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ईसाई बनाए 400 हिंदुओं का दर्द: अंधेरी रात में मोमबत्ती की रोशनी में पढ़वाते थे ग्रंथ, क्रिसमस पर था बड़ा प्लान

उगता भारत ब्यूरो

उत्तर प्रदेश के मेरठ में धर्मांतरण के एक बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। यहां झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले 400 गरीब हिंदू परिवारों का धोखे से धर्म परिवर्तन करा दिया गया। दरअसल, दिल्ली के महेश पास्टर ने लॉकडाउन के दौरान झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों की आर्थिक मदद और खाने की व्यवस्था कराई। ये लोग रात के अंधेरे में मोमबत्ती की रोशनी में धार्मिक ग्रंथ पढ़वाते थे। मदद के बहाने से मजबूरी का फायदा उठाकर 400 लोगों का धर्म परिवर्तन करा दिया गया। अब दीपावली पर पूजा करने से रोका और घर में लगे देवी-देवताओं के पोस्टर हटाने को कहा गया। वहीं मामले का खुलासा होने पर हड़कंप मच गया।

एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि अनिल पास्टर और महेश पास्टर इस पूरे प्रकरण के मुख्य साजिशकर्ता हैं। अनिल पास्टर का गुरु महेश पास्टर है। इन्होंने धर्मांतरण की पूरी प्लानिंग की थी। चार सौ लोगों के धर्मांतरण के लिए फंडिंग भी की गई।

महेश पास्टर की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली में दबिश दी गई, लेकिन अनिल, महेश का अभी तक सुराग नहीं लग सका है। एसपी सिटी पीयूष सिंह ने मंगतपुरम जाकर जांच-पड़ताल की। उन्होंने कहा कि जो साक्ष्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ इंटेलिजेंस ने गोपनीय रिपोर्ट शासन को भेज दी है। खुफिया एजेंसियों ने भी केंद्र सरकार को इस मामले की रिपोर्ट भेजी है।

मंगतपुरम में रात के सन्नाटे में मोमबत्ती जलाकर दिल्ली से महेश मास्टर और अनिल पास्टर धार्मिक ग्रंथ पढ़ाया करते थे। पुलिस के मुताबिक लोगों को पैसे का लालच दिया जाता था। इस साल 25 दिसंबर को बड़े पैमाने पर धर्मांतरण की योजना थी।

मंगतपुरम से पुलिस को जो रजिस्टर मिला है उसमें प्रेयर भी लिखी है। समाजवेसी सचिन सिरोही का कहना है कि यदि आरोपियों की दो दिन के अंदर गिरफ्तारी नहीं होती तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। वहीं दिल्ली से स्पेशल टीम भी मेरठ आई हुई है, जो जांच पड़ताल में जुटी है।

मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी से खुलेंगे राज
पुलिस मंगतपुरम में धर्मांतरण के मामले में विदेशी फंडिंग के तार तलाश रही है। अब तक की जांच के बाद पुलिस का कहना है कि मास्टरमाइंड अनिल पास्टर की महेश पास्टर से पुरानी मुलाकात है। अनिल पास्टर ने महेश को बताया था कि यदि कुछ लालच देंगे तो बड़े पैमाने पर मंगतपुरम के लोग धर्म परिवर्तन करके इसाई समाज से जुड़ जाएंगे।

इसके बाद अनिल पास्टर ने कोरोना काल के दौरान यहां पर महेश पास्टर की मुलाकात झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों से कराई और धर्म परिवर्तन का सिलसिला शुरू हो गया। पुलिस ने दिल्ली में अनिल पास्टर और महेश पास्टर की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश भी दी लेकिन सफलता नहीं मिली। सर्विलांस के जरिए पुलिस आरोपियों की लोकेशन तलाशने में जुटी है। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की सीडीआर भी खंगाली है।

विदेशी फंडिंग की जांच जारी
आखिर आरोपियों को कहां से फंडिंग हो रही थी। इस मामले की जांच के लिए जहां मेरठ पुलिस लगी हुई है, वहीं इंटेलिजेंस भी जुटी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अनिल पास्टर और महेश पास्टर को गिरफ्तार करने के बाद ही फंडिंग के बारे में विस्तार से जानकारी हो सकेगी। प्रारंभिक जांच में विदेशी फंडिंग के तार जुड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।

साभार

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