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राजनीति

सफलता के आगे विफलता बेबस, मोदी सरकार ने पूरे किए 100 दिन

मोदी सरकार ने 3 अगस्त को 100 दिन पूरे कर लिए। बीते 100 दिन भारतीय जनता के लिए बड़ी उम्मीदों और आशा पर टिका हुआ था क्योंकि यूपीए के 10 साल के कार्यकाल में घोटालों की संख्या, भ्रष्टाचार व महंगाई चरम पर पहुँच गयी थी। इन सबसे मुक्ति पाने के लिए ही जनता ने भाजपा […]

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प्रमुख समाचार/संपादकीय

हमेशा बने रहने चाहिएं बुराई करने वाले निंदक

आजकल आम आदमी से लेकर बड़े से बड़ा आदमी और किसी से परेशान भले न हो, अपनी बुराई और निंदा करने वालों से हैरान जरूर रहने लगा है। अधिकांश लोगों के तनाव की मूल वजह यही है। अधिकतर लोगों को लगता है कि चाहे वे कितने ही अच्छे हों, कितने ही अच्छे काम करते हों, […]

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राजनीति

वाह प्रधानमंत्री जी ! कमाल कर दिया आपने

देश के भविष्य से सीधे रूबरू होकर हमारे माननीय प्रधानमंत्रीजी ने कमाल ही कर दिया। देश भर के बच्चों से मुखाबित होते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से भारतीय इतिहास, वर्तमान, सम सामयिक हालातों, भविष्य की संभावनाओं और आम आदमी से लेकर दुनिया में भारत की अग्रणी पहचान बनाने के बारे में जो […]

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महत्वपूर्ण लेख

शिक्षक अपने सामथ्र्य को पहचानें

किसी भी देश के लिए जितना शिक्षक महत्वपूर्ण होता है उतना और कोई नहीं। सभी प्रकार के दायित्वों में आरंभिक नींव है तो वह शिक्षक ही है। शिक्षक अपने आप में ऎसा विराट शब्द है जिसे आत्मसात करना मामूली नहीं है। फिर जो इसका अर्थ समझ लेते हैंउनके लिए दुनिया के सारे काम-काज गौण हो […]

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महत्वपूर्ण लेख

शिक्षा के बाजारीकरण से लुप्त हो रहा गुरू-शिष्य प्रेम

निर्भय कुमार कर्ण शिक्षक और छात्र के बीच प्रथम दृष्टतया अनुशासनात्मक संबंध होता है। शिक्षण व्यवस्था में शिक्षक और छात्र दोनों की अहम भूमिका है। दोनों आपस में एक गति और लय से आगे बढ़े, तभी विकास संभव है।देखा जाए तो जब तक अनुशासन परस्पर कायमरहता है तब तक शिक्षक और छात्र के बीच का […]

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प्रमुख समाचार/संपादकीय

क्या कहा जाए? गुरुजी या टीचर

राष्ट्रनिर्माता के रूप में शिक्षकीय भूमिका को कोई नकार नहीं सकता। जिन बुनियादी तत्वों से समाज और देश बनता है उसकी मजबूत इकाई शिक्षक के पास होती है और उसी के हाथ में होता है कि वह परमाण्वीय क्षमताओं से युक्त नई पौध को किस प्रकार के साँचे में ढालता है। राष्ट्र निर्माण की इकाई […]

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स्वर्णिम इतिहास

गोडसे ने गांधी को क्यों मारा-2

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प्रमुख समाचार/संपादकीय

ओ३म्:पीयूष धारा-2

ओ३म् अकायम अपाप-विद्घम्परि-अगात शुक्रम् अरू शुद्घमकविर्मनीषी नित्य स्वयम्भूओ३म् शाश्वत सूक्ष्म परिभू ।। 30 ।। जिसका है जग में उजियारासत्य सनातन ओ३म् हमाराओ३म् पिता सबकी सुध लेताठीक ठीक सबको फल देता ।। 31 ।। ओ३म् अदृश्य अखण्ड असंगीसृष्टि है जिसकी बहुरंगीकालों का भी काल ओ३म् हैदाता दीन दयाल ओ३म् है ।। 32 ।। समय अमोलक जानकर […]

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महत्वपूर्ण लेख

कबर्धा में देश के संतों ने ‘धर्म संसद’ में भी हुंकार

आलोक मिश्ररायपुर। यहां कबीरधाम (कबर्धा) में आयोजित धर्मसंसद में सर्वसम्मत निर्णय लिया गया कि सांई को भगवान नही माना जा सकता और सांई की उपासना करने से भारतीय धर्म और संस्कृति को असीम संकट है। यहंा देश के कोने-कोने से उपस्थित हुए देश के संतों ने शास्त्रों के प्रमाण दे देकर सिद्घ किया कि एक […]

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महत्वपूर्ण लेख

कश्मीर में ‘तीन सौ सत्तर’ बाधाएं

राकेश कुमार आर्य मोदी सरकार बड़ी सावधानी से फूंक-फूंक कर कदम  आगे बढ़ा रही है। मोदी ने अपनी सरकार की छवि ‘बातें कम-काम अधिक’ वाली बनाने का प्रयास किया है। उनकी सोच ‘चुपचाप काम में लगे रहो और परिणामों पर जनता  की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा करो’ वाली है। वह सही समय पर नपा-तुला बोलना पसंद […]

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