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इसलाम और शाकाहार

अश्लीलता से रोजा नहीं टूटता !

मुसलमानों की आदत बन गयी है कि वह संप्रदायवादी दंगे भड़काने के लिए कोई न कोई बहाना खोजते रहते हैं , और जरा जरा सी बात पर किसी पर भी इस्लाम का अपमान करने का आरोप लगा देते हैं , खास कर जब कोई हिन्दू अनजाने में उनके जाल में फस जाता है , तो मुसलमान आसमान सर पर उठा लेते हैं , और यदि वैसा ही या उस से बड़ा अपराध जानबूझ कर कोई मुसलमान करता है ,तो मुसलमानों को सांप सूंघ जाता है . और कोई इस्लाम का ठेकेदार उस मुस्लिम अपराधी के विरुद्ध एक शब्द भी बोले की कोशिश भी नहीं करता , इस संक्षिप्त लेख में दो ऐसी घटनाओं का हवाला दिया जा रहा है , जो मुसलमानों के दोहरे चरित्र का भंडाफ़ोड़ करने के लिए पर्याप्त है ,यह दौनों घटनाये इस्लामी उपवास यानि ” रोजा ” से सम्बंधित हैं .
1-रोजा और उसका उद्देश्य क्या है
रामपुर के मकतबा अल हसनात द्वारा प्रकाशित कुरान के हिंदी अनुवाद के अंत में पृष्ठ 1242 पर दी गयी पारिभाषिक शब्दावली में रोजा का अर्थ “उपवास (Fasting ) बताया गयाहै . अरबी में इसे “असस्सायमु – الصيّامُ ” कह गया है ,जिसका मूल अर्थ रोकना होता है , क्योंकि रोजे में प्रातः कालसे संध्या तक खाना पीना वर्जित होता है ,यहाँ तक यदि जाने अनजाने एक कण बराबर भोजन या एक बून्द पानी भी ग्रहण किया जायेतो रोजा टूट जाता है . जिसे घोर पाप माना जाताहै , रोजे का उद्देश्य हृदय और आत्मा की शुद्धि करना और भौतिक लालसा से बच कर अल्लाह से डरने वाला बनाना है

2- -पहली घटना -महाराष्ट्र , मुंबई की है , अखबारों के अनुसार दिनांक 23 जुलाई 2014 को जब थाणे से चुने सांसद “रंजन विचार महाराष्ट्र सदन की कैंटीन में खाना खाने गए तो देखा कि रोटिया सूखी और सख्त थी , यही नहीं खाने का स्तर भी घटिया था , कई विधायक पहले भी कई बार लिखित में खाने शिकायत कर चुके थे , तब रंजन विचारे ने कैंटीन के मैनेजर ” अशरफ जुबैर ” कहा कि यदि तुम्हारे अनुसार यह रोटी खाने के लायक है ,तो तुम खुद चख कर जांच कर लो . बस मुसलमानों को हंगामा करने का मौका मिल गया , उन्होंने रंजन विचार पर आरोप लगा दिया कि रोजे की हालत में एक मुस्लिम को जबरन खाना खिला कर उसका रोजा तुड़वा दिया , और ऐसा करना इस्लाम का अपमान और अक्षम्य दंडनीय अपराध है , जबकि वास्तविकता यह है कि न तो अशरफ को खाना खिलाया गया , न उसने खाना चखा था . फिरभी मुसलमान इस्लाम के जूनून में कई दिनों तक हंगामा करते रहे , यहाँ तक संसद में कुछ सेकुलर उनके पक्ष में बकवास करते रहे .

