गतांक से आगे…. ‘ल’ पाणिनि ने लकार को दस काल तथा अवस्थाओं को प्रकट करने वाला पारिभाषिक शब्दों का ध्वन्यार्थक माना है। इसे इंद्र का विशेषण भी स्वीकार किया गया है। इसे लेने और रमण करने के अर्थों में भी प्रयुक्त किया जाता है। इस वर्ण की आकृति में अकार के मूलाधार से बांयी ओर […]
Author: अमन आर्य
जापानी उद्योगों का हब बनता नीमराना
गोपेन्द्र नाथ भट्टदिल्ली, जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करने वाले नीमराना फोर्ट और आभानेरी जैसी कलात्मक बावडी के लिए देशद्ब्रदुनिया में प्रसिद्घ ऐतिहासिक ‘नीमराना’ कस्बे में इन दिनों जापानी उद्यमियों की चहल पहल देखते ही बनती है। जापान के उद्यमियों द्वारा यहां लगाए जा रहे उद्योगों के कारण यह […]
मनीराम शर्माब्रिटिश सरकार ने भारत के देशी उद्योग धंधों को नष्ट कर दिया था। कच्चा माल ब्रिटेन जाता था और बदले में तैयार माल आता था। इस प्रकार देश का शासन विशुद्ध व्यापारिक ढंग से संचालित था। स्वतंत्रता के पश्चात देशवासियों को आशा बंधी थी कि रोजगार में वृद्धि से देश में खुशाहाली आएगी और […]
गतांक से आगे…..शांता कुमार10 जुलाई को वैस्टमिंटर अदालत में मननलाल का मुकदमा आरंभ हुआ। उसने अपनी जब से पुलिस द्वारा तलाशी में प्राप्त वक्तव्य पढऩे का आग्रह किया। पर पुलिस वक्तव्य मिलने की बात से मुकर गयी। तब मदनलाल ने जबानी ही अदालत में वक्तव्य दिया। उसका वास्तविक वक्तव्य जो बाद में प्रकाशित हुआ था […]
अरविंद छाबड़ाओम जय जगदीश हरे। ये आरती उत्तर भारत में वर्षों से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को स्वर देती रही हैए लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके रचयिता पर ब्रितानी सरकार के खिलाफ प्रचार करने के आरोप भी लगे थे। पंजाब के छोटे से शहर फि ल्लौर के रहने वाले श्रद्धा राम फि […]
विनोद बंसलभारत व्रत पर्व व त्यौहारों का देश है। यूं तो काल गणना का प्रत्येक पल कोई न कोई महत्व रखता है किन्तु कुछ तिथियों का भारतीय काल गणना (कलैंडर) में विशेष महत्व है। भारतीय नव वर्ष (विक्रमी संवत्) का पहला दिन (यानि वर्ष-प्रतिपदा) अपने आप में अनूठा है। इसे नव संवत्सर भी कहते हैं। […]
कलम उठाया जब लिखने को आंसू टपके, लहू भी टपका।हाथों में अखबार जो आया जख्म मिले और दर्द भी टपका।।इलाहाबाद जंक्शन पर मचा भगदड़ का तूफान।वहां पर मौजूद थे मेरे अनुज एडवोकेट शेखर और विरेन्द्रटे्रनों में बैठने की जल्दबाजी में अनेकों मारे गये इंसानदुख भरे हालात में परिजन कर रहे थे अपनों की पहचानजब मुझे […]
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (एसपी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच दूरियां कम होने लगी हैं? एसपी 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन देगी? यूपीए सरकार की नीतियों से तंग मुलायम सिंह किसी और राजनीतिक पार्टनर की तलाश में हैं? अभी भले ही ये बातें महज कयास लगें, लेकिन एसपी चीफ मुलायम […]
‘छ’ छकार को हमारे भाषाविदों ने छाया, आच्छादान, छत्र, परिच्छेद, अखण्ड, छेद आदि का समानार्थक माना है। छत, छाता, छवि, छत्वर: (इसी छत्वर से छप्पर शब्द बना है क्योंकि छत्वर: का एक अर्थ पर्णशाला भी है) छिपना, छिपाना, इत्यादि शब्द छ को छाया आदि का समानार्थक सिद्घ करते हैं। इसकी आकृति में बाहरी ओर से […]
वीरेन्द्र सेंगरनई दिल्ली। वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने 2013-14 के प्रस्तुत किए गए बजट में काफी चतुराई दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने तमाम बजट पूर्वानुमानों को खासे झटके दिए हैं। सत्तारूढ़ कांग्रेस के हलकों में पक्के तौर पर उम्मीद की जा रही थी कि वित्तमंत्री इनकम टैक्स में कर छूट का दायरा जरूर बढ़ाएंगे। ताकि […]