IMG-20210621-WA0013

हष्टपुष्टजनोपेतं चातुर्वण्रर्यसमाकुलम्| (महा0 सभा पर्व)
स्फीतोत्सवमनाधृष्यमासेदुश्च गिरिव्रजम्||

कातिर्कस्य तु मासस्य प्रवृतं प्रथमेहनि| (महा0 सभा पर्व)
अनाहारं दिवारात्रमविश्ररान्तमवर्तत||

“कुरुदेश से चलकर गंगा और सोनभद्र को पार करके गोरथ पर्वत पर पहुंचकर उन तीनों ने मगध की राजधानी को देखा| वहां से चलकर वे तीनों गिरीब्रज के निकट जा पहुंचे वह नगर चारों वर्णों के लोगों से भरा पूरा था |उसमें रहने वाले सभी लोग हैं हष्ट पुष्ट दिखाई देते थे |वहां अधिकाधिक उत्सव होते रहते थे उस नगर को कोई जीत नहीं सकता था” |

महाभारत के सभा पर्व के पंचम अध्याय में 5200 वर्ष पुराने बिहार ( मगध) का बड़ा ही सुंदर चित्र है | बहुत ऐश्वर्याशाली हष्ट पुष्ट नागरिकों से युक्त महाभारत कालीन मगध महाजनपद था | बहुत सांस्कृतिक उत्सव होते थे | क्षत्रिय होकर ब्राह्मण के वेश में गए थे महाबली भीम अर्जुन और योगिराज श्री कृष्ण | मगध नरेश जरासंध ने उनका स्वागत किया उन्हें अपनी यज्ञशाला में ठहराया स्वयं राजभवन में चला गया |

महाभारत मैं जरासंध वध का बहुत सुंदर चित्रण किया है ।

कार्तिक मास के प्रथम दिन भीम जरासंध दोनों का मल्ल युद्ध आरंभ हुआ और दिन-रात बिना खाए पिए अविराम गति से चलता रहा |उन वीर महात्माओं मल्ल युद्ध निर्बाध रूप से त्रयोदशी तक चलता रहा| चतुर्दशी की रात्रि में मगध नरेश जरासंध थक कर तोड़ा निवृत्त सा होने लगा उसी समय मौका पाकर भीम ने उसका वध कर डाला |

मल्ल युद्ध भारत की प्राचीन युद्ध कला है…. जिसमें विपक्षी को चोट पहुंचाकर उसे मृत्युलोक पहुंचा दिया जाता है आधुनिक कुश्ती मल युद्ध का ही परिमार्जित रूप है | आजकल तैरने के ,बोलने के ,साइकिलिंग के वेटलिफ्टिंग के तमाम वर्ल्ड रिकॉर्ड बनते हैं|

महाभारत के सभा पर्व में इतिहास प्रसिद्ध भीम मगध के महाराजा जरासंध के मध्य हुए मल युद्ध का विस्तृत वर्णन है.. आज के नजरिए मानदंडों से देखें तो यह विश्व कीर्तिमान है|

भीम तथा जरासंध जैसे दो महायोद्धाओं के बीच लड़ा गया यह मल युद्ध बिना खाए पिए दिनरात्रि 13 दिन तक चला था.. कार्तिक मास के प्रथम दिन से चलकर यह युद्ध चतुर्दशी को समाप्त हुआ था जरासंध की मृत्यु के साथ|

क्या जबरदस्त मस्कुलर पावर ,स्टैमिना था हमारे पूर्वजों में ? लेकिन हमने पूर्वजों के बल बुद्धि को चमत्कारवाद अवतारवाद की भेंट चढ़ा दिया | एक बात चौंकाने वाली है महाभारत में जरासंध को महात्मा की उपाधि से संबोधित किया है…. जरासंध एक आदर्श राजा था ,वेद उपनिषद व्याकरण का भी विद्वान था .. लेकिन उसका एक गलत संकल्प उसकी मृत्यु का कारण बना| उसने 100 राजाओं को बंदी बनाकर उनके उनके सामूहिक वध का निश्चय किया था उसकी कैद में 86 राजा बंदी थे जिन्हें उसने युद्ध में पराजित कर बंदी बनाया था.. इनमें से बहुत से बंदी राजा तो आर्यव्रत से बाहर विश्व के अन्य देशों से भी थे| स्वयं उसने अपने समधी गोस्थान के राजा गोनंद को भी बंदी बना लिया था | वही गोस्थान है जो ,अब खोतान है चीन के जिनजियांग प्रांत में है | जरासंध के पिता का नाम बहदरथ तथा उसके पुत्र का नाम भी सहदेव ही था|

जैसे ही उसे मल युद्ध में अपने पिता की मृत्यु का पता चला वह भयभीत हो गया, वह अपने पुरोहित और मंत्रियों के साथ नगर से बाहर निकला और रत्नों का विशाल भंडार लेकर बड़े विनीत भाव से श्री कृष्ण के चरणों में पड़ गया श्री कृष्ण ने उसको अभयदान देकर उसकी बहुमूल्य रत्नों की भेंट स्वीकार की और बड़ी प्रसन्नता पूर्वक उसे उसके पिता के राज्य पर अभिषिक्त कर दिया कितना पावन चरित्र था योगिराज श्री कृष्ण का|

शर्म आनी चाहिए आजकल के कलयुग के कथावाचक वर्ग को जो श्रीकृष्ण पर ना जाने क्या-क्या तोहमत लगाते हैं |

पांडवों ने अपने द्वारा बसाई गई वैभवशाली नगरी इंद्रप्रस्थ (दिल्ली) में राजसूय यज्ञ का अनुष्ठान करना चाहा राजसूय यज्ञ की पहली और अंतिम शर्त यह होती है कि विश्व के सभी राजा राजसूय यज्ञ का अनुष्ठान करने वाले राजा की अधीनता नेतृत्व स्वीकार करें। कोई राजा किसी राजा से भयभीत ना हो.. राष्ट्रों का संबंध सौहार्दपूर्ण हो… राजसूय यज्ञ के अनुष्ठान में सबसे बड़ी बांधा जरासध ही था… इसी कारण पांडवों को जरासंध का वध करना पड़ा.. |

बिहार के राजगीर में आज भी जरासंध के अखाड़े के अवशेष मौजूद है.. जरासंध ने कुश्ती को विशेष बढ़ावा दिया था.. सैकड़ों लीटर दूध दही उस अखाड़े की मिट्टी में मिलाया जाता था प्रतिदिन यही नीचे चित्र में वह स्थान है जहां भीम – जरासंध का मल युद्ध हुआ था महाभारत में राजगीर का उल्लेख पहाड़ी पर्वतीय स्थल के रूप में किया गया है गिरिवृज पर्वत पर यह अखाड़ा था.. आज भी ठीक ऐसी ही पहाड़ी संरचना पर यह पाया जाता है |

आज बिहार के नालंदा जिले में स्थित राजगीर बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट वन्य जीव अभ्यारण एक संरक्षित क्षेत्र है देश-विदेश के सैलानि घूमने आते हैं|

आर्य सागर खारी ✒✒✒

Comment:

betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
betsilin giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
hititbet giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
hititbet giriş
grandpashabet
grandpashabet
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet
grandpashabet
hiltonbet giriş
hiltonbet giriş
katlabet giriş
katlabet giriş
meritking güncel giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betnano güncel giriş
betnano güncel giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
katlabet giriş
katlabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betasus giriş
betpark giriş
betasus
betasus
betasus giriş