सत्ता में रहकर सत्यता का वरण करना सहज नही होता – दिव्य अग्रवाल

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एक समय था जब कांग्रेस , सपा , बसपा आदि राजनीतिक दल सत्ता पर काबिज थे । मुस्लिम वोट बैंक व तुष्टिकरण की राजनीति चरम पर थी । इस देश का बहुसंख्यक हिन्दू समाज धर्म के नाम पर हुए बटवारे के पश्चात भी सेक्युलर राजनीति के दंश से प्रताड़ित था । इन सब से त्रस्त होकर देश के बहुसंख्यक हिन्दू समाज ने रास्ट्र व धर्म रक्षार्थ हेतु भाजपा सरकार का चयन किया । उत्तर प्रदेश में योगी जी महाराज मानवता संरक्षण हेतु निरन्तर प्रयासरत हैं परन्तु अब भी जिहादी व वैमनस्यता की सोच रखने वाले कटरपंथी पूरे भारत मे प्रभावी है । इसका मूल कारण है कि उनके नेता , मौलाना व नेतृत्व उनके प्रत्येक कृत्य का समर्थन सार्वजनिक रूप से करके अपने लोगो का मनोबल बढ़ाता है। जबकि इसके विपरीत अपनी आत्मरक्षार्थ हेतु महामंडलेश्वर साक्षी जी महाराज के सकारात्मक व तथ्यपूर्ण विचार पर सारे धर्मगुरु मौन धारण कर लेते हैं। जो भी जनप्रतिनिधि हिन्दुत्व रक्षार्थ की बात करके सत्ता में आए हैं क्या उन्हें साक्षी जी महाराज के विचारों का समर्थन नही करना चाहिए । जो विचार सत्ता प्राप्त होने से पहले सही थे वो विचार आज गलत कैसे हो सकते हैं। इस राष्ट्र व समाज को समझना होगा कि साक्षी जी महाराज का व्यक्तव्य का आशय पूर्ण रूप आत्मरक्षा व अपने परिवार की रक्षा से था। हिन्दू सनातन धर्म मे भी जब जब दानव प्रवृत्ति के राक्षसों ने मानवता पर प्रहार किया है तब तब महापुरुषों एवं यहां तक कि ईश्वरीय अवतारों तक ने समाज के रक्षार्थ हेतु अनेकों माध्यम से समाज व राष्ट्र की रक्षा कर भगवान के रूप में ख्याति पाकर स्थान प्राप्त किया है। यदि आज सत्ता में रहने के पश्चात भी जिहादियों व वामपंथियों के षड्यंत्र के समक्ष जिम्मेदार जनप्रतिनिधि चुप रहते है। तो इसका क्या अर्थ हो सकता है यह भी समाज को सोचना होगा । यह भी सत्य है कि दानवों ने हमेशा सभ्य समाज का ही भक्षण किया है परन्तु जब भी सभ्य समाज अपनी सुरक्षा हेतु सजग हुआ तो दानव प्रवृत्ति की पराजय हुई । आज समय है कि कांग्रेस व अन्य दलों की तरह राष्ट्रवादी भाजपा सरकार के जनप्रतिनिधि मौन धारण न करके सत्य का वरण कर मानवता व राष्ट्र सुरक्षा हेतु संगठित होकर समाज को सजग कर अपने मूल दायित्व का निर्वहन करें। जिस बहुसंख्यक समाज ने सत्ता सौंपी है यदि उसी समाज का निरन्तर शोषण व उत्पीड़न होता रहा तब निश्चित ही वो समय दूर नही जब बहुसंख्यक समाज इस स्थिति में भी नही रहेगा कि वो अपने बल पर किसी राष्ट्रवादी दल को सत्ता तक पहुंचा सके । उत्तर प्रदेश की जनता अनन्त भाग्यशाली है कि योगी जी महाराज जैसा नेतृत्व व मानवता प्रहरी इस प्रदेश को मिला पर एक अकेला व्यक्ति इस जिम्मेदारी का निर्वहन कब तक कर सकता है यह भी सम्पूर्ण हिंदुस्तान के लिए अति विचारणीय प्रश्न है। सत्ता से पूर्व एवम सत्ता में आने के पश्चात भी निर्भीकता से अपना व्यक्तव्य रखने वाले सनातन सभ्यता के महामंडलेश्वर व लोकतंत्र प्रकिर्या से चयनित उन्नाव से सांसद साक्षी जी महाराज को सभ्य समाज द्वारा कोटिश साधुवाद करना चाहिए ।

दिव्य अग्रवाल
विचारक व लेखक
गाजियाबाद

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