3-दूसरी घटना -कर्णाटक की राजधानी बैंगलोर की है , बैंगलोर टाइम्स के दिनांक 20 जुलाई 2014 के अनुसार बिहार के दरभंगा के मूल निवासी 30 साल के युवक मुस्तफा को एक स्कुल में स्केटिंग इंस्ट्रक्टर ( skating instructor ) के रूप में नियुक्त किया गया था , जिसके लिए उसको प्रात माह 18000 रूपया वेतन दिया जाता था .बताया जाता है कि दिनांक 2 जुलाई को मुस्तफा ने स्कुल परिसर में ही एक 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म किया था . जिसकी रिपोर्ट तालगुप्पे थाना में दर्ज है , पुलिस द्वारा पूछताछ में मुस्तफा ने बचाव में कहा कि मैं तो रोजे से हूँ , और मैं ऐसा काम नहीं सकता हूँ ,मेरे ऊपर लगाये आरोप झूठे हैं . लेकिन तलाशी करने पर पुलिस ने मुस्तफा के पाससे एक लैपटॉप और कई मोबाईल बरामद किये ,जिनमे अश्लील विडिओ भरे हुए थे . जाँच करने पर पुलिस ने पता किया कि मुस्तफा ने पहलके भी एक 23 और एक 16 साल की लड़की से दुष्कर्म किया था . लेकिन मुस्तफा के इस अपराध के विरुद्ध किसी भी मुस्लिम ने एक शब्द नहीं बोला उलटे उसे जमानत पर छोड़ने की हिमातत करने लगे , जिस से पूरे बैंगलोर में आक्रोश व्याप्तहो गया है . लोग मुस्तफा को कठोर दंड देने की मांग कर रहे हैं .

मुस्तफा ने ऐसा काम क्यों किया था , इसके पीछे यह हदीस है ,

4-रोजे में अश्लीलता जायज है

इस बात को सभी लोग मानते हैं कि अश्लीलता के कारण ही बलात्कार होते हैं .और अश्लीलता की प्रेरणा हदीसों से मिलती है , जैसे ,

“जैनब बिन्त अबी सलमा (मुहम्मद की पत्नी ) ने कहा कि एक बार मैं मासिक से थी , और रसूल के नजदीक एक कम्बल ओढ़ कर लेटी थी . रसूल ने पूछा कि क्या तुम मासिक से हो , मैंने कहा हाँ . तब रसूल ने मुझे भी कम्बल के अंदर ले लिया . और मेरे मासिक के पड़े निकाल कर मुझे चूमने लगे . उस समय उन्होंने रोजा रखा हुआ था फिर रसूल ने एक बड़े बर्तन ( जुम्बा- الْجَنَابَةِ ) नग्न होकर मेरे साथ ही स्नान किया ”

Here is what Muhammad did while observing fast:
Muhammad slept with Umm Salama during her period, kissed her while fasting and used to take bath from the same pot after having sex:
Narrated Zainab bint Abi Salama: Um-Salama said, “I got my menses while I was lying with the Prophet under a woollen sheet. So I slipped away, took the clothes for menses and put them on. Allah’s Apostle said, ‘Have you got your menses?’ I replied, ‘Yes.’ Then he called me and took me with him under the woollen sheet.” Um Salama further said, “The Prophet used to kiss me while he was fasting. The Prophet and I used to take the bath of Janaba from a single pot.”

‏ أَنُفِسْتِ ‏”‏‏.‏ قُلْتُ نَعَمْ، فَدَعَانِي فَأَدْخَلَنِي مَعَهُ فِي الْخَمِيلَةِ‏.‏ قَالَتْ وَحَدَّثَتْنِي أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ يُقَبِّلُهَا وَهُوَ صَائِمٌ، وَكُنْتُ أَغْتَسِلُ أَنَا وَالنَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم مِنْ إِنَاءٍ وَاحِدٍ مِنَ الْجَنَابَةِ

Sahih Bukhari -Vol. 1, Book 6, Hadith 319

बताइये जब खुद मुसलमानों के नबी रोजे की हालत में निर्लज्ज होकर अश्लील हरकतेँ और सम्भोग कर सकते हैं , तो उनके अनुयायी रोजे की हालत में बलात्कार क्यों नहीं करेंगे ? उनका रोजा भला कैसे टूट सकता है ?

इसलिए सिद्ध होता है कि रोजा टूट जाने का बहाना लेकर मुसलमान अशांति और दंगा फैलाना चाहते हैं

(200/197)

ब्रजनंदन शर्मा
( लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं जिनकी उगता भरत पुष्टि नहीं करता।)

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