ब्रजकिशोर सिंह मित्रों,आपलोग इस शीर्षक को देखकर जरूर चौंक सकते हैं लेकिन हकीकत तो जो है सो है। जम्मू-कश्मीर और झारखंड दोनों ही राज्यों के चुनाव-परिणाम स्पष्ट तौर पर यही दर्शाते हैं कि भारत की जनता का अभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में विश्वास बना हुआ है लेकिन साथ-ही चुनावों के नतीजों से यह भी […]
Author: अमन आर्य
डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री नैशनल डैमोक्रेटिक फ़्रंट आफ बोडोलैंड (सोंगबिजित) के धड़े ने पिछले दिनों असम प्रदेश के दो जिलों शोणिचपुर और कोकराझार में जो नर संहार किया उससे मानवता भी लज्जित हो जाये । इस गिरोह के लोगों ने पाँच अलग अलग स्थानों के गाँवों में लगभग ८० से भी ज़्यादा लोगों को […]
आज अटलजी से बेहतर भारत रत्न कौन!
आज के दिन भारत रत्न के लिए श्री अटलबिहारी वाजपेयी से बेहतर उम्मीदवार कौन हो सकता था और उनको यह सम्मान कॉंग्रेस सरकार देती तो उससे बेहतर क्या होता? लेकिन यह श्रेय मोदी सरकार को ही मिलना था। अब तक कॉंग्रेसी अटल बिहारी वाजपेयी को ‘गलत पार्टी में सही आदमी’कहते रहे| उन्होंने वह मौका खो […]
-डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जम्मू कश्मीर की विधान सभा के लिये हुये चुनावों के जो परिणाम २३ दिसम्बर को सामने आये , उन्होंने प्रकारान्तर से राज्य के राजनैतिक इतिहास को बदल दिया है । राज्य की राजनीति १९४७ से एक ही दिशा में चली हुई थी और उस का परिणाम राज्य में भ्रष्टाचार , […]
“स्वक्छता अभियान” के प्रभाव से मालाड बी एम सी कर्मचारी जोश में मुंबई। सामाजिक संस्था ‘गांधी विचार मंच’ के अध्यक्ष श्री. मनमोहन गुप्ता द्वारा मालाड (वेस्ट) में रेलवे ब्रिज के पास “स्वक्छता अभियान” की शुरुवात कर रक्खा है। और मोदी जी के “स्वक्छता अभियान” के बाद से पूरे देश में यह जोर शोर से चालू […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी “मेरा एक ही संदेश है कि राजधर्म का पालन करें। राजधर्म….। यह शब्द काफी सार्थक है। मै इसी का पालन कर रहा हूं। पालन करने का प्रयास कर रहा हूं। राजा के लिये शासक के लिये प्रजा प्रजा में भेद नहीं हो सकता। ना जन्म के आधार पर ना जाति के आधार […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी चुनावी लोकतंत्र फेल हुआ तो बंदूक थामी। सिस्टम को लेकर गुस्सा चरम पर पहुंचा तो पत्थर उठाया। और जिन्दगी जीने की जरुरतो ने सपनों को जगाया तो वोट डाल कर अंगुली पर लोकतंत्र के उसी चिन्ह से एक ऐसी सियासी लकीर खींच दी, जिसे दिल्ली चाहकर भी भूल नहीं सकती है। क्योंकि […]
मोदी की मौनी-मुद्रा
संसद के शीतकालीन सत्र में राज्यसभा की बैठकें हंगामे की भेंट चढ़ गईं। कई महत्वपूर्ण विधेयक अधर में लटक गए। जिस मुद्दे को लेकर हंगामा होता रहा, उस पर भी कोई सारगर्भित बहस नहीं हुई। धर्मांतरण-जैसा गंभीर मुद्दा भी राजनीति की भेंट चढ़ गया। इसका कारण सिर्फ एक है- विपक्ष की जिद। उसकी जिद यह […]
प्रो. राजेन्द्र सिंह विगत एक सहस्र वर्ष से भारतवर्ष को वह बनाने की निरंतर चेष्टा की जा रही है जो इस सर्व प्राचीन राष्ट्र की सहज प्रकृति से कतई मेल नही खाता। विदेशी आक्रांता शासकों ने इस देश के मूलभूत स्वरूप को मिटाने के लिए बृहद हिंदू समाज पर अनगिनत अत्याचार किये थे। समय पाकर […]
शायद यह भारत-पाक का नया अध्याय?
पेशावर के नर-संहार ने पाकिस्तान की जनता को जगा दिया है, इसमें जरा भी शक नहीं है। पाकिस्तान में शायद ही कोई आम आदमी होगा, जिसका दिल न दहल गया हो। लगता है, पाकिस्तान की जनता अब पूरी तरह से आतंकवाद के खिलाफ हो गई है। शायद इसीलिए प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने पहली बार यह […]