योग को दिया मात्र एक घंटा भी संजीवनी बूटी के समान है-मीनाक्षी अग्रवाल*

*बाल योग एवं संस्कार शिविर का भव्य शुभारंभ

*योग सर्वांग सुन्दर बनाने की कला है – वीना वोहरा*

ग़ाज़ियाबाद,शुक्रवार,17-06-2022 अखिल भारतीय ध्यान योग संस्थान रजि.के तत्वावधान में जानकी वाटिका कक्षा द्वारा फिजिकली एवं ऑनलाइन सन्त निवास,नेहरू नगर में आयोजित बाल योग एवं संस्कार शिविर का भव्य शुभारंभ योग शिक्षिका श्रीमती मीनाक्षी अग्रवाल ने ओ३म् की ध्वनि और गायत्री मंत्र प्रार्थना से सत्र को प्रारम्भ किया उन्होंने आयुष्मान प्रोटोकोल के अंतर्गत सूक्ष्म क्रियाएं,ग्रीवा चालन,कटि संचालन,घुटना संचालन,खड़े होकर ताड़ासन, वृक्षासन,अर्धचक्रासन,पाद – हस्तासन त्रिकोणासन का अभ्यास कराया।ओर कहा कि अच्छा स्वास्थ्य मात्र कामना करने से नहीं मिलता जिस प्रकार स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है।उसी प्रकार स्वस्थ्य अंतःकरण ही स्वस्थ शरीर का निर्माण करता है।योग यानी शरीर और आत्मा को एक सूत्र में जोड़ना,योग से जुड़ने पर हम शारीरिक असंतुलन,अनिद्रा,पीठ व कमर दर्द,डिप्रेशन उच्च रक्तचाप पर हम नियंत्रण पा सकते हैं,योगाभ्यास शारीरिक मानसिक शक्ति,शरीर में लचीलापन वा संतुलन बनाए रखने में विशेष लाभकारी है।पूरी दिनचर्या में योग को दिया मात्र एक घंटा भी संजीवनी बूटी के समान है।

शिविर संयोजिका एवं वरिष्ठ योग शिक्षिका वीना वोहरा ने सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया और लाभों की चर्चा की उन्होंने कहा कि योग आज की जिंदगी में आवश्यक है।योग सर्वांग सुन्दर बनाने की कला है।

योग शिक्षिका सीमा अग्रवाल ने भद्रासन, अर्द्ध उष्ट्रासन, शशांकासन,वक्रासन का अभ्यास कराया।

योग शिक्षिका सुमन बंसल ने भुजंगासन,शलभासन,मकरासन,कपालभांति,अनुलोम विलोम,भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया और इसके लाभों की चर्चा की।

योग शिक्षक श्री प्रवीण आर्य ने मंच का कुशल संचालन करते हुए एक सुन्दर गीत “हंसते मुस्कुराते हुए जिन्दगी गुजारिए” सुनाकर शिविरार्थिओं को भाव विभोर कर दिया,साथ ही तालासन के साथ तीर कमान हास्यासन कराया।

योग मर्मज्ञ श्री मनमोहन वोहरा ने बताया कि योग प्राचीन भारतीय परंपरा एवं संस्कृति की अमूल्य देन है योगाभ्यास शरीर एवं मन, विचार एवं कर्म,आत्म संयम एवं पूर्णता की एकात्मकता तथा मानव एवं प्रकृति के बीच सामंजस्य प्रदान करता है तथा यह स्वास्थ्य एवं कल्याण का पूर्णता वादी दृष्टिकोण है योग केवल व्यायाम नहीं है बल्कि स्वयं के साथ विश्व और प्रकृति के साथ एकत्र खोजने का भाव है योग हमारी जीवन शैली में परिवर्तन लाकर हमारे अंदर जागरूकता उत्पन्न करता है तथा प्राकृतिक परिवर्तनों से शरीर में होने वाले बदलावों को सहन करने में सहायक हो सकता है आइए हम सब मिलकर योग को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में स्वीकार करने की दिशा में कार्य करें।

मुख्य योग शिक्षिका वीना वोहरा जी ने सुन्दर डेमोस्ट्रेशन प्रस्तुत किया जिसे देखकर बच्चे अच्छे से कर सकें।

संयोजक श्री लक्ष्मण कुमार गुप्ता ने बताया की अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2022 को प्रातः 5-30 से 8 बजे तक सुख सागर फार्म हाउस,पांडव नगर में मनाया जाएगा,अधिकतम लोगों को शामिल होने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष केके अरोड़ा,महामंत्री डीएन शर्मा,सुभाष गर्ग एवं चौधरी मंगल सिंह ने भी योग पर अपने विचार रखे।

योग शिक्षिका दर्शना मेहता ने एक योग गीत सुनाया।

योग शिक्षक राम प्रकाश गुप्ता ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

श्रीमती अनुराधा भटनागर, अनुराधा अरोड़ा,अनिता गुप्ता, बिमला रानी व डीके अरोड़ा ने शांति पाठ कराया व प्रसाद वितरण के साथ सत्र को सम्पन्न कराया।

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