Categories
भारतीय संस्कृति महत्वपूर्ण लेख

विश्व कुटुंबकम को चरितार्थ करता भारत विश्व को दे रहा है वैक्सीन

रमेश सर्राफ धमोरा

भारत सरकार का मानना है कि देश के लोगों की जरूरत पूरी करते हुये अपने पड़ोसी देशों के साथ ही दुनिया के अन्य देशों को भी कोरोना वैक्सीन दी जाये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार कहते रहे हैं कि भारत अपने व्यापक वैक्सीन इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल दूसरे देशों की मदद में करेगा।

पिछले एक वर्ष से पूरी दुनिया कोरोना महामारी से त्रस्त हो रही है। दुनिया में करीब 10 करोड़ से अधिक लोग कोरोना के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। वहीं 22 लाख से ज्यादा लोगों ने इस बीमारी की चपेट में आकर अपनी जान गंवा दी है। भारत में भी एक करोड़ आठ लाख लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। वहीं एक लाख 54 हजार 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। भारत सहित दुनिया में कोरोना का संक्रमण अभी भी जारी है। बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी से संक्रमित हो रहे हैं। हालांकि देश में लगे लंबे समय तक लॉकडाउन व सरकारी पाबंदियों के कारण कोरोना संक्रमण पर बहुत अधिक काबू पाया जा चुका है। अब कोरोना के नए मरीजों की संख्या में भी काफी कमी आई है। मगर कोरोना के चलते देश में अभी भी कई जगह पाबंदियां लगी हुई हैं।

हमारे लिए सबसे सुखद बात यह है कि भारत में कोरोना की दो वैक्सीन बन चुकी हैं। 16 जनवरी से देश में कोरोना के टीके लगने शुरू हो गए हैं। प्रथम चरण में पूरे देश में चिकित्सा से जुड़े लोगों को टीके लगाए गए हैं। टीकाकरण के दूसरे चरण में 4 फरवरी से फ्रंटलाइन वर्करों का टीकाकरण होने लगा है। जिनमें पुलिस, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड, रैपिड एक्शन फोर्स, राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग, नगर पालिका, सफाई कर्मियों को टीके लगाये जाने हैं। देश में टीकाकरण की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है। अब तक करीबन 50 लाख से अधिक लोगों के टीके लग चुके हैं। फिलहाल देश में दो कंपनियों के बनाये हुये टीके तो लगने शुरू हो गए हैं। वहीं देश में कई अन्य कंपनियों के टीके भी शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएंगे।

भारत सरकार का मानना है कि देश के लोगों की जरूरत पूरी करते हुये अपने पड़ोसी देशों के साथ ही दुनिया के अन्य देशों को भी कोरोना वैक्सीन दी जाये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार कहते रहे हैं कि भारत अपने व्यापक वैक्सीन इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल दूसरे देशों की मदद में करेगा। कई पड़ोसी देशों को भारत ने तोहफे के रूप में अपने यहां बनी कोविशील्ड वैक्सीन भिजवाई है। एक तरफ देश में टीकाकरण अभियान जारी है तो दूसरी तरफ इन देशों की मदद भी। भारत की इस पहल को दुनिया भी सराह रही है। अब तक भारत बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, भूटान, मालदीव, मॉरीशस, ओमन, सेशेल्स को वैक्सीन भिजवा चुका है।

इससे प्रभावित होकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने वैक्सीन हब के तौर पर भारत की तारीफ की है। उन्होंने दूसरे देशों को वैक्सीन सप्लाई करने के लिए भारत की पीठ थपथपाई है। अमेरिका ने पिछले हफ्ते भारत को सच्चा दोस्त बताते हुए कहा था कि वह अपने फार्मा सेक्टर का इस्तेमाल दुनिया भर के लोगों की मदद में कर रहा है। भारत ने जहां-जहां वैक्सीन भेजी है। उन देशों ने भी शुक्रिया अदा किया है। कई देशों ने भारत से वैक्सीन मिलने की उम्मीद जताई है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा है कि कोविड-19 की वैक्सीन के रिसर्च के मामले में भारत किसी देश से पीछे नहीं है। हमारी पहली प्राथमिकता यही है कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित हो और वायरस के खिलाफ कारगर हो। इस मामले में हम समझौता नहीं चाहते। हमारे नियामक सभी बातों को मददेनजर रख कर वैक्सीन से जुड़े डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि देश में स्वदेशी वैक्सीन पर काम जारी है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले छह महीनों में हम देश के 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन की डोज दे पाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में फिलहाल नौ कोरोना वैक्सीन बन रही हैं जो क्लीनिकल ट्रायल के अलग-अलग स्तर पर हैं। इनमें से छह के क्लीनिकल ट्रायल जारी हैं। जबकि तीन फिलहाल प्री-क्लीनिकल ट्रायल के स्तर पर हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की बनाई कोविशील्ड वैक्सीन के लिए पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट इसका भारतीय पार्टनर है। इसके आपातकालीन इस्तेमाल के लिए सरकार से इजाजत मिलने के बाद इसका उपयोग शुरू कर दिया गया है। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कोवैक्सीन बना रही है। आईसीएमआर के सहयोग से हाल ही में इसके तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल हआ है। इसके आपातकालीन इस्तेमाल के लिए भी सरकार से इजाजत मिल गयी है।

