Categories
राजनीति

आखिर क्यों धधक रहा ‘हिन्दू राष्ट्र’ नेपाल?

अवधेश कुमार

नेपाल हिंसा में झुलस रहा है। भारत से लगे मधेस इलाकों में आंदोलन के हिंसक होने के बाद लागू कफ्र्यू तक से अंतर नहीं आया। लोगों की जानें जा रही हैं, लेकिन उनका सडक़ों पर आना रुका नहीं है। उनकी नाकेबंदी के चलते भारत से सामान की आपूर्ति बाधित हो रही है। विचित्र है कि नेपाल के नेतागण इसका आरोप भारत पर मढ़ रहे हैं और ऐसा माहौल बनाया जा रहा है मानो भारत नेपाल को गुलाम बनाने की मानसिकता रखता हो। माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख प्रचंड ने कह दिया कि सुना है भारत हमारी रसद, तेल आदि की आपूर्ति रोक रहा है। हम मोटर के बजाय साइकिल पर चल लेंगे लेकिन उनके तलवे नहीं चाटेंगे। यह नेपालियों के स्वाभिमान का प्रश्न है। हम भारत की जी-हुजूरी नहीं कर सकते।nepal flag

बड़ी विचित्र स्थिति है। भारत ने कभी नहीं कहा कि वह किसी प्रकार की आपूर्ति बंद कर रहा है। न भारत की ओर से कभी नेपाल के स्वाभिमान को चोट पहुंचाने की कोशिश हुई। फिर प्रचंड ने ऐसा क्यों कहा? प्रचंड ऐसा बयान देने वाले अकेले नेता नहीं हैं। भारत-विरोधी माहौल इतना उग्र कर दिया गया है कि जो नेता कल तक भारत के समर्थक माने जाते थे वे भी मुखालफत में बोलने लगे हैं। उदाहरण के लिए, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के नेता माधव कुमार नेपाल ने कह दिया कि हम पड़ोसी से अच्छे संबंध चाहते हैं, पर यदि कोई हमसे जी-हुजूरी चाहता है तो नेपाल यह करने वाला नहीं। वास्तव में काठमांडो से लेकर पूरे पहाड़ के इलाकों में भारत-विरोधी भावनाएं भडक़ा दी गई हैं।

यह हर दृष्टि से दुर्भाग्यपूर्ण है। समस्या नेपाल की अंदरूनी है। नेपाल के नेता अपनी विफलताओं का ठीकरा भारत केसिर फोडऩा चाहते हैं। अगर संविधान में दोष हैं, उनकी प्रक्रिया में दोष हैं, उनके विरुद्ध आंदोलन से भारत की सीमा पर समस्याएं हो रहीं हैं, मधेसी भारत से मध्यस्थता की मांग कर रहे हैं तो भारत इसकी अनदेखी नहीं कर सकता। भारत का विरोध करने वाले राजनीतिक भूल रहे हैं कि भारत मधेसियों की भावनाओं को नकार नहीं सकता, खासकर तब जब उनकी मांगें वाजिब हों। श्रीलंका के तमिलों की समस्या जिस तरह भारत की समस्या हो जाती है उससे भी कहीं ज्यादा परिमाण में मधेसियों की समस्या भारत की समस्या हो जाती है। हमारी लाखों बेटियों की ससुराल मधेस में है। वहां की लाखों बेटियां हमारे यहां शादी करके आईं।

यह कई पुश्तों से चल रहा है। इस तरह रोटी-बेटी का रिश्ता है। भारत कैसे चुप रह सकता है? खासकर जब वर्तमान स्वीकृत संविधान में उनके साथ भेदभाव किया गया हो और उनके प्रति दी हुई वचनबद्धता का पालन न हुआ हो। वास्तव में भारत के सामने मधेसियों की मांगों के साथ आवाज लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसलिए भारत ने कहा है कि नया संविधान न समावेशी है और न ही उस पर सहमति है। विदेश मंत्रालय की खबरों पर विश्वास करें तो नेपाल सरकार को भारत ने बता दिया है कि गैर-बराबरी और अस्थिरता पैदा करने वाला नया नेपाली संविधान मंजूर नहीं किया जा सकता। भारत ने नेपाली नेताओं से नए संविधान की खामियां दूर करने को कहा है।

सच यही है कि इस संविधान के द्वारा नेपाल ने अपने यहां अस्थिरता का बीज बोया है। अगर वह इसे ठीक नहीं करता तो फिर वहां भी श्रीलंका की पुनरावृत्ति हो सकती है। यह नेपाल के हित में है कि जो भी गलतियां हो गई हैं उन्हें वह दूर करे। तीन दिन में बिना बहस के विप के जरिए संविधान को मंजूरी दिलाना वहां की बहुमत आबादी की आवाज को दबाने वाला कदम है। मनमाना संविधान स्वीकृत करने के लिए कई संसदीय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। अगर संविधान को सरसरी तौर पर भी देख लें तो साफ दिखाई देगा कि आम सहमति से तैयार उस अंतरिम संविधान को लगभग उलट दिया गया है जिसमें तराई और मधेसियों को बराबरी का हक दिया गया। यह संविधान न्याय करने वाला नहीं है। भारत नेपाल के नेताओं की इच्छा के अनुरूप ही संविधान निर्माण के पीछे सक्रिय रहा है।

