डॉ राकेश कुमार आर्य की तीन पुस्तकों का एक साथ हुआ विमोचन

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नोएडा। प्रसिद्ध इतिहासकार और अभी तक की अपनी 57 पुस्तकों के लेखक डॉ राकेश कुमार आर्य की तीन पुस्तकों – ‘इतिहास पर गांधीवाद की छाया’ , ‘जय भीम जय मीम और बाबासाहेब डॉक्टर अंबेडकर’ और ‘मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना’ – का विमोचन उनके 55 वे जन्मदिवस 17 जुलाई के अवसर पर सुदर्शन न्यूज़ चैनल के चेयरमैन सुरेश चव्हाणके द्वारा किया गया।
इस अवसर पर श्री चव्हाणके ने कहा कि डॉक्टर आर्य का साहित्य सच को सच के रूप में प्रकट करने वाला होता है । इतिहास लेखन में डॉक्टर आर्य का कोई सानी नहीं है। उन्होंने भारत के स्वाधीनता संग्राम का जिस प्रकार तथ्यात्मक वर्णन कर हम सब के लिए प्रस्तुत किया है उसे हम अन्य पत्रकार बंधुओं के लिए भी आदर्श के रूप में प्रस्तुत करते हैं। जिससे नई पीढ़ी प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का काम करे। उन्होंने कहा कि इस समय देश की युवा पीढ़ी को अपने गौरवपूर्ण इतिहास के पढ़ने की बहुत अधिक आवश्यकता है जिसे डॉक्टर आर्य का इतिहास संबंधी ज्ञान पूर्ण कर रहा है।
श्री चव्हाणके ने कहा कि जय भीम और जय भीम के नारे के आधार पर जिस प्रकार आज हिंदुत्व के लिए खतरा पैदा किया जा रहा है उस पर यह पुस्तक बहुत ही महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। जिसमें डॉ अंबेडकर के सकारात्मक चिंतन को प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि मजहब वास्तव में तोड़ने का काम करता है और धर्म जोड़ने का काम करता है जो कि डॉक्टर आर्य ने अपनी पुस्तक के माध्यम से हमारे समक्ष प्रस्तुत किया है ।उन्होंने कहा कि गांधीवादी विचारधारा इस समय नकारा सिद्ध हो चुकी है, क्योंकि गांधीवाद तो दब्बू राष्ट्र के निर्माण में सहायक हुआ है जबकि भारत की दबंग राष्ट्र की छवि बनाने के लिए हमें गांधीवाद की आवश्यकता नहीं है।
पुस्तकों के लेखक डॉ आर्य ने कहा कि उनकी ये पुस्तकें उन्होंने देश के युवा वर्ग के लिए विशेष रूप से लिखी हैं । जिसे कि इस समय गांधीवाद के नाम पर और जय भीम जय मीम के नाम पर भटकाया जा रहा है । डॉक्टर आर्य ने कहा कि मजहब यदि बैर करना नहीं सिखाता तो उसे राजनीति में धर्म के नाम से प्रयोग करने से लोग क्यों कतराते हैं ? ऐसे गूढ़ रहस्यों को प्रकट करना उनके लिए आवश्यक हो गया था उसी की परिणति ये पुस्तक है।
पुस्तक विमोचन के समय वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजसेवी और ‘उगता भारत’ समाचार पत्र के चेयरमैन देवेंद्र सिंह आर्य ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि इतिहास के छुपे हुए तथ्यों को प्रकट करना आज के प्रत्येक इतिहासकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। जिसे उनके अनुज डॉक्टर आर्य के द्वारा पूरा किया जा रहा है। जो कि उनके लिए गर्व और गौरव का विषय है । उन्होंने कहा कि नागभट्ट प्रथम, नागभट्ट द्वितीय, गुर्जर सम्राट मिहिर भोज और लूणकरण भाटी (जैसलमेर के शासक) के द्वारा किए गए शुद्धि और घर वापसी के अभियानों पर विस्तृत चर्चा कर युवा पीढ़ी को उनके महान कार्यो से अवगत कराया जाना समय की आवश्यकता है,। जिसके लिए उन्होंने सुदर्शन न्यूज़ चैनल और डॉक्टर आर्य के प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर उगता भारत समाचार पत्र के सह संपादक श्रीनिवास आर्य एडवोकेट , राकेश कुमार नागर एडवोकेट, अनिल भाटी , और कार्यालय प्रबंधक अजय आर्य व अन्य अनेकों गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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