कैडिला हेल्थकेयर की जाई-कोविड वैक्सीन डीएनए प्लेटफॉर्म पर बनाई जा रही है। इसके लिए कैडिला ने बायोटेकनोलॉजी विभाग के साथ सहयोग किया है। इसके तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल जारी हैं। रूस की गेमालाया नेशनल सेंटर की बनाई स्पुतनिक-वी वैक्सीन ह्यूमन एडेनोवायरस प्लेटफॉर्म पर बनाई जा रही है। बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन हैदराबाद की डॉक्टर रेड्डीज लैब कर रही है। इस वैक्सीन का दूसरे व तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं। जो इस महीने पूरे होने वाले है। नोवावैक्स कोविड-19 वैक्सीन का उत्पादन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट कर रही है। इसके लिए इंस्टीट्यूट ने नोवावैक्स के साथ समझौता किया है। इसका तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल किया जा रहा है।

हैदराबाद की बायोलॉजिकल ई लिमिटेड अमेरिका की एमआईटी की बनाई प्रोटीन एंटीजेन बेस्ड वैक्सीन का उत्पादन कर रही है। इसके पहले और दूसरे चरण के ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो चुके हैं। पुणे की जिनोवा कंपनी अमेरिका की एचडीटी की एमआरएनए आधारित वैक्सीन का उत्पादन कर रही है। इस वैक्सीन को लेकर जानवरों पर होने वाले प्रयोग खत्म हो चुके हैं और जल्द ही इसके पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल शुरू होने वाले हैं। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक अमेरिका की थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी के सहयोग से मृत रेबीज वेक्टर प्लेटफॉर्म आधारित कोरोना वैक्सीन का उत्पादन कर रही है। ये वैक्सीन एडवांस्ड प्री-क्लीनिकल स्तर तक पहुंच चुकी है। भारत की अरबिन्दो फार्मा अमेरिकी के ऑरोवैक्सीन के साथ मिल कर एक वैक्सीन बनी रही है जो फिलहाल प्री-डेवेलपमेन्ट स्टेज पर है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में आगामी वर्ष के लिए कोरोना वैक्सीन के विकास और विनिर्माण के लिए 35 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2 लाख 23 हजार करोड़ से ज्यादा आवंटन किया गया है। जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 137 प्रतिशत अधिक है। केंद्र सरकार कोरोना वायरस संकट को लेकर बेहद सतर्क नजर आ रही है। बजट में नई हेल्थ स्कीम लॉन्च करने भी घोषणा की गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र प्रायोजित नई स्कीम प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना लॉन्च की जाएगी जिसमें अगले 6 सालों में 64,180 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत देश के 7 हजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 11 हजार से ज्यादा शहरी स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन किया जाएगा। देश में 17 नए सेंट्रल हेल्थ इंस्टीट्यूशन तैयार किए जाएंगे। हवाई अड्डों और सड़क से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों में अत्याधुनिक हेल्थ सेंटर बनाए जाएंगे। बायोसेफ्टी लैब का भी निर्माण किया जाएगा। देश में इंटीग्रेटेड हेल्थ डेटाबेस को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में अब प्रति दस लाख जनसंख्या पर कोविड-19 मृत्यु दर सबसे कम है।

कोरोना वैक्सीन को लेकर भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों की दुनियाभर में काफी सराहना हो रही है। अब भारत सरकार दिल्ली में तैनात सभी देशों के विदेशी राजनयिकों का फ्री में कोरोना वैक्सीनेशन करने जा रही है। इससे पहले भी सरकार ने पिछले दिसंबर में 50 से ज्यादा देशों के राजनयिकों को हैदराबाद में कोरोना वैक्सीन तैयार करने वाली कंपनियों का दौरा करवा कर कोरोना वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के बारे में जानकारी दी थी। मिस्र, अल्जीरिया, यूएई, कुवैत, ब्राजील ने भारत से कोरोना वैक्सीन खरीदी हैं। इसके अलावा अन्य कई देशों ने वैक्सीन खरीदने के लिए सरकार से संपर्क किया है।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
vaycasino
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark
kolaybet
betgaranti
betpark
kolaybet
betpark
betpark
casibom giriş
casibom giriş
casibom
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
betpark
betpark
kolaybet giriş
betpark
betpark
betgaranti
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark
betpark
kolaybet
kolaybet
vaycasino
vaycasino
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet
bettilt giriş
bettilt giriş
harbiwin giriş
harbiwin giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betbox giriş
betbox giriş
vaycasino
vaycasino
vaycasino
vaycasino
Hitbet giriş