ने उठाये थे। लेकिन पहली बार किसी सरकार के एजेंडे के प्रतीक यह मुद्दे उसी तरह बने है जैसे 15 […]
रामप्रसाद विस्मिल की आत्मकथा
मेरी माँ ग्यारह वर्ष की उम्र में माता जी विवाह कर शाहजहाँपुर आई थीं । उस समय वह नितान्त अशिक्षित एवं ग्रामीण कन्या के सदृश थीं । शाहजहाँपुर आने के थोड़े दिनों बाद श्री दादी जी ने अपनी बहन को बुला लिया । उन्होंने माता जी को गृह-कार्य की शिक्षा दी । थोड़े दिनों में […]
कन्हैया झा देश में पहली बार, गैस उत्पादान, सन 2006 में सरकार ने कृष्णा-गोदावरी (केजी) बेसिन से गैस निकालने का ठेका देश की एक बड़ी कंपनी रिलाइंस तथा उसकी सहायक कनेडियन कंपनी को दिया था. इन कम्पनियों ने गैस भण्डार की सामर्थ्य तथा वार्षिक उत्पादन के आंकड़ों को बढ़ा-चढा कर पेश किया था. इससे अनेक […]
मोदी के बड़े काम
डॉ0 वेद प्रताप वैदिक प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी रोज़ ही एक-दो काम ऐसे कर रहे हैं कि जिनकी सराहना किए बिना नहीं रहा जा सकता। मोदी का निर्देश था कि मंत्री और सांसद अपने रिश्तेदारों को निजी सहायक बनाना बंद करें। इस निर्देश का तत्काल असर हुआ। बाराबंकी की सांसद प्रियंका सिंह रावत […]
ये मोदी का हिन्दी से छल नही है?
ब्रज किशोर सिंह यह बात तो हम सभी जानते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत अच्छी हिन्दी जानते हैं। लोकसभा चुनाव प्रचार के समय वे भारत को लगातार हिन्दी में संबोधित करते रहे। यहाँ तक कि केरल और तमिलनाडु में भी वे हिन्दी ही बोलते रहे और दुभाषिये की सहायता ली। इस साल […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी ठीक तेरह बरस पहले जिन आर्थिक नीतियों को लेकर संघ परिवार बीजेपी को कटघरे में खड़ा करता था। तेरह बरस बाद उन्ही आर्थिक नीतियों को लेकर संघ हरी झंडी दिखाने से नहीं कतरा रहा है। तेरह बरस पहले भी संघ के प्रचारक रहे अटलबिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री की कुर्सी पर थे और तेरह […]