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इसलाम और शाकाहार

जन्नत जाने में केवल दो दिन लगेंगे !

भूमिका
पाठकों को यह जानकर प्रसन्नता होगी कि हमने पता कर लिया है कि अगर अंतरिक्षयान (Space Craft ) से जन्नत जाय जाए तो केवल 45 घंटे यानि लगभग दो ही दिन लगेंगे ,हम सन 2017 से इस ऐसे विषय पर हदीसों में खोज रहे थे ,साधारण मुसलामन तो क्या बड़े बड़े मौलवी भी यह बात पता नहीं कर सके थे लेकिन हमने धरती से जन्नत की दूरी का पता 2023 में ही कर लिया था ,लेकिन हमें स्पेस क्राफ्ट की स्पीड का पता नहीं था और जैसे ही पता चला हमने जन्नत की दूरी में यान की प्रति घंटा गति से विभाजित कर दिया ‘ लेख में विस्तार से बताया है
मोदी जी से निवेदन

हम अपने आदरणीय प्रधानमंत्री जी से निवेदन करते हैं की जब तीसरी बार प्रधानमंत्री बने तो सबसे पहले एक “स्वर्ग यान “या जन्नत या जन्नत यान जरूर लॉन्च करें ताकि मरे बिना ही मुस्लिम जन्नत जा सकें और सबसे पहले उन मुस्लिम मौलवियों को बिठायें जो जन्नत के बारे में झठ फैलते है और जो भी वहां रहना चाहे वहीँ छोड़ दें जन्नत की दुरी तो चाँद से कम है

जिहादी आतंकवादी जिस जन्नत के लिए पूरे विश्व को जहन्नम बनाने पर लगे हुए हैं , उस जन्नत के बारे में मुल्ले मौलवी कुरान और हदीसों से सामान्य मुस्लिमों को वही बातें बताते रहते हैं , जिनमे हूरों का वर्णन होता है , और चूँकि मुस्लमान स्वभाव से अय्याश और अंध विश्वासी होते हैं , इसलिए वह जन्नत जन्नत के लालच में जिहादी बन जाते हैं ,

हमने ऐसे अकल के अंधों की ऑंखें खोलने के लिए अपने लेखों में जन्नत का क्षेत्रफल और जनसँख्या का प्रामाणिक विवरण दे दिया था , हमारा उद्देश्य किसी की आस्था पर प्रहार करना नहीं ,बल्कि सच्चाई बताना था , कुछ दिन पहले हमारे घर से कुछ दूर रहने वाली एक मुस्लिम लड़की आफरीन खान से मेरा परिचय हुआ , उसने मुझे घर बुलाया , वहां उसकेपिता ,माँ और भाई भी थे , उसने घर के लोगों से कहा की शर्मा अंकल इस्लाम के बारे में ऐसी बातें जानते हैं जो मौलवी भी नहीं जानते , हमने सबके सामने जन्नत की असलियत बताई तो तो लोग दंग रह गए ,तब आफरीन ने कहा कि अगर आप यह भी बता दें कि धरती से जन्नत कितनी दूर है ,तो मैं यह बात अपनी सभी सहपाठी लड़कियों को बता दूंगी .इसलिए आफरीन के कहने पर जन्नत की दूरी दी जा रही है
1 -अल्लाह का निवास कहाँ है ?-
मुसलमान इस भ्रम में पड़े हुए हैं कि अल्लाह काबा में रहता है ,लेकिन अल्लाह लेकिन अल्लाह आसमान के सातवें तल पर बैठा रहता है , जैसा कि कुरान में बताया गया है ,

“और जिसने जन्नत को बिना स्तंभों के ऊँचा किया है , जैसा तुम देखते हो , फिर वह अपने राज सिंहासन पर विराजमान हो गया ”

“اللَّهُ الَّذِي رَفَعَ السَّمَاوَاتِ بِغَيْرِ عَمَدٍ تَرَوْنَهَا ثُمَّ اسْتَوَىٰ عَلَى الْعَرْشِ “13:2

सूरा – रअद 13:2

2-अल्लाह का निवास एक लड़की ने बताया

“अबू हुरैरा ने कहा कि एक व्यक्ति एक काली लड़की को पकड़ कर रसूल के सामने लाये ,ताकि उसे दासी बनाया जा सके ,रसूल ने उस लड़की से पूछा कि अल्लाह कहाँ रहता है , उस लड़की ने उंगली आसमान की तरफ कर दी , फि रसूल ने पूछा कि मैं कौन हूँ ? लड़की ने कहा कि आप रसूल हो ,तब रसूल ने कहा कि इस लड़की को मुक्त कर दो , यह ईमान वाली है ”

، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، ‏:‏ أَنَّ رَجُلاً، أَتَى النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم بِجَارِيَةٍ سَوْدَاءَ فَقَالَ ‏:‏ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ عَلَىَّ رَقَبَةً مُؤْمِنَةً ‏.‏ فَقَالَ لَهَا ‏:‏ ‏”‏ أَيْنَ اللَّهُ ‏”‏ ‏.‏ فَأَشَارَتْ إِلَى السَّمَاءِ بِأُصْبُعِهَا ‏.‏ فَقَالَ لَهَا ‏:‏ ‏”‏ فَمَنْ أَنَا ‏”‏ ‏.‏ فَأَشَارَتْ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَإِلَى السَّمَاءِ، يَعْنِي أَنْتَ رَسُولُ اللَّهِ ‏.‏ فَقَالَ ‏:‏ ‏”‏ أَعْتِقْهَا فَإِنَّهَا مُؤْمِنَةٌ ‏”‏ ‏.‏

Narrated Abu Hurairah:
A man brought the Prophet (ﷺ) a black slave girl. He said: Messenger of Allah, emancipation of believing slave is due to me. He asked her: Where is Allah ? She pointed to the heaven with her finger. He then asked her: Who am I ? She pointed to the Prophet (ﷺ) and to the heaven, that is to say: You are the Messenger of Allah. He then said: Set her free, she is a believer.

https://sunnah.com/abudawud:3284

Reference: Sunan Abi Dawud 3284
In-book reference: Book 22, Hadith 43
English translation : Book 21, Hadith 3278

3-जन्नत की सात मंजिलें हैं

“वह अल्लाह ही है जिसने सात आसमान बनाये “सूरा -अत तलाक 65:12

सात आसमानों का अभिप्राय जन्नत के सात खंड(floors) हैं , जन्नत एक सात मंजली इमारत की तरह है , और अल्लाह सबसे ऊपरी मंजिल में रहता है , इस्लामी किताबों में इन सात आसमानों के नाम दिए गए हैं , जो इस प्रकार हैं

1-दारुस्सलाम -Dar al-Salam (Abode of Peace),-دارالسلام

2-दारुल जलाल -Dar al-Jalal (Abode of Glory),- دارالجلال

3-जन्नतुल मावा -Jannatul Mava (Garden of Refuge),- جنت المأوی

4-जन्नतुल खुल्द -Jannatul Khuld (Garden of Eternity),- جنت خلد

5-जन्नतुल अदन -Jannatul Adan (Garden of Eden),-جنه العدن

-6-जन्नतुन नईम -Jannatul Naeem (Garden of Bliss) (or Delight)- جنت نعیم

7-जन्नतुल फिरदौस-Jannatul Firdous (Garden of Paradise),- جنه الفردوس – 18:107

इस्लामी मान्यता के अनुसार अल्लाह सबसे ऊपरी यानी सातवें आसमान पर बैठा रहता है , वहीँ से अपना शासन चलाता रहता है , काबा तो अल्लाह का अस्थायी घर था , शायद रसूल के देहांत के बाद ही अल्लाह जन्नते फिरदौस चला गया ,

4-जन्नत कितनी दूर है ?
अब्बास इब्न अब्दुल मुत्तलिब ने कहा कि एक बार हम लोग बतहा में बैठे थे , तभी आसमान से एक बादल गुजरा , रसूल ने वहां बैठे लोगों से पूछा बताओ तुम इसे क्या कहते हो ? लोगों ने कहा “-सहाब – السَّحَابَ “. फिर रसूल ने पूछा की “मूजन الْمُزْنَ-” और ” अनानं وَالْعَنَانَ-” क्या हैं ? लोगों ने कहा कि हम नहीं जानते , तब रसूल ने पूछा कि क्या तुम यहां से जन्नत की दूरी जानते हो ?लोगों ने कहा कि हम नहीं जानते ,तब रसूल ने बताया कि यहाँ से जन्नत तक में इकहत्तर(71) , बहत्तर(72) या तिहत्तर(73) साल लग जायेंगे . (नोट -चूँकि इस हदीस में पैदल जाने की बात नहीं कही गयी है , और मुहम्मद ऊँट से जाया करते थे इसलिए हमने जन्नत की दूरी नापने के लिए ऊँट की रफ़्तार का प्रयोग किया है )रसूल ने कहा की वहां आठ पहाड़ी बकरे रहते हैं , वहीँ महिमावान अल्लाह रहता है .

Narated By Al-Abbas ibn AbdulMuttalib : I was sitting in al-Batha with a company among whom the Apostle of Allah (pbuh) was sitting, when a cloud passed above them.

The Apostle of Allah (pbuh) looked at it and said: What do you call this? They said: Sahab.

