‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘मेड इन इंडिया’ की दृष्टि का वाहक बनें

pm-modi_505_081514125658प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान (आईआईटी) से कहा कि वह आम लोगों को दैनिक जीवन में होने वाली परेशानियों के अभिनव समाधान निकाले।

प्रधानमंत्री, राष्‍ट्रपति भवन में आयोजित आईआईटी बोर्ड ऑफ गवर्नस के अध्‍यक्षों और निदेशकों के सम्‍मेलन को संबोधित कर रहे थे। ‘’विज्ञान सर्वव्‍यापी है, प्रौद्योगिकी स्‍थानीय होनी चाहिए’’ यह कहते हुए प्रधानमंत्री ने आईआईटी से आग्रह किया कि उनके छात्रों को स्‍थानीय आवश्‍यकताओं और जरूरतों से संबंधित परियोजनाएं दी जाएं, ताकि वे अपने अध्‍ययनों से इन समस्‍याओं का अभिनव समाधान ढूंढ सकें। उन्‍होंने कहा कि इससे लोगों के जीवन स्‍तर में सकारात्‍मक बदलाव आने के साथ ही आईआईटी के प्रतिभावान युवकों के मन में राष्‍ट्र-सेवा का भाव भी जागेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘’आईआईटी, हमारे छात्रों को सोचने का विज्ञान और जीवन की कला किस प्रकार सिखा सकते हैं’’।

प्रधानमंत्री ने ऐसे कई उदाहरणों के बारे में बताया जहां भारत काफी हद तक आयात पर निर्भर है। इसमें रक्षा उपकरण से लेकर स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र और संवेदनशील तथा सुरक्षा संबं‍धी वस्‍तुएं जैसे- करंसी स्‍याही और अश्रु गैस शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं इस यह विश्‍वास नहीं कर सकता कि हमारे देश में ऐसी प्रतिभा नहीं है, जो इन चीजों का निर्माण न कर सके। उन्‍होंने आईआईटी से इस प्रकार की चुनौतियों को स्‍वीकार करने को कहा।

दो और विशिष्‍ट उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने आईआईटी से कहा कि प्रौद्योगिकी के जरिए ‘’सबके लिए आवास’’ के विजन को पूरा करने में सहयोग दें, ताकि कम कीमत पर मजबूत और पर्यावरण अनुकूल घरों का तेजी से निर्माण किया जा सके। उन्‍होंने यह भी कहा कि आईआईटी, भारतीय रेल के लिए उपभोक्‍ता अनुकूल प्रगतिशील कार्यों में सहयोग कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने आईआईटी से अपने आस-पास के इंजीनियरिंग कॉलेजों को अपनाने और उनके छात्रों का मार्गदर्शन करने का भी आह्वान किया। उन्‍होंने आईआईटी से कहा कि वे अपने आस-पास के लोगों द्वारा विकसित किये गये अभिनव प्रयासों की खोज करे, ताकि ये जबर्दस्‍त बदलाव के लिए प्रेरणादायक बन सके। आईआईटी छात्रों को एक बड़ी ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आईआईटी को अपने पूर्व छात्रों को इस बात के लिए प्रोत्‍साहित करना चाहिए कि वे अन्‍य छात्रों के साथ बातचीत करें, ताकि छात्र उनके अनुभव से लाभान्वित हो सकें। उन्‍होंने आईआईटी के पूर्व छात्रों का पता लगाकर उनके समूह बनाने के लिए भी कहा, जिससे विभिन्‍न क्षेत्रों में उनके अनुभव का उपयोग किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में की गई पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से राष्‍ट्र और भावी पीढि़यां लाभान्वित होंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हालांकि संस्‍थानों की वैश्विक रैंकिग महत्‍वपूर्ण है, लेकिन हमे खुद अपनी रैंकिंग के लिए मानक तय करने चाहिए, जिससे परिवर्तन और सुधार की स्‍वनिर्मित प्रक्रिया तैयार की जा सके।

लेखक विकास कुमार गुप्ता पीन्यूज डाट इन के सम्पादक हैं इनसे 9451135000, 9451135555 पर सम्पर्क किया जा सकता हैं।

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