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Author: अमन आर्य
आज का युग
नयी सदी से मिल रही, दर्द भरी सौगात!बेटा कहता बाप से, तेरी क्या औकात!!अब तो अपना खून भी, करने लगा कमाल!बोझ समझ माँ-बाप को, घर से रहा निकाल!!पानी आँखों का मरा, मरी शर्म औ लाज!कहे बहू अब सास से, घर में मेरा राज!!भाई भी करता नहीं, भाई पर विश्वास!बहन पराई हो गयी, साली खासमखास!!मंदिर में […]
-मनमोहन कुमार आर्य- महर्षि दयानन्द की यथार्थ जन्मतिथि 12 फरवरी सन् 1825 है। इस दिन शनिवार था। हिन्दी तिथि के अनुसार इस दिन फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी थी। इस तिथि के निर्धारण में ऋषि भक्त डॉ. ज्वलन्त कुमार शास्त्री का प्रमुख योगदान है। यद्यपि पूर्व तिथियों में पं. भीमसेन जी शास्त्री द्वारा […]
‘विटप एवं वसुधा’
‘ये प्रथ्वी एक नगीना है,जिसमें सबको जीना है !इसमें सबको खाना है,इसी मे सबको पीना है !!’ ‘इस पीने की प्यास ने हमसे,बहुत बहुत कुछ छीना है !जीवन रूपी इस उपवन का,हर इक पंक्षी रीना है !! ‘ ‘वृक्ष काटकर हमने इस पर,जुल्मों को जो ढाया है !किया उत्खनन इसका हमने,इसको बहुत सताया है !!’ […]
– डॉ. दीपक आचार्य9413306077dr.deepakaacharya@gmail.com किसी भी इंसान की जन्मकुण्डली और परिवार की जानकारी न भी हो तब भी उसके चिंतन, कर्म और व्यवहार के बारे में सटीक जानकारी उसके संगी-साथियों से प्राप्त की जा सकती है। आमतौर पर व्यक्ति का संपर्क किसी से भी हो सकता है लेकिन निकटता उन्हीं लोगों के साथ होती है जैसी उसकी […]
महात्मा गांधी के बाद संभवत: पहली बार किसी बड़ी राजनैतिक शख्सियत ने हम हिंदुस्तानियों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए अपने व्यापक राजनैतिकए आर्थिकए सामाजिक दृष्टिकोण का ऐलान तो किया हीए कुछ बुनियादी समस्याओं की भी नब्ज पकडऩे की कोशिश […]
बुरा लगे चाहे गांधी को
जर्जर ईटो से तुम कब तक,भला रोक सकोगे आँधी को सच बोलुँगा अब मैं यारो,बुरा लगे चाहे गाँधी को । क्यूँ इतिहास छिपा रखा है, बोलो सन् सत्तावन कागाँधी का फोटो छापा क्यूँ नोटो पर मरणासन्न का रस्सी तुमने ढूँढ निकाली बकरी वाली गाँधी की,भगत की रस्सी कब ढूँढोगे, जिसपर उसको फाँसी दी गाँधी-नेहरू के […]
मनमोहन कुमार आर्य संसार में तीन पदार्थ अनादि हैं ईश्वर जीव व सृष्टि। जीवात्मा का स्वरूप सत्यए चेतन अल्पज्ञ एकदेशी सूक्ष्म आकार रहित जन्म.मरण धर्म शरीर को धारण करना अपने ज्ञान व अज्ञान के अनुसार अच्छे व बुरे कर्म करना ईश्वर उपासना अग्निहोत्र करना माता.पिता.आचार्यों व अतिथियों की सेवा सत्कार आज्ञा पालन आदि का करना […]
पी.एम. मोदी के नाम खुला पत्र
महर्षि दयानंद की ये उपेक्षा क्यों श्रद्घेय प्रधानमंत्री जी,राष्ट्र की चेतना को झंकृत कर चेतना में से निकलकर चेतना में ही समाहित हो जाने वाले, स्वाधीनता दिवस की पावन बेला पर लालकिले की प्राचीर से दिये गये अपने अनुपम और अद्वितीय संबोधन के लिए बधाई स्वीकारें। सारा देश आपके साहस और वक्तृत्व शैली की मुक्तकंठ […]
मोदी बोले:इदं राष्ट्राय: इदन्न मम्
राकेश कुमार आर्यदेश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 68वें स्वाधीनता दिवस की पावन बेला पर लालकिले की प्राचीर से मर्दानी, वरदानी और बलिदानी भाषा बोलकर देश को गदगद कर दिया, उनके ओज को देखकर ‘शत्रु’ अपनी चाल भूल गया।सुरक्षात्मक भाव को तिलांजलि दे अपने आक्रामक स्वभाव के लिए जाने-जाने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने […]