यूपी में नई फिल्म सिटी तो बने लेकिन वह किसी भी तरह से सियासत का अड्डा नहीं बन पाए

images (2)

अजय कुमार

एक तरफ उत्तर प्रदेश में नई फिल्म सिटी बनने से लोग खुश हैं तो दूसरी तरफ इसको लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने, योगी सरकार पर उनकी सरकार के समय के एक और प्रोजेक्ट का फीता काटने का आरोप लगाया है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने उस ‘मुम्बई’ को आइना दिखा दिया है जो ‘बॉलीवुड’ के चलते ‘इतराया’ करता है। बॉलीवुड की पहचान हिन्दी फिल्मों से जुड़ी है। बॉलीवुड में करीब 80 प्रतिशत कलाकार, लेखक, निर्देशक, गीतकार, संगीतकार, टेक्नीशियन और अन्य स्टाफ उत्तर भारत से आकर अपनी किस्मत अजमाता है। जहां की मात्र भाषा हिन्दी है। अक्सर कहा जाता है कि मुम्बई लोगों की किस्मत ‘संवारती’ है। देश भर से हर दिन लाखों लोग अपने हसीन सपने पूरे करने मुम्बई आते हैं। बॉलीवुड का नाम अंग्रेजी सिनेमा उद्योग हॉलिवुड के तर्ज पर रखा गया है। हिन्दी फिल्म उद्योग बॉलीवुड में बनीं हिन्दी फिल्में हिन्दुस्तान, पाकिस्तान और दुनिया के कई देशों के लोगों के दिलों की धड़कन हैं।

बॉलीवुड में करीब 20 भाषाओं में फिल्में बनती हैं, लेकिन इसमें 80 फीसदी हिस्सा हिन्दी फिल्मों का है। हिन्दी फिल्मों में उर्दू, अवधी, बम्बइया हिन्दी, भोजपुरी, राजस्थानी जैसी बोलियाँ भी संवाद और गानों में देखने को मिल जाती हैं। बॉलीवुड की फिल्मों में प्यार, देशभक्ति, परिवार, अपराध, भय, इत्यादि मुख्य विषय होते हैं। बॉलीवुड भारत में सबसे बड़ी फिल्मी नगरी है। यहां का देश के शुद्ध बॉक्स ऑफिस राजस्व में से 43 प्रतिशत का योगदान रहता है, जबकि तमिल और तेलुगू सिनेमा 36 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं। बाकी के क्षेत्रीय सिनेमा का योगदान मात्रं 21 प्रतिशत है। बॉलीवुड दुनिया में फिल्म निर्माण के सबसे बड़े केंद्रों में से एक है। बॉलीवुड कार्यरत लोगों और निर्मित फिल्मों की संख्या के मामले में दुनिया में सबसे बड़े फिल्म उद्योगों में से एक है।

बॉलीवुड की फिल्मों की आत्मा हिन्दी है तो इस फिल्म इंडस्ट्री को दुनिया की नंबर दो हैसियत दिलाने में हिन्दी भाषी लोगों का विशेष योगदान है, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि बॉलीवुड भले हिन्दी भाषियों के कंधे पर खड़ा हो, परंतु उत्तर भारत से आने वाले कलाकारों को मुम्बई कभी वह सम्मान देने को तैयार नहीं हुआ जिसके वह हकदार हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह शिवसेना जैसे राजनैतिक दल हैं, जो मुम्बई को मराठी भाषियों की ‘बपौती’ मानती है। मुम्बई में उत्तर भारतीयों के साथ अक्सर बदसलूकी की जाती है। उन्हें भइया कहकर अपमानित किया जाता है। इनके रिक्शे और ठेले तोड़ दिए जाते हैं। आम उत्तर भारतीय तो दूर उत्तर भारत से आए बड़े-बड़े कलाकार तक मुंह नहीं खोल सकते हैं, जो खोलता है उसका हश्र फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत जैसा होता है। उत्तर भारत से आए फिल्मी कलाकारों के साथ हमेशा से दोयम दर्जे का सलूक किया जाता है। इसीलिए जब योगी आदित्यनाथ ने यूपी में नई फिल्म निर्माण सिटी बनाने की घोषणा की तो बॉलीवुड में काम कर रहे उत्तर भारतीय कलाकारों ने उन्हें हाथों हाथ लेने में देरी नहीं की।

यूपी में नया ‘बॉलीवुड’ बसाने के सपने साकार करने में सिने जगत के दिग्गज हमकदम हो लिए हैं। उन्होंने रियायती दर पर जमीन की मांग से इसकी शुरूआत कर दी है तो सरकार ने भी रजामंदी का संकेत दिया है। फिल्मी दिग्गजों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यूपी में संपूर्ण फिल्म सिटी बनेगी। सबसे बड़ी नई फिल्म सिटी युमना एक्सप्रेसवे के किनारे ग्रेटर नोएडा में बनेगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री बॉलीवुड के दिग्गजों अनपुम खेर, परेश रावल, सतीश कौशिक, सौंदर्या रजनीकांत, गीतकार मनोज मुंतशिर आदि से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मिल चुके हैं। योगी ने फिल्मी दिग्गजों को विश्वास दिलाया है कि उनकी सरकार उत्तर प्रदेश में एक भव्य और आपकी जरूरतों को पूरा करने वाली सर्वसुविधायुक्त ‘पूर्ण फिल्म सिटी‘ का विकास कर दुनिया को एक उपहार देगी। बॉलीवुड दिग्गजों ने भी माना कि मुंबई में सिर्फ शूटिंग की जगह है। यूपी में फिल्म सिटी का जो खाका बनाया गया है उसे तैयार करने में पटकथा लेखक विजयेंद्र प्रसाद, कला निर्देशक नितिन देसाई, फिल्म निर्देशक संघ के अध्यक्ष अशोक पंडित, गायक उदित नारायण, कैलाश खैर, निर्माता-निर्देशक शैलेष सिंह, भजन सम्राट अनूप जलोटा, मनोज जोशी, उप्र फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष राजू श्रीवास्तव की भी अहम भूमिका रही है।

बहरहाल, एक तरफ उत्तर प्रदेश में नई फिल्म सिटी बनने से लोग खुश हैं तो दूसरी तरफ इसको लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने, योगी सरकार पर उनकी सरकार के समय के एक और प्रोजेक्ट का फीता काटने का आरोप लगाया है। अखिलेश को इस बात का बेहद मलाल है कि आइडिया उनका था, फिल्म सिटी की घोषणा उन्होंने की और उस पर श्रेय योगी सरकार लेना चाहती है। अखिलेश ने ट्विट कर फिल्म सिटी के उद्घाटन को पुरानी फिल्म की ‘रीलांचिंग’ करार दिया है।

अखिलेश के रीलांचिंग वाले ट्विट का जवाब मशहूर भजन गायक अनूप जलोटा ने अपने स्टाइल में दिया। जलोटा ने अखिलेश को आइना दिखाते हुए याद दिलाया कि जब वह कानपुर में पढ़ाई करते थे, तब करीब पचास वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता ने यूपी में फिल्म सिटी की घोषणा की थी। ऐसे ही अखिलेश यादव ने भी की, लेकिन वह सपना योगी राज में साकार होते दिख रहा है। अनूप जलोटा तो बॉलीवुड को अधूरी फिल्म सिटी बताने से भी नहीं चूकते हैं। वह कहते हैं कि वहां तमाम काम बाहर करने पड़ते हैं। अब सीएम योगी ने पूरी योजना दिखाई है। रूपरेखा तैयार है। यहां जो फिल्म सिटी प्रस्तावित है, उसमें स्क्रिप्ट लेकर आइए, महीनों तक रुक कर फिल्म पूरी कीजिए और जाकर रिलीज कर दीजिए। इसी तरह से उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष और मशहूर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव भी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश के ट्विट पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहते हैं कि अखिलेश फिल्म सिटी के लिए तैयार भी थे ? तब क्यों नहीं बन सकी? रही बात पुरानी घोषणा की तो पहले कोई रूपरेखा तैयार नहीं हुई थी। पत्थर लगे और प्रचार हुआ। पूर्व मुख्यमंत्रियों की तुलना योगी जी से नहीं की जा सकती।

खैर, अच्छी बात यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प के साथ सिर्फ यूपी के कलाकार ही नहीं, सिने जगत के दिग्गज भी जुड़े हैं। बाहुबली फिल्म के लेखक विजयेंद्र प्रसाद ने हर संभव सहयोग देने की बात कही है। कहा है कि वह प्रस्ताव भी भेजेंगे। कला निर्देशक नितिन देसाई ने फिल्म इंस्टीट्यूट का सुझाव दिया। साथ ही सभी ने अपने-अपने सुझाव देने की बात कही है। फिल्म निर्देशक संघ के अध्यक्ष अशोक पंडित का कहना है कि मुंबई के बाद यूपी सरकार इकलौती है, जो इस दिशा में आगे आई है। उन्होंने भरोसा जताया है कि 2023 तक यूपी की फिल्म इंडस्ट्री बन कर तैयार हो जाएगी। मशहूर गायक उदित नारायण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ में गाना गुनगुना रहे हैं, ‘यूपी को जैसा सीएम चाहिए था, मिल गया।’ वहीं, बॉलीवुड के ड्रग मामले पर बोले कि यूपी में ऐसा नहीं होगा, क्योंकि यह संस्कारों की धरती है। फिल्म अभिनेता अनुपम खेर को यूपी में फिल्म सिटी का निर्माण उत्सव जैसा लगता है। अनुपम कहते हैं, ‘योगी जी की क्षमता पर सभी को भरोसा है। यूपी की फिल्म सिटी यूपी में तो होगी, लेकिन पूरी दुनिया इसे अपना मानेगी। यह ताजमहल की तरह ही दुनिया भर को आकर्षित करने वाली होगी।’

