कांग्रेस शासित प्रदेशों में बदहाली से जूझता किसान

rahul-gandhi-farmer

कांग्रेस पार्टी किसानों और आदिवासियों की हितैषी होने का सिर्फ दावा ही करती है, हकीकत में उसे इससे कोई सरोकार नहीं है। कांगेस एक ओर तो बीजेपी सरकार पर किसानों कि दुर्दशा का झूठा आरोप लगा रही है। इससे लिए फर्जी आंकड़ों की बुकलेट निकाली है, दूसरी ओर कांग्रेस शासित सरकारों के राज में कांग्रेस आत्महत्या करने के मजबूर हैं। राजस्थान के बाद अब छत्तीसगढ़ में खुलासा हुआ है कि बघेल सरकार की अनदेखी के चलते राज्य के किसान लगातार सुसाइड कर रहे हैं। राजस्थान में दस दिन में कर्जमाफी का राहुल गांधी का वादा भी खोखला ही साबित हो रहा है।

आदिवासी और अनुसूचित जाति वर्ग के किसान भी पी रहे खून के आंसू

राज्य के कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2020 से पिछले साल नवंबर तक राज्य में 230 किसानों ने आत्महत्या की है। इनमें 97 किसान आदिवासी और 42 अनुसूचित जाति वर्ग के थे। राज्य में कृषि आय में बढ़ोतरी न होने और कर्ज के बोझ तले दबे होने के कारण किसान और खेतिहर मजदूर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। राज्य की बघेल सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। कृषि विभाग के अनुसार 2020 में राज्य में कुल 151 किसानों ने आत्महत्या की है। इनमें से 59 आदिवासी और 29 अनुसूचित जाति वर्ग से हैं।

बिलासपुर जिले में सबसे ज्यादा किसान आत्महत्या करने को मजबूर
बिलासपुर ज़िले में 2020 में सर्वाधिक 90 किसानों ने आत्महत्या की। इनमें 28 आदिवासी किसान हैं, जबकि 25 अनुसूचित जाति के हैं। इसी तरह सरगुजा ज़िले में 20 आदिवासी और 2 अनुसूचित जाति के किसानों समेत कुल 34 किसानों ने आत्महत्या की। कोरबा ज़िले में जिन 12 किसानों की आत्महत्या के मामले दर्ज किए गये हैं, उनमें 9 आदिवासी और एक अनुसूचित जाति के किसान हैं। इसके अलावा कबीरधाम में 5, राजनांदगांव में 5, दुर्ग में 3, बलरामपुर में 1 और कोंडागांव में एक किसान ने आत्महत्या की है।

38 आदिवासी और 13 अनुसूचित जाति के किसानों ने सुसाइड किया
कृषि विभाग के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2021 में 79 किसानों ने आत्महत्या की है। इनमें 38 किसान आदिवासी और 13 अनुसूचित जाति वर्ग के थे। इस साल सर्वाधिक 37 किसानों ने सरगुजा ज़िले में आत्महत्या की है। इसके अलावा बिलासपुर ज़िले में 34 किसानों ने आत्महत्या की है। राजनांदगांव ज़िले में 4, कबीरधाम में 3 और दुर्ग ज़िले में 1 किसान की आत्महत्या का मामला सामने आया है।

छत्तीसगढ़ में 537 किसानों और खेतिहर मजदूरों ने सुसाइड किया
एनसीआरबी की रिपोर्ट बताती है कि 2020 में छत्तीसगढ़ में अपनी ज़मीन पर खेती करने वाले 209 पुरुष और 9 महिलाओं यानी कुल 218 किसानों ने आत्महत्या की। इसी तरह किसी और की ज़मीन ले कर खेती करने वाले 9 पुरुषों ने आत्महत्या की। कृषि क्षेत्र के मज़दूरों की बात करें तो 2020 में 281 पुरुषों और 29 महिलाओं, यानी कुल 310 लोगों ने आत्महत्या की। इस तरह अकेले 2020 में कृषि क्षेत्र के 537 लोगों ने आत्महत्या की है।

