भारत के सकल घरेलू उत्पाद में उद्योग क्षेत्र का बढ़ता योगदान

images (80)

वित्तीय वर्ष 2023-24 की द्वितीय तिमाही, जुलाई-सितम्बर 2023, के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि के आंकड़े भारत सरकार द्वारा जारी कर दिए गए हैं। इस वर्ष द्वितीय तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दर विभिन्न वित्तीय संस्थानों द्वारा लगाए गए अनुमानों से बहुत ऊपर रही है। विभिन्न अर्थशास्त्रियों द्वारा दिए गए 6.8 प्रतिशत के अनुमान से बहुत अधिक अर्थात यह वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत की रही है, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 की द्वितीय तिमाही में 6.2 प्रतिशत की रही थी। भारत में इस वर्ष द्वितीय तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में दर्ज की गई वृद्धि की तुलना में अन्य देशों के सकल घरेलू उत्पाद में तिमाही के दौरान वृद्धि दर बहुत कम रही है। फिलिपींस में 5.9 प्रतिशत, रूस में 5.5 प्रतिशत, वियतनाम में 5.33 प्रतिशत, अमेरिका में 5.2 प्रतिशत, चीन में 4.9 प्रतिशत, मलेशिया में 3.3 प्रतिशत, थाईलैंड में 1.5 प्रतिशत, ब्रिटेन में 0.6 प्रतिशत, यूरो क्षेत्र में 0.1 प्रतिशत, जर्मनी में रिणात्मक 0.4 प्रतिशत एवं जापान में रिणात्मक 2.1 प्रतिशत वृद्धि दर दर्ज की गई है। इस प्रकार भारत पूरे विश्व में लगातार सबसे तेज गति से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

हर्ष का विषय तो यह है कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद में जुलाई-सितम्बर 2023 तिमाही के दौरान 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर में मुख्य योगदान उद्योग क्षेत्र का रहा है। भारत के उद्योग क्षेत्र ने इस दौरान 13.2 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है, जो कि हाल ही के समय में अपने आप में एक रिकार्ड है। वित्तीय वर्ष 2022-23 की द्वितीय तिमाही, जुलाई-सितम्बर 2022 के दौरान उद्योग क्षेत्र ने रिणात्मक 0.5 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की थी। उद्योग क्षेत्र के अंतर्गत, विनिर्माण क्षेत्र ने 13.9 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान रिणात्मक 3.8 प्रतिशत थी। ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र ने 10.1 प्रतिशत की वृद्धि दर, माइनिंग क्षेत्र ने 10 प्रतिशत, कन्स्ट्रक्शन क्षेत्र ने 13.3 प्रतिशत की आकर्षक वृद्धि दर हासिल की है। इन समस्त क्षेत्रों में रिकार्ड वृद्धि दर से भारत में रोजगार के करोड़ों नए अवसर निर्मित हुए हैं, जिसके चलते बेरोजगारी की दर में भी कमी दृष्टिगोचर हुई है।

भारत में प्रत्येक वर्ष अक्टोबर-नवम्बर माह में दीपावली एवं अन्य कई महत्वपूर्ण त्यौहारों का मौसम रहता है। इन त्यौहारों के दौरान भारत के नागरिकों द्वारा विभिन्न उत्पादों की भारी मात्रा में खरीददारी की जाती है। ऐसा आभास है कि अकटोबर-नवम्बर में पड़ने वाले विभिन्न त्यौहारों को ध्यान में रखते हुए जुलाई-सितम्बर 2023 तिमाही में ऑटोमोबाइल, फ्रिज, टीवी, मोबाइल फोन, आदि जैसे विभिन्न उत्पादों का भारी मात्रा में उत्पादन विनिर्माण इकाईयों द्वारा किया गया है। जिसके चलते इस तिमाही में विनिर्माण इकाईयों ने भारी भरकम 13.9 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है। भारत में कन्स्ट्रक्शन क्षेत्र ने भी रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते इस क्षेत्र में आकर्षक 13.3 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर ली गई है। अकटोबर 2023 माह में भी कोर क्षेत्र के उद्योगों ने 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है।

इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के चलते देश के कई क्षेत्रों में मानसून की बारिश ठीक तरह से नहीं हो पाई है। इसका विपरीत प्रभाव कृषि क्षेत्र पर स्पष्टत: पड़ता हुआ दिखाई दिया है। कृषि क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2023-24 की द्वितीय तिमाही में केवल 1.2 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की जा सकी है, जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में 2.5 प्रतिशत की रही थी। भारत में कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिये जाने की अत्यधिक आवश्यकता है क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पूरे विश्व में ही खाद्य उत्पादों की भारी कमी महसूस की जा रही है। भारत, इस स्थिति का लाभ उठा सकता है एवं पूरे विश्व को ही खाद्य पदार्थों की आपूर्ति कर सकता है। रबी मौसम की बुआई का कार्य प्रगति पर है। यदि खाद्य पदार्थों की बुआई के क्षेत्रफल में भारी विस्तार किया जा सके तो खाद्य पदार्थों के उत्पादन में भारी वृद्धि की जा सकती है। आज पूरा विश्व ही खाद्य पदार्थों के लिए भारत की ओर टकटकी लगाए है एवं आशाभरी नजरों से भारत की ओर देख रहा है।

