श्री गिरिधारी लाल देबुका जी एक प्रेरणास्पद स्व्यक्तित्व : टूटना शाख से एक सुर्खरू गुलाब का …

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डॉ राकेश कुमार आर्य / धर्मचंद्र पोद्दार

गिरधारीलाल देबू का जी आज हमारे बीच में स्मृति शेष हैं ।उनके जीवन के अनेकों ऐसे उदाहरण हैं जो आज हमारे लिए अनुकरणीय बन गए हैं वह जितनी देर भी हमारे बीच रहे उन्होंने नैतिकता और मानवता की अनेकों मिसाल कायम की । वह एक शाख के सुर्खरु गुलाब थे , जिसके बिना बगिया सूनी हो गई है । इतिहास पुनर्लेखन के संबंध में उनके विचार बहुत ही महत्वपूर्ण थे । उनके चिंतन और देश के बारे में सोचने की क्षमताओं को याद कर आंखें नम हो जाती हैं। हृदय उनके प्रति श्रद्धा से झुक जाता है , क्योंकि अत्यंत वृद्धावस्था के होने के उपरांत भी वह देश और समाज के कार्यों के प्रति अपने अंतर्मन से रूचि रखते थे । वह अपने जीवन में अनेकों सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहे । उन सभी संस्थाओं के लिए खुले मन से संरक्षक की भूमिका निभाते हुए दान आदि किया करते थे । उनके इन पवित्र कार्यों के कारण आज कई संस्थाएं अनाथ हो गई हैं ।

इस संबंध में इतिहास पर लेखन समिति के अनेकों सदस्यों ने अपने संरक्षक को नम आंखों से विदाई दी है । दिल्ली में जब समिति की बैठक हुई थी तो उस समय उन्होंने अपना विनम्र , संक्षिप्त परंतु सारगर्भित संबोधन लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया था । जिसे याद कर उनकी हृदय की पीड़ा और अपने गौरवपूर्ण अतीत के प्रति श्रद्धा का भाव जब याद आता है तो दिल उनके प्रति भर आता है।
यही कारण है कि भारतीय इतिहास पुनर्लेखन समिति के लोगों ने अपने संरक्षक श्री गिरधारी लाल देबूका जी के निधन पर अनेक लोगो ने शोक संवेदना प्रकट की है । जिसमें मुख्य रुप से रतलाम से डॉ उषा भार्गव , कोलकाता से शालिनी सोंथालिया , मुजफ्फरनगर से मुकुल गुप्ता , भागलपुर से लक्ष्मी सिंह , गुजरात से सोनी मनसुख भाई , उड़ीसा से भुवनेश्वर मिश्रा , जामताड़ा से डॉ प्रेमचंद , मुजफ्फरनगर से श्याम किशोर मिश्रा , उत्तराखंड से उमा घिल्डियाल , रामगढ़ झारखंड से सुनील जोशी , दिल्ली से दीपक राणा , जींद हरियाणा से पवन सिंगला , कानपुर से आयुष्मान राज , कोलकाता से डॉ उर्मिला साव कामना , इंदौर से उर्मिला उपाध्याय , रतलाम से पूनम ढलवानी , ग्रेटर नोएडा से श्री देवेंद्र सिंह आर्य , गौतम बुद्धनगर उत्तर प्रदेश से श्रीनिवास आर्य , युगांडा अफ्रीका से नित्यानन्द शर्मा , पांडेसरा सूरत से श्यामलाल न्याति और जमशेदपुर से सुजीत कुमार , दिनेश मिश्रा , बसंत कुमार सिंह , सरस्वती महतो , प्रमोद खीरवाल , श्यामसुंदर मिश्रा , मानु दास , रामचंद्र राव , मंजू अग्रवाल , वीणा सिंह , अरुण झा , संतोष गनेड़ीवाला , स्वाति अग्रवाल , शिव प्रकाश शर्मा , कैलाश नाथ शर्मा गाजीपुरी , रीना साव , अंकिता लोधा , देहरादून से शिवकुमार गोयल , विदुर कुटी बिजनौर से आशु अग्रवाल , ललिता गुप्ता , गुरुग्राम हरियाणा से एस पी बंसल , रायपुर से प्रियंका अग्रवाल पीहू, चोमू राजस्थान से अग्रवाल रमेश धमोड , रांची से राज बर्मन , इंदौर से ओमप्रकाश गोयल ,जमशेदपुर से संदीप कुमार , उदय प्रताप हयात , जगन्नाथपुर जिला पश्चिमी सिंहभूम से अष्टमी कुमारी , सत्यवती केराई , रांची से विजय केडिया आदि की ओर से हमें दिवंगत आत्मा की शांति व सद्गति के लिए शोक संदेश प्राप्त हुए हैं ।इससे पता चलता है कि उनका व्यक्तित्व कितना विशाल था और लोग किस प्रकार उनके जीवन से प्रेरणा ले रहे थे।

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