बघेल सरकार का किसानों का हमदर्द बनना, छलावा और दिखावा मात्र : बीजेपी
छत्तीसगढ़ बीजेपी की ओर से राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने राज्य सरकार पर नाकामियों के आरोप लगाए हैं। कौशिक ने प्रदेश में 230 किसानों के मौत का आकड़ा पेश कर सरकार को किसानों का शोषण करने वाला बताया है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि पिछले दो सालों में 230 से ज्यादा किसानों में आत्महत्या की, जिनमें अनुसूचित जनजाति वर्ग के 97 और अनुसूचि जाति वर्ग के 42 किसान शामिल हैं। बात प्रतिशत की करें 230 में से 60 फीसदी एसटी और एसटी वर्ग के किसानों ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बघेल सरकार पर किसानों की हमदर्द बनती है, यह छलावा और दिखावा मात्र है। आंकड़े बता रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में किसानों का इतना शोषण हो रहा है और किसान आत्महत्या तक करने को मजबूर हैं।

एनसीआरबी के मुताबिक कांग्रेस राज में किसानों की आत्महत्या दर बढ़ी
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी के छत्तीसगढ़ में किसानों की आत्महत्या के आंकड़े और अधिक हैं। एनसीआरबी को राज्य सरकार ही आंकड़े उपलब्ध कराती है। 2020 के आंकड़ों के अनुसार आत्महत्या की दर यानी प्रति लाख आबादी के हिसाब से आत्महत्या के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में तीसरे नंबर पर है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में आत्महत्या की दर 26.4 है। पिछले तीन सालों के आंकड़े देखें तो 2018 में आत्महत्या की दर के मामले में छत्तीसगढ़ काफी पीछे था, लेकिन 2019 में कांग्रेस सरकार के राज में छत्तीसगढ़ राज्य 26.4 की आत्महत्या दर के साथ देश में चौंथे नंबर पर और 2020 में तीसरे नंबर पर पहुंच गया।

दूसरी ओर राजस्थान में भी  राहुल गांधी के कर्जमाफी के वादे के बावजूद भी कर्ज माफ न होने से किसान सुसाइड करने को मजबूर हैं। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करके घेरा है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में किसान कर्जमाफी का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस अपने वादे को भुला बैठी है और किसान जमीन को नीलाम करवाने या आत्महत्या करने के मजबूर हैं।

थ्री-विंडो स्क्रीन में राहुल को सभी किसानों की कर्जमाफी का चुनावी वादा याद दिलाया
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जो वीडियो शेयर किया है, उसमें थ्री-विंडो स्क्रीन में बीचों बीच राहुल गांधी का चुनावी वादा बताया गया है। जबकि ऊपर नीचे की विंडो में दो फेमस बॉलीवुड सॉन्ग एक, दो, तीन… और क्या हुआ तेरा वादा…लगाकर राहुल गांधी को घेरा गया है। 1 से 10 तक की गिनती गिनाकर सत्ता में आते ही 10 दिन में सभी किसानों का कर्जा माफ करने के राहुल गांधी के वादे को फिल्मी अंदाज में पेश कर अब वादाखिलाफी पर सियासी हमला बोला गया है।

कॉमरशियल बैंकों से जुड़े लाखों किसानों का कर्ज माफ ही नहीं हुआ
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और सांसद किरोड़ी लाल मीणा के दावों में सच्चाई भी सामने आई है पड़ताल में सामने आया है कि कर्ज माफी के मुद्दे पर सत्ता में आने वाली कांग्रेस सरकार में अकेले पूर्वी राजस्थान में ही 5600 से से अधिक ऐसे मामले हैं, जिनके कर्ज नहीं चुकाने पर किसानों की जमीन नीलाम करने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 3200 के अधिक अलवर में हैं। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐलान किया था कि दस दिन में राजस्थान के हर किसान का कर्जा माफ करके दिखा देंगे। इसके बाद आधी-अधूरी और दिखावे की कर्जमाफी हुई है। सच यह है कि कॉमरशियल बैंकों से जुड़े 35 लाख किसानों के 60 हजार करोड़ से अधिक कर्ज के मामले में कोई राहत नहीं दी गई है। आइये कर्ज के कुछ केसों पर नजर डालते हैं….

