भारतीय संकृति का आर्थ प्राचीनकाल से चले आ रहे संस्कारों के पालन से है। संकृति शब्द का आधुनिक अर्थ प्राचीनकाल के आचार-सदाचार, मान्यताओं एंव रीति-रितीरिवाजों से भी है। एक अर्थ में मनुष्य की आधिभौतिक, आधिदैविक एंव आध्यात्मिक उन्नति के लिये की गई भारतीय परिवेश की सम्यक चेष्टाये ही संकृति हैं। भारतीय संस्कृति किसी एक वर्ण […]
Month: June 2012
2014 के महासंग्राम के पहले बीजेपी के भीतर नेतृत्व का संग्राम छिड़ गया है। पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के दूसरे कार्यकाल समेत प्रधानमंत्री के उम्मीदवार को लेकर पार्टी नेताओं में गहमागहमी बढ़ गई है। हर नेता दिल्ली में झंडेवालान और नागपुर में महाल की तरफ टकटकी लगाए खड़ा है कि आखिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ […]
अपना जीवन यज्ञमय बनाएं
यज्ञ का बहुत व्यापक अर्थ है। परमात्मा परमेश्वर को यज्ञरूप भी कहा गया है क्योंकि ईश्वर का प्रत्येक कार्य-सृष्टि का निर्माण, पालन, संहार तथा प्रत्येक जीव के कर्मानुसार फल देना सभी यज्ञ ही हैं। क्योंकि ईश्वर के कार्यों में उनका स्वयं का कोई लाभ स्वार्थ नहीं है अपितु परमपिता परमेश्वर के सभी कार्य स्पष्टï अथवा […]
निराकार ईश्वर का ध्यान कैसे?
शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गंध, भार, लंबाई, चौड़ाई, गुण, प्रकृति, के है और पदार्थों में भी आते हैं, किन्तु ये गुण ईश्वर में नहीं है। इनका आश्रय हम लोग लेंगे जो यह प्रकृति का आश्रय हो गया। इश्वर का आश्रय कैसे कहलायेगा?ईश्वर का ध्यान करने वाले साधकों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह आती है […]
गाजियाबाद। नगर निगम क्षेत्र में महापौर व पार्षद के टिकट के लिए भले ही कांग्रेसियों में मारामारी हो, लेकिन टाउन एरिया व नगर पालिका परिषद के लिए कांग्रेस टिकट से लडऩे वाले पार्टी को ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं। इन्ही कारणों से कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं कर पा रही है। हालांकि कांग्रेस के […]
बुलंदशहर। अपनी प्रतिभा, योग्यता और बौद्घिक कौशल से लोगों का सदा मार्गदर्शन करने वाले और समाज व राष्टï्र के लिए कुछ न कुछ नया करते रहने वाले प्रसिद्घ अधिवक्ता और समाजसेवी ब्रहम सिंह चौधरी एडवोकेट का दिनांक 29 मई को अचानक हृदय गति रूकने से स्वर्गवास हो गया। उनकी मृत्यु की खबर सुनते ही सारे […]
माता-पिता और संतान
वेद में परिवार में सब सदस्यों को सामान्य रूप से सहृदयता आदि का उपदेश किया गया है। वेद के माध्यम से भगवान गृहस्थ आश्रम में संतान के (पुत्र वा पुत्री) के अपने माता पिता के प्रति एवं माता पिता के अपने पुत्र (वा पुत्री) के प्रति क्या कर्तव्य हैं इस पर प्रकाश डालता है। माता […]
ग्रेटर नोएडा। किसानों द्वारा नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर्स एंड मेंबर एसोसिएशन (नेफोमा) को पत्र लिखने के बाद अब एसोसिएशन ने इसका जवाब भेजा है। नेफोमा का कहना है कि वह किसान आंदोलन का विरोध नहीं कर रही है। सिर्फ बिल्डरों से अपने आशियाने की मांग की लड़ाई लड़ी जा रही है। किसान चाहें तो नेफोमा […]
महंगाई की मार
टूट गयी है कमर सभी की, महंगाई की मार से।जन-मानस लाचार दुखी है, हावी भ्रष्टाचार से।।भाव दाल का साठ रूपैया।कोई दाल अस्सी की भैया।।सब्जी हो गयी महंगी कितनी,चटनी घिस ले मेरी मैया।। महंगाई से पहले गायब, चीजें होंय बजार से।जन-मानस लाचार दुखी है, हावी भ्रष्टाचार से।।दूध हो गया महंगा कितना।फिर भी दूध में पानी उतना।।दुर्लभ […]
पिलखुवा। कानपुर विश्वविद्यालय की प्रवक्ता डा. बीना रानी गुप्ता ने कहा कि सृजन दुसाध्य कर्म है लेकिन आनंदमय है। महिला ही ऐसी शक्ति है। जिसमें सृजन शक्ति मौजूद है। ये विचार उन्होंने भारत विकास परिषद पिलखुवा द्वारा आयोजित नि:शुल्क महिला प्रशिक्षण शिविर के समापन कार्यक्रम में व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद के पांच […]