अभिनेता व चेयरमैन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा परेश रावल ने कहा कि योगी जी यह स्वप्न पूरा करेंगे, मुझे विश्वास है। फिल्म पटकथा लेखन को लेकर कोई प्रयास करें तो बहुत सहायता मिलेगी। यह रीजनल सिनेमा को भी पुनर्जीवन देने वाला आयाम सिद्ध होगा। अभिनेता मनोज जोशी का कहना था कि यह फिल्म सिटी पंजाबी, बंगाली, हिंदी, सहित 12 भारतीय भाषाओं के फिल्मोद्योग का महाद्वार होगी। आज ओटीटी प्लेटफार्म पर हिंदी पट्टी की कहानियां छाई हुई हैं। आज 70 फीसद टेक्नीशियन उत्तर प्रदेश के हैं। रंगकर्म में यूपी अत्यंत समृद्ध है। फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्रि, योगी जी की अभिनव सोच और तत्परतापूर्ण क्रियान्वयन को प्रमाण कर रहे हैं। वह यूपी में फिल्म सिटी को बहुत जरूरी और बहुप्रतीक्षित प्रयास मानते हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि इससे हिंदी फिल्म उद्योग को एक नवीन आधार मिलेगा। निर्माता, निर्देशक एवं अभिनेता सतीश कौशिक का कहना है कि यूपी में शूटिंग फ्रेंडली जगह रही है। मैंने बहुत काम किया है यहां। आज का दिन पूरी दुनिया के कला क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है, योगी जी फिल्म जगत को एक नया विकल्प दे रहे हैं। यहां की फिल्म सिटी पूरी दुनिया को प्रभावित करेगी। गीतकार मनोज मंतुशिर बोले कि योगी जी ने करोड़ों प्रतिभाओं को पंख दे दिए। 75 वर्ष से हिंदी पट्टी इसका इंतजार कर रही थी। यूपी की भाषा तो दुनिया में फैल गई, यूपी की कहानियां नहीं सुनाई गईं, एक फिल्म इंस्टीट्यूट की स्थापना पर भी विचार करें। वहीं फिल्म निर्माता विनोद बच्चन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी का सपना यहां के लोग कई दशक से देख रहे हैं। इसके निर्माण में फिल्म जगत के विद्वान तकनीशियनों का सहयोग लेने से प्रोजेक्ट सफल होगा। मैंने अपनी फिल्मों में हमेशा यूपी को रिप्रजेंट किया। बस, इस सपने को यूपी बनाम महाराष्ट्र न बनने दिया जाए, क्योंकि इससे सिर्फ अभिनय क्षेत्र की नई प्रतिभाओं का ही नुकसान होगा।

लब्बोलुआब यह है कि यूपी में नई फिल्म सिटी तो बने लेकिन वह किसी भी तरह से सियासत का अड्डा नहीं बन पाए। बॉलीवुड की आलोचना करने के लिए यहां कोई स्थान नहीं होना चाहिए। जैसे तेलगू, बंगाली, पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री काम कर रही हैं वैसे ही यूपी की फिल्म इंडस्ट्री को भी सबके साथ चलना होगा। बिना भेदभाव के प्रतिभाओं का पूरा सम्मान और सुविधा मिले यह नई फिल्म इंडस्ट्री का मूल मंत्र होना चाहिए।

Comment:

betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
betsilin giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
hititbet giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
hititbet giriş
grandpashabet
grandpashabet
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet
grandpashabet
hiltonbet giriş
hiltonbet giriş
katlabet giriş
katlabet giriş
meritking güncel giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betnano güncel giriş
betnano güncel giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
katlabet giriş
katlabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betasus giriş
betpark giriş
betasus
betasus
betasus giriş
betasus
meybet giriş
meybet giriş