दौसा…3.87 लाख का लोन और एक करोड़ की जमीन 46 लाख में नीलाम की
दौसा के रामगढ़ पचवारा निवासी कजोड़ मीणा ने ट्यूबवैल के लिए 2017 के 18 में 3.87 लाख का लोन लिया। ब्याज समेत लोन अब करीब 7 लाख रुपये का हो गया है। कजोड़ ने 26 अक्टूबर 2021 को आत्महत्या कर ली। इसके बावजूद 18 जनवरी को बैंक कर्मियों और राजस्व अधिकारियों ने पूरी 15 बीघा जमीन, जिसकी डीएलसी रेट करीब 75 लाख रुपये और मार्केट रेट एक करोड़ है, उसे 46 लाख में ही नीलाम कर दिया।

अलवर…बोरवैल खुदवाने के लिए 37 हजार रुपये का लोन अब नीलामी का डर
अलवर के नांगलवास रेड़ी निवासी रमेश और लक्ष्मण ने भी 2010 में बोरवैल खुदवाने के लिए 37 हजार का लोन लिया था। दोनों के पास दो बीघा जमीन है और परिवार में 11 सदस्य हैं। रमेश ने बताया कि 20 दिन पहले एक नोटिस आया। पंचायत व बैंक में संपर्क किया तो बताया गया कि जमीन नीलाम होगी। बोरवैल पर ही दो लाख रुपये से ज्यादा खर्च कर चुके हैं।

अलवर…कर्जमाफी की घोषणा के बाद ब्याज नहीं चुकाया, अब नोटिस मिले
नांगलवास रेड़ी निवासी मौती लाल बैरवा ने 2010 में पत्नी के इलाज के लिए 35 हजार रुपये की केसीसी ली थी। पत्नी की मौत हो गई, तब से ब्याज ही चुका पा रहे थे। सरकार की कर्ज माफी की घोषणा के बाद ब्याज नहीं चुकाया अब नीलामी के नोटिस आ रहे हैं।

बीकानेर…साढ़े सात लाख की केसीसी, बेचना पड़ा पक्का मकान व आठ बीघा जमीन
लाल मदेसर बड़ा गांवके टीकू राम मेघवाल ने बैंक ऑफ बड़ोदा से कुंए पर 2009 में साढ़े सात लाख रुपये की केसीसी उठाई। एक दो फसल खराब हुई तो ब्याज चढ़ने लगा। बैंक ने नोटिक 19 लाख रुपये का भेजा। नवंबर, 2020 को टीकूराम का खेत नीलाम होने वाला था। टीकू को पक्का मकान और आठ बीघा जमीन बेचनी पड़ी।

अलवर…पंचायत में बोला कि गलती से नोटिस गया, अब जमीन नीलाम करने लगे
अलवर के चांदपुर निवासी सोनी मीणा और उसके बेटे कृपाल ने 2010 में खाद-बीज और घर का खर्चा चलाने के लिए 80 हजार रुपये की केसीसी ली। तब से दोनों मां-बेटे ब्याज दे रहे हैं। सोनी मीणा की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार में 14 सदस्य हैं और दो बीघा जमीन है। इस जमीन पर होने वाली खेती पर ही पूरा परिवार निर्भर है। कृपाल ने बताया कि हमें एक महीने पहले नोटिस मिला कि जमीन नीलामी होगी। तब हमने बैंक और पंचायत में संपर्क किया तो पहले उन्होंने कहा कि गलती से नोटिस जारी हो गया और अब जमीन को नीलाम करने पहुंच गए।

Comment:

vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino
Vdcasino giriş
vdcasino giriş
ngsbahis
ngsbahis
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
kolaybet giriş
kolaybet
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betgaranti giriş
casibom giriş
casibom giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
runtobet giriş
runtobet giriş
runtobet giriş
betnano giriş
damabet
casinofast
betpark giriş
vdcasino giriş
milanobet giriş
betpark giriş
vdcasino
vaycasino giriş
milanobet giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
venusbet giriş
venüsbet giriş
venusbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
grandpashabet giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
damabet
betnano giriş
betnano giriş
bahiscasino giriş
betnano giriş
bahiscasino giriş
grandpashabet giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
milanobet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpuan giriş
hiltonbet giriş
hiltonbet giriş
betpuan giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betnano giriş
hiltonbet
betnano giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş