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साक्षात्‍कार

2022 में फिर बनेगी भाजपा सरकार :  योगी सत्य नाथ जी महाराज

महर्षि दयानंद का स्पष्ट चिंतन ही भारतवर्ष को विश्व गुरु बना सकता है। यह कहना है शिव गोरक्ष धाम गोरखपुर के संस्थापक अध्यक्ष योगी सत्य नाथ जी महाराज का। योगी जी यहाँ उगता भारत  के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद के सत्यार्थ प्रकाश का उन्होंने कई बार अध्ययन किया है। जिसमें राष्ट्र चिंतन की उदात्त भावनाएं हैं। जिनको अपनाकर यदि काम किया जाए तो निश्चित रूप से भारत ‘विश्व गुरु’ बन सकता है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि वैदिक चिंतन को धार देकर उसे संपूर्ण विश्व के सामने एक आदर्श मर्यादा के रूप में प्रस्तुत करने का समय आ गया है।
  योगी सत्यनाथ जी महाराज ने कहा कि भारत के स्वाधीनता संग्राम में आर्य समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 18 57 से लेकर के 1947 के कालखंड में इस राष्ट्रवादी संगठन ने अनेकों बलिदान देकर भारत के गौरवशाली इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठों को जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। यदि कांग्रेस ने आर्य समाज की विचारधारा को अपनाकर कार्य किया होता तो निश्चित रूप से देश का बंटवारा नहीं होता।
  उन्होंने कहा कि भारत आज भी एक हिंदू राष्ट्र है और भविष्य में भी रहेगा। क्योंकि हिंदुत्व की विचारधारा के आधार पर ही इस देश की राजनीति के सारे मानदंड आज भी कार्य कर रहे हैं और यदि भारतवर्ष में धर्म निरपेक्षता की विचारधारा जीवित है तो वह भी केवल हिंदुत्व की उदारता के कारण ही जीवित है। यदि इसमें किसी अन्य मजहब की कट्टरता को सम्मिलित कर दिया गया तो निश्चित रूप से भारत में धर्मनिरपेक्षता की भावना खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व समन्वय, सहयोग और सद्भाव को लेकर चलने वाली विचारधारा है। जिसके आधार पर राष्ट्र को समृद्ध, सुशिक्षित और संस्कारित बनाने में सहायता मिल सकती है।
  एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से विश्व का प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन करता रहा है। आज भी भारत के पास विश्व नेतृत्व करने की अनंत संभावनाएं हैं। जिनको तलाश कर अपनाने की आवश्यकता है। भारत का मौलिक चिंतन सर्व समन्वय को प्रोत्साहित करता है, परंतु यदि किसी विचारधारा को अपनाकर कोई वर्ग विशेष या कोई व्यक्ति विशेष भारत की सर्व समन्वयवादी संस्कृति का उपहास करना चाहे या भारत को तोड़ने की कोशिश करता देखा जाएगा तो उसका उपचार करना भी भारत की संस्कृति सिखाती है। देशद्रोहियों देश विरोधियों, समाज विरोधी और हिंदू द्रोही लोग किसी भी प्रकार से शासन के द्वारा सहन नहीं किए जाने चाहिए। यदि शासन ऐसे लोगों को सहन करता है तो वह देश को कमजोर करने का अपराधी माना जाना चाहिए।
  उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ जिस मिट्टी से बने हैं उसमें समाज द्रोही वव देशद्रोही लोगों को सहन किए जाने का कोई प्रश्न ही पैदा नहीं होता। अपनी इन्हीं स्पष्ट नीतियों के आधार पर वह उत्तर प्रदेश में 2022 में फिर सरकार बनाने जा रहे हैं। क्योंकि प्रदेश की जनता उनके साथ है और प्रदेश की जनता शांति व्यवस्था को पसंद कर रही है। यह बात भी विचारणीय है कि सपा के शासन काल में किस प्रकार प्रदेश सांप्रदायिक हिंसा का शिकार होता रहा था ? जिसे अब किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।

 

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