Categories
डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से भयानक राजनीतिक षडयंत्र

राष्ट्र भाषा हिन्दी की दुर्गति, भाग-4

भारत के राजनैतिक नेतृत्व से ऐसी अपेक्षा की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उसे तो वोटों की राजनीति करनी है। मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे और चर्च में जाकर उन्हीं की पोशाक पहनना और उन्हीं की बोली बोलना आज हमारे इन राजनीतिज्ञों का शगुन हो गया है। इन धर्महीनों से राष्ट्रधर्म पालन करने की अपेक्षा करना बेमानी है। राष्ट्रवासी राष्ट्रधर्म को पहचानें, जिससे कि हमारी अपनी मातृभाषा और राष्ट्रभाषा का उद्घार और उत्थान हो सके। यदि हम ऐसा संकल्प लेते हैं हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी वास्तव में उत्थान और उद्घार को प्राप्त होती है तो इससे हमारे देश का विदेशों में भी सम्मान बढ़ेगा। क्योंकि-
निज भाषा का स्रोत हृदय है, वही आधार जनों का।
निज भाषा ही साधन है जो करवाता है मेल मनों का।।
देखिये, आर्य जगत के ख्याति प्राप्त विद्वान, शास्त्रार्थ महारथी श्री अमर स्वामी जी महाराज की कुछ पंक्तियां मैं यहां उद्धृत करना चाहूंगा, जिनकी रचना उन्होंने उस काल में की थी, जबकि ‘गांधी नेहरू एण्ड कंपनी’ ने इस भाषा के साथ उर्दू एवं अन्य भाषाओं का मिश्रण करके इसे ‘हिन्दुस्तानी भाषा’ का नाम दिया था, जिसकी व्यथा निम्न प्रकार है-
मैं भाषा हिन्दुस्तानी हूं, मैं भाषा हिन्दुस्तानी हूं।
मेरा कोई इतिहास नहीं, मैं अपनी आप कहानी हूं।।
हिन्दू-मुस्लिम झगड़ों का जब, भारत पर भूत सवार हुआ।
तब रामबाण औषधि स्वरूप पथा मेरा आविष्कार हुआ।
नहीं वैद्यराज का चूर्ण हूं, नहीं मैं नुस्खा यूनानी हूं।।
मैं भाषा हिन्दुस्तानी हूं…………………..। 1।
मुझमें कोई सौंदर्य नहीं, मेरा अपना कुछ ढंग नहीं।
मैं रंग बिरंगी तितली हूं, जिसका अपना कोई रंग नहीं।।
बरबस बच्चों को रिझा रही, वह गुडिय़ा जापानी हूं।
मैं भाषा हिन्दुस्तानी हूं…………………..।। 2।।
उर्दू से उऋण नहीं हूं, मैं अंग्रेजी की आभारिन हूं।
मेरे ऊपर यह कलंक है, मैं हिंदी की हत्यारिन हूं।।
हिंदू, मुस्लिम, ईसाई को, मैं एक घड़े का पानी हूं।
मैं भाषा हिन्दुस्तानी हूं…………………..।। 3।।
मुझमें कोई साहित्य नहीं, मेरी न व्यवस्थित परिभाषा।
मैं हिंदी राष्ट्रभाषा होऊं, गुदगुदा रही यह अभिलाषा।।
कल तक मैं जिसकी दासी थी, बन रही उसी की रानी हूं।
मैं भाषा हिन्दुस्तानी हूं…………………..।। 4।।
मैं अस्त व्यस्त बिखरी फैली हूं एक कबाड़ी की दुकान।
मैं वह अजीब गौरखधंधा जिससे ग्राहक हो परेशान।
मैं बेगम वाजिद अली शाह की टूटी सुर्मेदानी हूं।
मैं भाषा हिन्दुस्तानी हूं…………………..।। 5।।
मुझ निर्बल निरस बाला को, बापू ने हाथों हाथ लिया।
देखा देखी औरों ने भी, बेबस मेरा ही साथ दिया।।
जब से नेहरू का नेह मिला, अनुभव कर रही जवानी हूं।
मैं भाषा हिन्दुस्तानी हूं…………………..।। 6।।
मैं फूल-फूल फुटबाल हुई, और विजय नक्कारा बजा रही।
अपनी चितकबरी शोभा से हूं भारत भू को सजा रही।।
सतरह चिथड़ों से जुड़ी हुई मैं साड़ी फटी पुरानी हूं।
मैं भाषा हिन्दुस्तानी हूं…………………..।। 7।।
अब मुझसे कोई कुछ न कहे, जग जाहिर है मेरा स्वभाव।
शब्दों को तोड़-फोड़ करके अमर जता चुकी अपना प्रभाव।।
विज्ञान, व्याकरण दोनों पर ही, फेर चुकी मैं पानी हूं।
मैं भाषा हिन्दुस्तानी हूं…………………..।। 8।।
इस परिषद के इंटरव्यू में, जब होगा मेरा टाइम हाफ।
तब बहुत सीरियस होकर के, कह दूंगी बिल्कुल साफ-साफ।।
मैं फलां मिनिस्टर की रिश्ते में, लगती सगी फलानी हूं।
मैं भाषा हिन्दुस्तानी हूं…………………..।। 9।।
भाइयो! आपने हिंदुस्तानी भाषा की कथा और व्यथा को पढ़ लिया आज भी हिंदी की क्या दशा है? यह जगजाहिर है, आजादी के इतने वर्षों बाद भी हम अपनी मातृभाषा हिन्दी को वह स्थान नहीं दिला पाये जो हमें बहुत पहले दिलाना चाहिए था। आज यह भी एक प्रश्न हमारे सामने विद्यमान है, जिस पर गम्भीरता से विचार होना आवश्यक है। हमें अपनी भाषा हिंदी के विरूद्घ रखे जा रहे षडय़ंत्रों को समझना होगा और जिन लोगों ने स्वतंत्रता के पश्चात हमारी राष्ट्रभाषा को अपमानित और उपेक्षित करने का घिनौना षडयंत्र रचा है उसकी पोल खोलनी होगी।
(लेखक की पुस्तक ‘वर्तमान भारत में भयानक राजनीतिक षडय़ंत्र : दोषी कौन?’ से)

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
ikimisli giriş
grandpashabet giriş
bonus veren siteler
grandpashabet giriş
betnano giriş
betnano giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
setrabet giriş
setrabet giriş
setrabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
setrabet giriş
betnano giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betnano giriş
restbet giriş
restbet giriş
galabet giriş
betnano giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betnano giriş
betnano giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet
grandpashabet giriş
betlike giriş