He said: And muzn? They said: And muzn. He said: And anan? They said: And anan. AbuDawud said: I am not quite confident about the word anan. He asked: Do you know the distance between Heaven and Earth? They replied: We do not know. He then said: The distance between them is seventy-one, seventy-two, or seventy-three years. The heaven which is above it is at a similar distance (going on till he counted seven heavens). Above the seventh heaven there is a sea, the distance between whose surface and bottom is like that between one heaven and the next. Above that there are eight mountain goats next. Then Allah, the Blessed and the Exalted, is above that.

، عَنِ الْعَبَّاسِ بْنِ عَبْدِ الْمُطَّلِبِ، قَالَ كُنْتُ فِي الْبَطْحَاءِ فِي عِصَابَةٍ فِيهِمْ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَمَرَّتْ بِهِمْ سَحَابَةٌ فَنَظَرَ إِلَيْهَا فَقَالَ ‏”‏ مَا تُسَمُّونَ هَذِهِ ‏”‏ ‏.‏ قَالُوا السَّحَابَ ‏.‏ قَالَ ‏”‏ وَالْمُزْنَ ‏”‏ ‏.‏ قَالُوا وَالْمُزْنَ ‏.‏ قَالَ ‏”‏ وَالْعَنَانَ ‏”‏ ‏.‏ قَالُوا وَالْعَنَانَ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ لَمْ أُتْقِنِ الْعَنَانَ جَيِّدًا قَالَ ‏”‏ هَلْ تَدْرُونَ مَا بُعْدُ مَا بَيْنَ السَّمَاءِ وَالأَرْضِ ‏”‏ ‏.‏ قَالُوا لاَ نَدْرِي ‏.‏ قَالَ ‏”‏ إِنَّ بُعْدَ مَا بَيْنَهُمَا إِمَّا وَاحِدَةٌ أَوِ اثْنَتَانِ أَوْ ثَلاَثٌ وَسَبْعُونَ سَنَةً ثُمَّ السَّمَاءُ فَوْقَهَا كَذَلِكَ ‏”‏ ‏.‏ حَتَّى عَدَّ سَبْعَ سَمَوَاتٍ ‏”‏ ثُمَّ فَوْقَ السَّابِعَةِ بَحْرٌ بَيْنَ أَسْفَلِهِ وَأَعْلاَهُ مِثْلُ مَا بَيْنَ سَمَاءٍ إِلَى سَمَاءٍ ثُمَّ فَوْقَ ذَلِكَ ثَمَانِيَةُ أَوْعَالٍ بَيْنَ أَظْلاَفِهِمْ وَرُكَبِهِمْ مِثْلُ مَا بَيْنَ سَمَاءٍ إِلَى سَمَاءٍ ثُمَّ عَلَى ظُهُورِهِمُ الْعَرْشُ بَيْنَ أَسْفَلِهِ وَأَعْلاَهُ مِثْلُ مَا بَيْنَ سَمَاءٍ إِلَى سَمَاءٍ ثُمَّ اللَّهُ تَبَارَكَ وَتَعَالَى فَوْقَ ذَلِكَ ‏”‏

https://sunnah.com/abudawud:4723

Reference : Sunan Abi Dawud 4723
In-book reference : Book 42, Hadith 128
English translation : Book 41, Hadith 4705

5-जन्नत की दूरी की गणना

चूँकि ऊँट एक दिन में औसत 30 मील की दूरी तय कर सकता है ,इसलिए एक साल में 30 x 365=10950 मील तय कर सकता है , और इसी हिसाब से 73 साल में ऊँट 10950 x 73 =799 350 मील पहुँच सकता है , अर्थात सात लाख निन्नानवे हजार तीन सौ पचास मील

=1,286,429.1264 Kilometers

बारह लाख छियासी हजार चार सौ उनतीस दशमलव एक दो छह चार किलो मीटर
6-जन्नत जाने में 45 घंटे लगेंगे

अगर यह हदीसें झूठी नहीं हैं और सचमुच जन्नत है तो इसका यही तात्पर्य तो हम अंतरिक्ष यान ( SpaceCraft ) से एक ही दिन में जन्नत की सैर कर सकते सकते हैं ,क्योंकि अंतरिक्ष यान की स्पीड 28,968 kilometers per hour (18,000 miles per hour होती है,इस प्रकार जन्नत की दूरी और अंतरिक्ष यान की गति का हिसाब किया जाये तो जन्नत जाने में केवल 45 घंटे लगेंगे अर्थात दो दिन

(1286430 ÷ 28970=45 Hrs)

जबकि हमारे अंतरिक्ष यान मंगल गृह तक जा चुके है ,जो जन्नत से काफी आगे हैं ,लेकिन उन्हें न तो तो जन्नत दिखी और न कोई फरिश्ता दिखा , और न हूरों की कोई आवाज सुनाई दी ,

स्पष्ट है कि जन्नत का लालच देकर मुसलमानों को मूर्ख बनाया जा रहा है ,

(362)

बृजनंदन शर्मा

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