नेपाल के प्रधानमंत्री, जिन्हें अब नए संविधान के तहत पद-त्याग करना है, स्वयं चलकर संयुक्त लोकतांत्रिक मधेस मोर्चा के कार्यालय आए थे। वहां उपस्थित लोगों ने उनसे कहा कि आप लोगों ने लंबे समय से हमें गुलाम बना कर रखा है और आपने संविधान में फिर हमारी वही स्थिति बना दी है जिसे हम स्वीकार नहीं कर सकते। कोइराला को उलटे पांव वापस जाना पड़ा। उन्होंने पहले बातचीत की भी अपील की थी, पर बातचीत तो संविधान स्वीकृति के पहले होनी चाहिए थी। जब उस पर राष्ट्रपति रामबरन यादव ने हस्ताक्षर कर दिया, उसे लागू करने की घोषणा कर दी गई तो फिर उसमें बातचीत का आधार क्या होगा? बातचीत तो तभी होगी जब नेपाल के वर्तमान नेतागण स्वीकार करें कि वे इसमें उस तरह से परिवर्तन को तैयार हैं जैसी पहले सहमति बनी थी।

आखिर सहमति क्या थी? संविधान ऐसा बने कि मधेस लोगों की आबादी के अनुरूप संसद और प्रांत की विधायिकाओं में प्रतिनिधित्व मिले। उन्हें प्रमुख नौकरियों, प्रशासन, पुलिस, सेना में उचित प्रतिनिधित्व मिले। एक मधेस एक प्रदेश की बात मधेस नेता कर रहे थे। ले-देकर आठ प्रदेश बनाने पर सहमति बनी थी। जो सामने आया वह क्या है? यह हर दृष्टि से क्षेत्रीय और जातीय असंतुलन वाला संविधान बन गया।

जरा सोचिए, नेपाल की एक सौ पैंसठ सदस्यीय संसद में इक्यावन प्रतिशत जनता का नेतृत्व केवल साठ से पैंसठ प्रतिनिधि करेंगे। इससे तराई और मधेसियों को न्याय कहां मिला? सरकार उनके उनचास प्रतिशत होने की बात कहती है, जबकि मधेसी स्वयं को इक्यावन प्रतिशत से ज्यादा मानते हैं।

नेपाल के नए संविधान ने ज्यादा प्रतिनिधि पहाड़ी इलाकों से आने के प्रावधान बना दिए। अंदर के राजनीतिक-भौगोलिक विभाजन में आठ राज्य बनाने की जगह आपने सात राज्य बना दिए। उनकी भौगोलिक परिमिति इस तरह बनी है कि हर प्रदेश में मधेसी अल्पसंख्यक हो जाएं और पहाड़ी बहुसंख्यक। इससे राजनीतिक सत्ता में मधेसियों का प्रतिनिधित्व अपने आप कम हो जाएगा। सात प्रदेशों के सीमांकन में भी खामियां हैं। दो मधेस प्रदेशों के सीमांकन में एक में जहां पहाड़ के चार जिलों को शामिल कर विवाद खड़ा किया गया है वहीं दूसरे मधेस प्रदेश में औद्योगिक विकास का एक भी कॉरिडोर नहीं है।

अगर पहले से मधेसियों के साथ समानता का व्यवहार किया गया होता, उन्हें हर क्षेत्र में समुचित प्रतिनिधित्व मिला होता तो शायद आवाज नहीं उठती। नेपाल का नेतृत्व करने वाले नेताओं ने आरंभ से ही मधेसियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया। लाखों की संख्या में मधेसियों को नागरिकता के अधिकार से भी वंचित रखा गया। लंबा आंदोलन चला, तब जाकर नागरिकता देने की स्वीकृति दी गई। लंबे समय तक मधेसियों को काठमांडो जाने के लिए परमिट की आवश्यकता होती थी। प्रशासन से लेकर संसद में उनका प्रतिनिधित्व 2 से 7 प्रतिशत तक सीमित रहा। नेपाली रेडियो से हिंदी का प्रसारण तक बंद कर दिया गया। इनकी भाषाओं भोजपुरी, मैथिली, वज्जिका को मान्यता नहीं दी गई। विद्यालयों तक में हिंदी की पढ़ाई बंद हो गई। अब जब से वे जागृत हुए हैं, अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं, तो इन नेताओं को समस्या हो रही है!

नेपाल एक देश के रूप में तभी सुखी, समृद्ध और स्थिर रह सकता है जब मधेसी और पहाड़ी दोनों के बीच एकता हो। संविधान इस एकता को परिपुष्ट करने वाला होना चाहिए, जबकि यह एकता को तोडऩे वाला है। संविधान में बहुत सारे अच्छे प्रावधान हैं। नेपाल को एक पूर्ण संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य बना दिया गया है।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
deneme bonusu
vaycasino giriş
betpark giriş
milanobet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
winxbet giriş
winxbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
safirbet giriş
ikimisli giriş
ikimisli giriş
safirbet giriş
ikimisli giriş
safirbet giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
milanobet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
safirbet giriş
safirbet giriş
betpark giriş
ikimisli giriş
betnano giriş
betpas giriş
betpas giriş
safirbet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betasus giriş
betasus giriş
betpark giriş
betpark giriş
hitbet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
ikimisli giriş
savoybetting giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
betorder giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betnano giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betpark giriş
galabet giriş
galabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpas giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
mariobet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
betnano giriş
betper giriş
rekorbet giriş
betnano giriş
betticket giriş
betnano giriş
betper giriş
betpark giriş
betpark giriş
savoybetting giriş