भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 और 4 जुलाई

indian-independence

मित्रो ! आज 4 जुलाई है । आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है , क्योंकि 4 जुलाई 1947 को आज के दिन ही ब्रिटिश पार्लियामेंट में ‘ भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ‘ प्रस्तुत किया गया था । जिसे वहां के प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली द्वारा प्रस्तुत किया गया था । बताया जाता है कि उस समय ब्रिटिश पार्लियामेंट में तीन चौथाई से भी कम सदस्य उपस्थित थे ।वास्तव में 3 जून 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने कांग्रेस , मुस्लिम लीग और सिख समुदाय के साथ मिलकर भारत विभाजन की जिस रूपरेखा पर उनके सैद्धांतिक सहमति ली थी ,उसको औपचारिक रूप से उस समय ब्रिटिश पार्लियामेंट और क्रॉउन से स्वीकृत कराना भी आवश्यक था , इसीलिए यह बिल ब्रिटिश पार्लियामेंट में प्रस्तुत किया गया। इस बिल पर 18 जुलाई 1947 को ब्रिटिश क्रॉउन ने अपनी मोहर लगाकर अपनी स्वीकृति प्रदान की।इस बिल के अनुसार 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान का निर्माण होना था अर्थात ब्रिटिश पार्लियामेंट ने यह पूर्णरूपेण सुनिश्चित कर लिया कि अंग्रेजों के भारत में रहते हुए ही पाकिस्तान का निर्माण हो जाना चाहिए । अंग्रेजों ने 14 अगस्त 1947 को पहले पाकिस्तान को अलग देश के रूप में विश्व मानचित्र पर स्थापित किया उसके पश्चात 15 अगस्त को रात्रि 12:00 बजे स्वतंत्र भारत की घोषणा की गई ।दो नवगठित देशों के बीच बंगाल और पंजाब के प्रांतों का विभाजन हुआ । इस अधिनियम के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया गया कि दोनों देशों में गवर्नर जनरल के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। ये गवर्नर जनरल क्राउन का प्रतिनिधित्व करेंगे।पूर्ण विधि निर्माण प्राधिकरण को दो नए देशों की संविधान सभाओं के हाथों में सौंपा जाएगा। 15 अगस्त, 1947 से रियासतों पर से ब्रिटिश अधिपत्य समाप्त कर दिया जाएगा ।ब्रिटिश शासक द्वारा “भारत के सम्राट” की पदवी को त्यागने की बात को भी इस अधिनियम के माध्यम से स्पष्ट कर दिया गया । जो लोग अभी तक यह कहते हैं कि भारत अभी भी एक डोमिनियन स्टेट है ,और उसे पूर्ण स्वाधीनता प्राप्त नहीं हुई है , उन्हें इस तथ्य को विशेष रूप से पढ़ना चाहिए और अपनी भ्रांत धारणा का निवारण करना चाहिए। इस अधिनियम के निर्माण के बाद दो नए स्वतंत्र उपनिवेश, भारत और पाकिस्तान अस्तित्व में आए। भारत का प्रभुत्व स्वशासन के लिए भारत में सभी लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व करेगा, जबकि पाकिस्तान का प्रभुत्व स्वशासन के लिए मुसलमानों की मांग प्रकट करेगा। इस अधिनियम के इस प्रावधान से कि ‘ पाकिस्तान का प्रभुत्व स्वशासन के लिए मुसलमानों की मांग प्रकट करेगा ‘ से ही स्पष्ट हो गया था कि वहां पर मुसलमानों से अलग किसी अन्य समुदाय का रहना असम्भव होगा । इससे ही गांधी जी और उनकी कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए था कि पाकिस्तान से प्रत्येक हिंदू को सुरक्षित भारत बुला लिया जाए और यहां से प्रत्येक मुस्लिम को पाकिस्तान भेज दिया जाए ।विभाजन की तिथि के रुप में 15 अगस्त 1947 के दिन को निर्धारित किया गया।

1 thought on “भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 और 4 जुलाई

Comment:

vaycasino giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
hiltonbet giriş
hiltonbet giriş
restbet giriş
restbet giriş
restbet giriş
vaycasino giriş
restbet giriş
Vaycasino Giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
milanobet giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
betasus giriş
betasus giriş
bahiscasino giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betasus giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
bets10 giriş
bets10 giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
ilbet giriş
betcio giriş
betvole giriş
betcio giriş
betcio giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betcio giriş
nakitbahis giriş
nakitbahis giriş
celtabet giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
betasus giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
jojobet giriş
jojobet giriş
grandpashabet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betasus giriş
holiganbet giriş
celtabet giriş
celtabet giriş
holiganbet giriş
trendbet giriş
trendbet giriş
betasus giriş