हमारे शरीर में स्थित अंतःकरण में चित्त स्थित होकर अपना कार्य करता है। उसका बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। चित् से वृत्तियां उठा करती हैं। चित्त से उठने वाली ये वृत्तियां दो प्रकार की होती हैं – प्रथम बहुमुखी और द्वितीय अंतर्मुखी। मनुष्य को सफल जीवन जीने के लिए चित्त की वृत्तियों को एकाग्र करना […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
अभी हमने हनुमान जयंती मनाई है । साथ ही टी0वी0 चैनलों पर रामायण को भी देख रहे हैं । जिसमें हमारे कई पात्रों के साथ प्रचलित रामायण में पूर्णतया अन्याय किया गया है । विज्ञान के युग में अवैज्ञानिक , अतार्किक और मूर्खतापूर्ण बातें देशवासियों को और नई पीढ़ी को बताई जा रही हैं। जिनसे […]
इस पर भर्तृहरिजी अपने एक श्लोक में प्रकाश डालते हैं :- क्वाचिद्भूमौ शय्याक्वचिदपि च पर्यंकशयनम् क्वचिच्छाकाहारी क्वचिदपि च शाल्योदन रूचि:। क्वचिन्तकन्थाधारी क्वचिदपि च दिव्याम्बर धरो, मनस्वी कार्यार्थी न गणपति दुखं न च सुखम्।। (नीतिशतक 83) भर्तहरि जी स्पष्ट कर रहे हैं कि जो व्यक्ति संकल्प शक्ति के धनी होते हैं, विचारधील और उद्यमी होते हैं, […]
महाराष्ट्र में लगातार बढ़ते कोरोना के मरीजों की संख्या को देख परेशान हुए पूर्व सीएम देवेन्द्र फडनवीस ने तबलीगी जमातियों को लेकर बढ़ा बयान दिया है। फडनवीस ने कहा है कि दिल्ली के मरकज में शामिल हुए तबलीगी जमात के लोग संक्रमित होकर पूरे देश में घूम रहे हैं, जो कि एक मानव बम की […]
अमित सिन्हा , बिहार मैं नारायण का अवतार मर्यादा_पुरुषोत्तम श्रीराम हूं. मानव निर्मित विश्व की प्रथम राजधानी अयोध्या का राजा. अजीब विडंबना है ना..! स्वतंत्र भारत में अपने ही शासकों द्वारा 14 वर्षों से भी अधिक वनवास देने के बाद भी आज अयोध्या सूनी रहेगी. मेरे जन्म स्थान पर चाह कर भी मेरे भक्त अपने […]
सत्यजीत कुमार पिटनी बहु, पुराने समय मे एक मोहल्ले में एक पति पत्नी रहते थे , पति अत्यंत क्रोधी स्वभाव का था। पत्नी को छोटे छोटे से कारण से या बिना कारण भी पीट देता था, पत्नी जोर जोर से चिल्लाती थी, अरे मैय्या बचाओ, दइया बचाओ, पूरा मोहल्ला सुनता था, जब पति काम पर […]
हम कहने के लिए तो स्वतंत्र हैं , परन्तु क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हैं ? यदि इस पर विचार किया जाए तो पता चलता है कि वर्तमान व्यवस्था ने हमारी सारी व्यक्तिगत स्वतंत्रता छीन ली है । आश्चर्य की बात यह है कि हमने इस स्वतंत्रता को स्वयं छिनने दिया है। धीरे-धीरे हम सुविधा […]
नई दिल्ली (सत्यजीत कुमार ) अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संदीप कालिया ने कहा है कि देश में अस्थिरता पैदा करने में लगे तबलीगी लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि जब देश प्रधानमंत्री मोदी के साथ लगकर कोरना जैसी महामारी या बीमारी से लड़ रहा है उस […]
========== महाशय राजपाल प्रथम पीढ़ी के प्रमुख ऋषिभक्तों में से एक थे। वह आर्य साहित्य के प्रमुख प्रकाशक थे। उनका प्रकाशन मैसर्स सरस्वती संस्थान आर्य पुस्तकालय के नाम होता था जिसका मुख्यालय लाहौर था। उन्होंने अपने जीवन में उन्नत स्तर का आर्य साहित्य प्रकाशित कर वैदिक धर्म का प्रचार प्रसार किया। उनका जन्म अमृतसर में […]
============ वैदिक वा पौराणिक मान्यता के अनुसार वीर हनुमान जी का जन्म त्रेतायुग के अंतिम चरण में और फलित ज्योतिष के आचार्यों की गणना के अनुसार 58 हजार 112 वर्ष पहले चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 6.03 बजे भारत देश में आज के झारखंड राज्य […]