नई दिल्ली ( श्रीनिवास आर्य )अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संदीप कालिया ने कहा है कि मां भारती के सच्चे साधक देवता स्वरूप भाई परमानंद को केंद्र की मोदी सरकार को भारत रत्न प्रदान करना चाहिए । श्री कालिया ने उगता भारत के साथ एक विशेष बातचीत में कहा कि भारत के […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
भयभीत होकर कोरोना से नहीं लड़ सकते
ललित गर्ग इस बात में बड़ी सचाई है कि सबसे बुरा वह रोग होता है, जो आपको भीतर तक भयभीत एवं असुरक्षित कर देता है। असुरक्षा का भाव एवं भय बहुत खतरनाक चीज है। इनदिनों यह भय एवं भाव सम्पूर्ण दुनिया में व्याप्त है, सम्पूर्ण मानव जाति के लिये गंभीर खतरा बन गया है, उसे […]
जब जब भी कोई प्राकृतिक आपदा आती है या किसी भी प्रकार से मनुष्य के लिए कोई ऐसी त्रासदी भयानक रूप धारण कर हमारे सामने आती है जो जानलेवा सिद्ध हो सकती हैं , तब स्वभाविक रूप से मनुष्यों के अंदर एक भय पैदा हो जाता है । उस भय को कैसे कैश किया जाए […]
ओ३म् ================= मनुष्य संसार में माता-पिता से एक शिशु के रूप में जन्म लेता है। वह पहली बार जब आंखे खोलता है तो शायद अपनी माता को अपनी आंखों के सम्मुख देखता है। माता के बाद वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों यथा पिता व भाई-बहिनों सहित दादा व दादी आदि को देखता है। इसके […]
ओ३म् =========== संसार में तीन पदार्थ सत्य हैं। इसका अर्थ यह है कि संसार में तीन पदार्थों की सत्ता है। यह तीन पदार्थ अनादि, नित्य, अविनाशी तथा अमर हैं। यह पदार्थ सदा से इस जगत में हैं और अनन्त काल तक रहने वाले हैं। यह तीन पदार्थ हैं ईश्वर, जीवात्मा और प्रकृति। ईश्वर व जीवात्मा […]
1938 में हरिपुरा अधिवेशन के वार्षिक अधिवेशन के लिए सुभाष चंद्र बोस को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था । हरिपुरा में कांग्रेस अधिवेशन के समय सुभाष बोस ने जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय योजना समिति की स्थापना की जिसके सदस्यों में बिङला,लाला श्रीराम, विश्वरैया शामिल थे। 1939 के त्रिपुरी कांग्रेस के वार्षिक […]
भाषा के विषय में जो वर्णन वेद में आया है,वे भी मूलनिवासियों की भाषा के लिए नहीं है।वेदों में आयें हुए ‘ मध्रवाचा ‘ आदि शब्द, जिनको अनार्यों की भाषा कहा जाता है, जांच से सिद्ध नहीं होते कि वे अनार्यों की भाषा के लिए आए है। मिस्टर मूर कहते हैं कि ‘मृध्रवाचा’ से अनार्यो […]
यह भावना हृदय से निकलती है तो अपने समक्ष साक्षात खड़े ईश्वर को भी कृपादृष्टि और दयावृष्टि करने के लिए बाध्य कर देती है। भगवान अपने भक्त पर अपनी कृपा की वर्षा करते हैं – अर्थात उसके दोष निवारण करते हैं। इस भावना से यह स्विष्टकृताहुति यज्ञ में दी जाती है। दोष निवारण की जहां […]
वेदों के विषय में आवश्यक तथ्य
ईश्वरीय ज्ञान की पुस्तक को वेद कहते है। जिसे हम को सृष्टि प्रारंभ में ईश्वर ने दिया। ईश्वर ने वेद को मनुष्य मात्र के कल्याण के लिए प्रदान किया। ऋग्वेद , यजुर्वेद , सामवेद और अथर्ववेद नाम से कुल चार वेद जाने जाते हैं। वेदों के ब्राह्मण ब्राह्मण ग्रंथ हैं :– वेद ब्राह्मण 1 – […]
नई दिल्ली ( विशेष संवाददाता ) अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा नंद किशोर मिश्र ने कहा है कि कोरोना के खिलाफ भयमुक्त वातावरण बनाना समय की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि दुनिया के अनेक कोरोना प्रभावित देशों में भारतीय फंसे हैं, सरकार ने फिर एक बार ईरान और अन्य देशों में […]