संघर्ष और सफलता में क्या सम्बन्ध है?

images (1)

परमात्मा मेहनत करने वाले और मननशील मनुष्यों का नियामन कैसे करता है?

दिवश्चित्ते बृहतो जातवेदो वैश्वानर प्र रिरिचे महित्वम्।
राजा कृष्टीनामसि मानुषीणां युधा देवेभ्यो वरिवश्चकर्थ ।।
ऋग्वेद मन्त्र 1.59.5 (कुल मन्त्र 687)

(दिवः चित्त) सभी दिव्यताओं से भी (ते) आपकी (बृहतः) व्यापक, फैली हुई (जातवेदः) सभी को पैदा करने वाला और समस्त उत्पन्न को जानने वाला (वैश्वानर) सब प्राणियों का कल्याण करने वाले परमात्मा (प्ररिरिचे) व्यापक है (महित्वम्) आपकी महिमा और महानता का प्रभाव (राजा) राजा, नियंत्रक (कृष्टीनाम्) मेहनत करने वाले लोगों का (असि) है (मानुषीणाम्) मननशील मनुष्य (युधा) संघर्ष के द्वारा (देवेभ्यः) दिव्य लोगों के लिए (वरिवः) गौरवशाली सम्पदा (चकर्थ) आप उपलब्ध कराते हो।

व्याख्या :-
परमात्मा मेहनत करने वाले और मननशील मनुष्यों का नियामन कैसे करता है?

सब पदार्थों के देने वाले और जानने वाले, सबका कल्याण करने वाले! आपकी महिमा और महानता का प्रभाव अन्य दिव्यताओं से अधिक व्यापक है। चाहे वे दिव्यताएँ कितनी ही फैली हुई और व्यापक क्यों न हों। आप राजा हो अर्थात् मेहनत करने वाले और मननशील लोगों के नियामक हो। आप दिव्य लोगों को संघर्ष के माध्यम से गौरवशाली सम्पदा उपलब्ध कराते हो।

जीवन में सार्थकता : –
संघर्ष और सफलता में क्या सम्बन्ध है?

परमात्मा की शक्तियाँ धरती और सूर्य की विशाल फैली हुई रचना से भी असीमित हैं। वह शारीरिक और मानसिक मेहनत करने वाले सभी लोगों का नियामक है। हमारी गतिविधियों का मूल्यांकन उनमें डाले गये संघर्ष की मात्रा से किया जाता है। जितना अधिक संघर्ष होगा उतनी अधिक सफलता और गौरवशाली सम्पदा हमें प्राप्त होगी।
शारीरिक और मानसिक श्रम के बदले हमें अपनी सांसारिक इच्छाओं के लिए सुविधाएँ और प्रसन्नता मिलती है।
अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण करने के लिए किये गये संघर्ष के बदले हमें दिव्य लक्षण और आध्यात्मिक प्रगति प्राप्त होती है।
जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए हमें कड़े संघर्ष की आवश्यकता होती है। संघर्ष और सफलता का सीधा सम्बन्ध है।
इसी प्रकार हमें भी सभी मेहनत करने वाले और मननशील लोगों का उचित सत्कार और उचित रूप से पुरस्कृत करना चाहिए।


अपने आध्यात्मिक दायित्व को समझें

आप वैदिक ज्ञान का नियमित स्वाध्याय कर रहे हैं, आपका यह आध्यात्मिक दायित्व बनता है कि इस ज्ञान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचायें जिससे उन्हें भी नियमित रूप से वेद स्वाध्याय की प्रेरणा प्राप्त हो। वैदिक विवेक किसी एक विशेष मत, पंथ या समुदाय के लिए सीमित नहीं है। वेद में मानवता के उत्थान के लिए समस्त सत्य विज्ञान समाहित है।

यदि कोई महानुभाव पवित्र वेद स्वाध्याय एवं अनुसंधान कार्यक्रम से जुड़ना चाहते हैं तो वे अपना नाम, स्थान, वाट्सएप नम्बर तथा ईमेल 0091 9968357171 पर वाट्सएप या टेलीग्राम के माध्यम से लिखें।

अपने फोन मैं प्लेस्टोर से टेलीग्राम डाउनलोड करें जिससे आप पूर्व मंत्रो को भी प्राप्त कर सके।
https://t.me/vedas4

आईये! ब्रह्माण्ड की सर्वोच्च शक्ति परमात्मा के साथ दिव्य एकता की यात्रा पर आगे बढ़ें। हम समस्त पवित्र आत्माओं के लिए परमात्मा के इस सर्वोच्च ज्ञान की महान यात्रा के लिए शुभकामनाएँ देते हैं।

टीम
पवित्र वेद स्वाध्याय एवं अनुसंधान कार्यक्रम
द वैदिक टेंपल, मराठा हल्ली, बेंगलुरू, कर्नाटक
वाट्सएप नम्बर-0091 9968357171

Comment:

kuponbet giriş
Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
grandpashabet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betnano giriş
betnano giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betyap
betyap
betnano giriş
grandpashabet giriş
ikimisli giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
berlinbet giriş
galabet giriş
ultrabet giriş
meritbet giriş
pashagaming giriş
grandpashabet giriş
dinamobet
betpark giriş
betmarino giriş
ikimisli giriş
ikimisli giriş
betplay giriş
bahis siteleri
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
kuponbet giriş
oleybet giriş
casino siteleri 2026
betgaranti