वित्तीय वर्ष 2023-24 की द्वितीय तिमाही में सेवा क्षेत्र में रिकार्ड की गई वृद्धि दर ने जरूर निराश किया है। इस दौरान सेवा क्षेत्र ने 4.8 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज की गई वृद्धि दर 9.4 प्रतिशत की तुलना में बहुत कम है। इस वर्ष द्वितीय तिमाही में हासिल की गई वृद्धि दर से आश्चर्य भी हुआ है क्योंकि विभिन्न बैकों द्वारा प्रदान किए जा रहे ऋणों में वृद्धि दर लगातार दहाई के आंकड़े पर बनी हुई है, होटल लगातार अपनी स्थापित क्षमता का भरपूर उपयोग करते हुए दिखाई दे रहे हैं, रेल्वे एवं हवाई जहाज का उपयोग भी लगातार उच्चत्तम स्तर पर बना हुआ है। फिर भी, वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र ने 6 प्रतिशत एवं व्यापार एवं होटल क्षेत्र ने 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है। इसी प्रकार निजी क्षेत्र में अंतिम उपभोग में भी केवल 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की जा सकी है। भारत को यदि शीघ्र ही विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था के रूप में देखना है तो भारत के निजी क्षेत्र के लिए अपने उपभोग में वृद्धि करना अब आवश्यक हो गया है।

यह तो सरकारी क्षेत्र के अंतिम उपभोग में भारी भरकम 12.4 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है, एवं केंद्र सरकार के पूंजीगत व्यय में भारी भरकम वृद्धि रही है जिसके चलते देश में पूंजी निर्माण में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। जो अंततः इस तिमाही के दौरान 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने के पीछे मुख्य कारक बन गया है। आगे आने वाले समय में लोक सभा चुनावों को देखते हुए सम्भवत: केंद्र सरकार के अंतिम उपभोग में और अधिक वृद्धि होने की सम्भावना है एवं इस दौरान केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय भी अभी और तेजी से बढ़ेगा जिसके कारण वित्तीय वर्ष 2023-24 की तृतीय एवं चतुर्थ तिमाही में भी सकल घरेलू उत्पाद में आकर्षक वृद्धि दर रहने की भरपूर सम्भावना है। साथ ही, इस वर्ष नवम्बर 2023 माह में दीपावली एवं अन्य त्यौहारों के चलते लगभग 4 लाख करोड़ रुपए का व्यापार दर्ज हुआ है तथा देश में विभिन्न तीर्थ स्थलों पर भारी मात्रा में भारतीय नागरिक धार्मिक पर्यटन करते हुए दिखाई दे रहे हैं और आगे आने वाले माह में देश में शादियों के मौसम के चलते भी नागरिकों के खर्च में भारी भरकम वृद्धि होगी, इसका प्रभाव, तृतीय तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर पर भी देखने को मिलेगा।

कुल मिलाकर भारतीय सनातन संस्कृति के पालन (धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए जाते भारतीय, विभिन्न भारतीय त्यौहारों को बड़े उत्साह से मनाते भारतीय) से भी भारतीय अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है और देश के सकल घरेलू उत्पाद में प्रथम तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि के बाद अब द्वितीय तिमाही में भी 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की जा सकी है। अब तो पूरा विश्व ही आश्चर्य कर रहा है भारत विभिन उत्पादों के लिए अपनी आंतरिक मांग के आधार पर अपने सकल घरेलू उत्पाद में अतुलनीय वृद्धि दर हासिल कर रहा है एवं इस दृष्टि से भारत की विदेशी व्यापार पर निर्भरता बहुत ही कम है।

प्रहलाद सबनानी

सेवा निवृत्त उप महाप्रबंधक,

भारतीय स्टेट बैंक

के-8, चेतकपुरी कालोनी,

झांसी रोड, लश्कर,

ग्वालियर – 474 009

मोबाइल क्रमांक – 9987949940

ई-मेल – psabnani@rediffmail.com

Comment:

Latest Posts

hititbet giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
hititbet giriş
hititbet güncel giriş
vdcasino giriş
vdcasino güncel giriş
vdcasino giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hitit medya
Hititbet Giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
tuzla cilt bakım merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet
hititbet güncel adres
hititbet 2026
hititbet giriş
hititbet giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
solobet giriş
hititbet giriş
kralbet
betnano
betnano
betnano
kralbet
kralbet
kralbet
setrabet
setrabet
kralbet
hititbet
hititbet
Tuzla Cilt Bakım
İstanbul Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet Giriş
Hititbet Giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla İpek Kirpik
Tuzla Lenf Drenaj
Kolaybet Giriş
Betgaranti Giriş
kralbet
kralbet
betnano
betnano
Hititbet Giriş
kralbet
betnano
kralbet
Hititbet App
hititbet giriş
hititbet
kralbet
kralbet
betnano
betnano
kralbet
kralbet
xslot giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet
grandpashabet
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
xslot giriş
xslot giriş
sahabet
sahabet
xslot giriş
xslot giriş
betorder giriş
betgaranti giriş
Hititbet Giriş
kralbet
kralbet
betnano
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpas giriş
betpas giriş
goldenbahis giriş
goldenbahis giriş