हिन्दू महासभा खोलेगी ‘सुशासन बाबू’ नीतीश कुमार की पोल : राज्यश्री चौधरी

नई दिल्ली । (सत्यजीत कुमार) अखिल भारत हिंदू महासभा की बिहार प्रान्त की महासचिव राज्यश्री चौधरी ने कहा है कि 13 वर्ष पहले बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने का झूठा वादा करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पोल अखिल भारत हिंदू महासभा खोलेगी और लोगों को बताएगी कि किस प्रकार ‘सुशासन बाबू’ के शासनकाल में बिहार भ्रष्टाचार के मामले में और भी अधिक खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है।
‘उगता भारत’ के साथ बातचीत में प्रदेश महासचिव ने कहा कि बिहार को जातिवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति ने बर्बाद कर दिया है । नीतीश और लालू यह सब एक ही थैली के चट्टे बट्टे हैं । जिन्होंने केवल अपना घर भरने की योजनाएं बनाई हैं और उन्हीं पर काम किया है । बिहार की समझदार जनता जिस प्रकार लालू मुक्त बिहार बना चुकी है वैसे ही अब वह नितीश मुक्त बिहार बनाने का निर्णय भी ले चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को लोग अब एक विकल्प के रूप में नहीं देख रहे हैं , क्योंकि नीतीश के पाप कर्मों में भाजपा भी सहयोगी रही है। इसलिए जनता ने निर्णय ले लिया है कि अब नीतीश के साथ-साथ भाजपा की भी पोटरी बिहार से बांध दी जाए।
आगे राज्यश्री चौधरी ने कहा कि आजादी के 73 वर्ष पश्चात भी बिहार का आम आदमी अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए अन्य पड़ोसी राज्य में मजदूरी के लिए जाता है , जहां उसे कई प्रकार की समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है । जबकि आर्थिक संसाधनों के दृष्टिगत बिहार एक संपन्न राज्य बन सकता है , परंतु सरकारों की लापरवाही और भ्रष्टाचार में डूबे रहने की प्रवृत्ति के कारण बिहार आर्थिक दृष्टिकोण से पिछड़ता चला गया । जिसका खामियाजा अब नीतीश सरकार भोगेगी।
ज्ञात रहे कि बिहार में भ्रष्टाचार से जुड़े केस दर्ज होने के मामले में राजस्व व भूमि सुधार विभाग अव्वल है। इसके बाद पुलिस व शिक्षा विभाग का स्थान है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पिछले वर्ष 2019 में जो आंकड़ा पेश किया है, उसमें इसकी पूरी विवरणी है। वर्ष 2019 में निगरानी थाने में ट्रैप के 40 केस दर्ज किए गए। इसमें राजस्व व भूमि सुधार विभाग के 10, पुलिस विभाग के 7, शिक्षा विभाग के तीन, स्वास्थ्य विभाग के दो मामले हैं। राजस्व व भूमि सुधार विभाग में सबसे अधिक शिकायतें जमीन के दाखिल-खारिज को लेकर हैं और अधिकतर अफसरों ने दाखिल खारिज के मामलों में ही रिश्वत की मोटी रकम मांगी है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने इस वर्ष कई बड़े अफसरों को रिश्वत की मोटी रकम लेते दबोचा गया। पथ निर्माण विभाग कटिहार के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार को 16 लाख, पथ निर्माण विभाग पटना के कार्यपालक सुरेश प्रसाद सिंह को 14 लाख, गया के सदर एसडीओ सुरज कुमार सिन्हा को दो लाख , सारण के मनरेगा अफसर अजाज हसन को एक लाख, अररिया के सीओ वीरेन्द्र कुमार सिंह को एक लाख रुपये रिश्वत लेते दबोचा गया। इनमें पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद सिंह व अरविन्द कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया।

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