गाय की रीढ़ की हड्डी में सूर्यकेतु नाड़ी होती है। यह नाड़ी गाय के रक्त में स्वर्णक्षार बनाती है। यही स्वर्णक्षार पीले पीले सुनहरे रंग में हमें गाय के दूध घी आदि में स्पष्ट दीखता है। यही कारण है कि गौदुग्ध का सेवन करने वाले व्यक्ति के रंग से स्वर्णिम आभा झलकने लगती है। भारत […]
Month: January 2014
आज का चिंतन-03/01/2014
असली अपराधी और पापी वे हैं जो झूठ बोलते-सुनते और लिखते हैं – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com जीवन और परिवेश की तमाम समस्याओं का मूल कारण असत्य और दोहरा आचरण है। संसार का हर कर्म और व्यापार दिव्य और दैवीय हो सकता है यदि हम अपने पूरे जीवन से झूठ को निकाल दें, कथनी और […]
आज का चिंतन-02/01/2013
मौसम के कहर से बचाएं आस-पास के प्राणियों को – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com शीत का मौसम इन दिनों अपने भयावह दौर में पहुँचा हुआ है। शीतलहर और बर्फानी हवाओं के साथ ही हाड़ कँपा देने वाली सर्दी का प्रकोप सर्वत्र पूरे यौवन पर जारी है। इन विषम परिवेशीय हालातों में हमारा कत्र्तव्य सिर्फ […]
गतांक से आगे….चसोने के लिए तो घास और लकड़ी के बने हुए सादे झोंपड़े ही उत्तम हैं। ये झोंपड़े खुली वायु में जहां सघन वृक्षावलि और काफी रोशनी मिलती हो बनाने चाहिए। जमीन पर मुलायम घास बिछाकर अथवा रेतीली मिट्टी बालू बिछाकर सोना उत्तम है। मिट्टी के स्नान से दाह और अन्य पुराने रोग भी […]
आज का चिंतन-01/01/2014
अभिनंदन 2014 … आओ शुरू करें नए संकल्पों का सफर – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com युगों से पुराने वर्ष को विदाई और नए वर्ष के स्वागत-अभिनंदन की परंपरा चल रही है। दुनिया भर में लोग उस दिन के आगमन की प्रतीक्षा करते हैं जब नया वर्ष शुरू होता है। नव वर्ष हमारी जिन्दगी और परिवेश में […]