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Author: अमन आर्य
अरे ओ आधुनिक विज्ञान, सुना है तुम हो बहुत महान।मेरी भी कुछ शंकाओं का, है क्या तेरे पास निदान?।।अरे ओ आधुनिक विज्ञान। ईश्वर की शक्ति सविता ने, किया था सृष्टि का संचार।आदि काल से ही करता आया, नित नूतन आविष्कार।। पढ़े सुने और देखे तेरे, कितने ही चमत्कार।सोचा तेरे द्वारा होगा, हर प्राणी का उपकार।। […]
आज से लगभग 140 वर्ष पूर्व हमारा समाज अज्ञान व अन्धकार से आवृत्त तथा रूढि़वादी परम्पराओं में जकड़ा हुआ था। सामाजिक विषमता अपने जटिलतम रूप में व्याप्त थी। ऐसे समय में महर्षि दयानन्द ने वेद एवं वैदिक साहित्य से समाज सुधार के क्रान्तिकारी विचारों व मान्यताओं को प्रस्तुत किया था। यह भी तथ्य है कि […]
अशोक प्रवृद्ध भारतीय पौराणिक इतिहास की सबसे महत्?वपूर्ण कथा गंगावतरण, जिसके द्वारा भारतवर्ष की धरती पवित्र हुई, में इक्ष्वाकु वंशीय दिलीप के पुत्र भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर शिव ने गंगा की धारा को देवलोक से भूलोक में गिरते समय अपनी जटा में सम्भालने के लिए हामी भर दी । तब ब्रह्मा के […]
दिल्ली में सरकारों का छाया-युद्ध
विकास नारायण विज्ञापनों में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ही नहीं, पुलिस कमिश्नर बस्सी भी दिल्ली की जनता के प्रति सजग रहना चाहते हैं। यहां तक कि उपराज्यपाल नजीब जंग अपने कार्यकलापों में बेशक रीढ़-विहीन नजर आएं, संशय-विहीन नहीं कहे जा सकते। अन्यथा आरोप-प्रत्यारोप की वर्तमान कवायद में अबूझ क्या है? कौन नहीं जानता कि दिल्ली की […]
मृत्युंजय दीक्षित क्रांतिकारी खुदीराम बोस भारत के ऐये महान सपूत थे जिन्होनें सबसे कम आयु में भारत को आजादी दिलाने के लिए व अग्रेजों के मन में भय उत्पन्न करने के कारण फांसी का फंदा चूम लिया। खुदीराम बोस का जन्म ग दिसम्बर अद्वद्व् को बंगाल के मिदनापुर जिले के एक -गांव में बाबू त्रैलौक्यनाथ […]
बिहार में दिखे परिवर्तन के संकेत
सुरेश हिन्दुस्थानी बिहार में भाजपा के समर्थन में हुई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली ने यह तो प्रमाणित कर ही दिया है, कि अभी उनका जादू समाप्त नहीं हुआ है। भाजपा की इस आमसभा में उमड़ी भीड़ ने निश्चित रूप से राष्ट्रीय जनता दल और जनतादल एकीकृत के सपनों पर तुषारापात किया होगा। प्रधानमंत्री मोदी […]
शांति, अहिंसा, प्रेम, त्याग से, करें सहयोग में वृद्घि।समझें परिवार इस वसुधा को, मित्रभाव से करें समृद्घि। रूलाकर किसी भी प्राणी को, प्रभु हंसना अपना स्वभाव न हो।मानव मानव के मानस में, किंचित भी कोई दुर्भाव न हो। विज्ञान हमें ऐसा देना, जिसमें हृदय का अभाव न हो।नही चाहिए ऐसा स्वर्ग, जहां आपस में सदभाव […]
कृष्ण कान्त वैदिक शास्त्री सु$आङ् अधिपूर्वक इड्-अध्ययने धातु से स्वाध्याय शब्द बनता है। स्वाध्याय शब्द में सु, आ और अधि तीन उपसर्ग हैं। ‘सु’ का अर्थ है उत्तम रीति से ‘आ’ का अर्थ है आद्योपान्त और ‘अधि’ का अर्थ है अधिकृत रूप से। किसी ग्रन्थ का आरम्भ से अन्त तक अधिकारपूर्वक सर्वत: प्रवेश स्वाध्याय कहलाता […]
मनमोहन सिंह आर्य मनुष्य की आत्मा के अल्पज्ञ होने के कारण इसके साथ अविद्या अनादि काल से जुड़ी हुई है। इसका एक कारण जीवात्मा का एकदेशी, ससीम, राग-द्वेष व जन्म-मरणधर्मा आदि होना भी है। ईश्वर सर्वव्यापक, निराकार, सर्वान्तर्यामी एवं सर्वज्ञ है। सर्वज्ञ का तात्पर्य है कि वह जानने योग्य सब कुछ जानता है। वह जीवों […]