अनुराग मिश्र‘ये कहाँ आ गए है हम’ लता जी की मीठी आवाज़ में गाया ये गाना आज भारतीय सिनेमा के 100 साल की यात्रा पर बिल्कुल फिट बैठता है क्योंकि अपने उदगम से लेकर आज तक भारतीय सिनेमा में इतने ज्यादा बदलाव आये हैं कि कोई भी अब ये नहीं कह सकता कि आज की […]
Author: अमन आर्य
तनवीर जाफ़रीपाकिस्तान की जेल में लगभग 22 वर्ष बिताने वाले भारतीय कैदी सरबजीत की गत् 26 अप्रैल को जेल में किए गए एक जानलेवा हमले के कारण आख़िरकार मौत हो ही गई। गौरतलब है कि सरबजीत को 1990 में लाहौर व फैसलाबाद में हुए बम धमाकों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन धमाकों […]
आपको जानकर आश्चर्य होगा, लेकिन ये बात सौ फ़ीसदी सच है। एक शताब्दी पहले ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना के एक ही इलाके में एडोल्फ हिटलर, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ टीटो, सिग्मंड फ्रॉयड और जोसेफ स्टालिन रहते थे। दुनियाभर की राजनीति को प्रभावित करने वाले इन शख़्सियतों का एक जगह रहना क्या महज़ इत्तेफ़ाक था या कुछ […]
जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर को परमाणु बम बनाने से रोकने के मकसद से क्लिक करेंब्रिटेन ने 70 साल पहले नार्वे का एक दल भेजा था जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के सबसे जाबांज और अहम मिशन को अंजाम दिया था। उस दल के अगुआ और एकमात्र जीवित सदस्य जोकिम रोनेनबर्ग ने बीते गुरूवार को लंदन पहुंचकर […]
लुप्त नवचण्डी ताल
हरिशंकर शर्मा नवचण्डी से सम्बद्घ नवचण्डी ताल एवं नौचंदी के विषय में सोचते ही मेरठ के प्रसिद्घ कवि स्वग्रीय रघुवीर शरण मित्र की निम्न पंक्तियां अनायास ही याद आ जाती हैं-जब से धरा जब से गगन, तब से बने फल फूल हैं,सब मेल मेले रात दिन, हर जिंदगी के मूल हैं।हम हर्ष से उत्कर्ष से, […]
हम कहां थे, कहां पहुंचे?
डा. चंद्रकांत गर्जेकिसी समय भारत की कृषि लहलहाती थी, यहां की भूमि हीरे मोती उगलती थी, दूध की नदियां बहती थीं, सोने का धुआं निकलता था। समाज में नैतिकता थी न्याय था, सत्य धर्म था, धर्मराज्य था, राष्ट्रधर्म था, आदर्श परिवार थे, समाज आदर्श था कोई आडंबर नही था। विद्या ज्ञान, विज्ञान था। भारत विश्व […]
डा0 कुलदीप चंद अग्निहोत्रीजम्मू कश्मीर राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 25 मार्च 2013 को राज्य विधान सभा में कहा कि जो लोग चिल्लाते रहते हैं कि जम्मू कश्मीर भारत का अटूट अंग हैं वे भूल जाते हैं कि राज्य का भारत में विलय केवल तीन विषयों, सुरक्षा, संचार और विदेश सम्बंधों को लेकर हुआ […]
इंकलाब जिंदाबाद-1
शांता कुमारस्वतंत्रता के लंबे युद्घ में कई लड़ाईयां लड़ी गयीं। क्रांतिकारी वीरों के पिस्तौल व बमों के कई धमाके हुए, पर उन सबको समान महत्व प्राप्त न हो सका। उन सबके पीछे त्याग, तपस्या व बलिदान की भावनाएं यद्यपि एक सी ही थीं तो भी समय की विशेष परिस्थितियों के महत्व के कारण उनमें से […]
भारत में मुख्यतौर पर चार प्रकार की मिट्टियाँ पाई जाती हैं-(1) जलोढ़ मिट्टी-यह मिट्टी नदियों द्वारा बहाकर लाए गये पदार्थों के जमाव से बनी होती है। यह सबसे अधिक उपजाऊ मिट्टी है। इसमें चिकनी मिट्टी तथ बारीक रेत का मिश्रण है। इसे रासायनिक गुण रबी तथा खरीफ की अच्छी फसल पैदा करते हैं। यह उत्तर […]
मौसम के हिसाब से खाएं
जनवरी से मार्च : बहुतायत में उपलब्ध फल-सब्जियों के जूस का नियमित सेवन करें। मकर संक्रान्ति के मौके पर मूंग दाल की खिचड़ी खाएं। घी, अदरक और लहसुन को भोजन में शामिल करें। गर्म तासीर वाले भोजन को प्राथमिकता दें। मार्च से मई : जौ, चना, ज्वार, गेहूं, चावल, मूंग, अरहर, मसूर, बैंगन, मूली, बथुआ, परवल, करेला, […]