आम चुनाव 2014 में उत्तर प्रदेश के बारे में एक चौंकाने वाला तथ्य ये आया है कि इस बार इस प्रदेश से एक भी मुस्लिम सांसद लोकसभा में नही पहुंच पा रहा है। जबकि सपा, बसपा और कांग्रेस ने इस बार 44 मुस्लिमों को अपना-अपना प्रत्याशी बनाया था। इसके अलावा उलेमा कौंसिल, आम आदमी पार्टी, […]
Author: अमन आर्य
नमो की मेहनत ने किया नये युग का सूत्रपात
2 सीटों से शुरू हुआ भारतीय जनता पार्टी का कारवां यूं बढ़ता हुआ इतनी जल्दी 272 के जादुई आंकड़ें को छू लेगा, इसकी कल्पना शायद ही किसी ने की हो। मात्र 3 दशक पुरानी पार्टी यदि 16वीं लोकसभा चुनाव के बाद पूर्ण बहुमत में आकर सरकार बना रही है तो इसका श्रेय नि:संदेह पार्टी के […]
आज का चिंतन-24/05/2014
सच्चाई का प्रतीक होते हैं आँसू – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आँसू और पवित्रता के बीच गहरा रिश्ता है। ये एक-दूसरे के पर्याय हैं। आँसू अपने आप में इतने पवित्र होते हैं कि इनसे ज्यादा शुचिता किसी और द्रव में कभी हो ही नहीं सकती। ये केवल बूँदें नहीं होती बल्कि इंसान के मन-मस्तिष्क […]
‘आप’ को खा गये उसी के ‘पाप’
भारतीय राजनीति में जितनी तेजी से ‘आप’ का उदय हुआ उतनी ही तेजी से उससे लोगों का मोह भी भंग हो गया। वास्तव में इस पार्टी के इतनी शीघ्रता से मिट जाने के लिए इसके नेतृत्व का ‘बचकानापन’ ही अधिक जिम्मेदार रहा। दिल्ली में सत्ता की बागडोर इन्होंने संभाली और अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री […]
आज का चिंतन-21/05/2014
शब्दों की ताकत खो देते हैं ज्यादा बोलने वाले – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हर अक्षर, शब्द और वाक्य अपने आप में कोई न कोई ऎसा सूक्ष्म प्रभाव व महानतम ऊर्जा समाहित किए हुए होता ही है जो पिण्ड से लेकर ब्रह्माण्ड तक में महापरिवर्तन की भावभूमि रचने में समर्थ होता है। आदिकाल से […]
चुनाव परिणामो के निहित अर्थ
राकेश कुमार आर्यइतिहास मे नया अध्याय पलटना बड़ा सरल है,परंतु नया इतिहास लिखना बड़ा कठिन है। वैसे इतिहास की भी ये प्रकृति और प्रवृति है कि वह कदमताल करते काल को धक्का देकर उसकी गति बढ़ाने के लिए समकालीन समाज को प्रेरित भी करता है और आंदोलित भी ।……. और यही हुआ है भारत के […]
जम्मू कश्मीर में शेख़ अब्दुल्ला परिवार आजकल पंथ निरपेक्षता को लेकर आग उगल रहा है। महरुम शेख़ अब्दुल्ला के सुपुत्र और केन्द्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला, आगे उनके फरजन्द और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दोनों घाटी में हकलान हो रहे हैं और लोगों को बता रहे हैं कि केन्द्र में भाजपा की सरकार आ […]
टूटना शाख से एक सुर्ख गुलाब का
जब सत्ताधीशों के अपनी गलत नीतियों के कारण मस्तिष्क सठिया जाते हैं और जब देश किन्हीं भी कारणों से सामाजिक, आर्थिक राजनीतिक और धार्मिक आदि मोर्चों पर मार्गदर्शन की मांग करने लग जाता है, तब एक राष्ट्रसाधक लेखक अपनी लेखनी से नवसृजन की नींव रखता है और भटके हुए राजनीतिज्ञों को सही राह दिखाकर अपनी […]
आज का चिंतन-18/05/2014
यह वक्त है आत्मचिंतन का – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com संक्रमण का वह दौर अब समाप्त हो चुका है जब चारों तरफ उद्विग्नता और ऊहापोह वाली वो स्थिति थी जिसमें चित्त से लेकर सब कुछ कभी उछाले मारने लगा था, कभी गहरे तक डुबकी। आसमान से जात-जात के बादलों को हवाएं उड़ा ले गई और […]
गतांक से आगे……. एक समय था कि विदेशी कंपनियां भारत से कच्ची हड्डी भी खरीदा करती थीं। गुजरात की जिलेटिन कंपनियों ने जब मोरारजी भाई से इस बारे में शिकायत की कि उनका कच्चा माल विदेश चले जाने से उनके बनाए हुए जिलेटिन का मूल्य अधिक हो जाता है, इसलिए हम स्पर्धा में पिछड़ जाते […]