राम जन्मभूमि शिलान्यास : मजहब भूल धर्म याद आया अरविंद केजरीवाल को

अरविंद केजरीवाल
मजहब देख सियासत करने वाले केजरीवाल 

समय का पहिया बहुत तेजी से बदलता है। आज एक बार फिर यही कुछ होता दिख रहा है। कभी रथ यात्रा रोक कर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को जेल भेजने वाले लालू प्रसाद यादव आज खुद जेल मे बंद हैं, वहीं आडवाणी भूमि-पूजन में शामिल होने जा रहे हैं।
दूसरी तरफ, मजहब देख सियासत करने वाले, दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी अब धर्म याद आ रहा है। उन्होंने जुलाई 23, 2020 को यह बताया कि उन्हें अभी तक 5 अगस्त को होने वाले राम मंदिर भूमि पूजन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। मीडिया से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम को सभी नागरिकों और दिल्ली के लोगों को कोरोना महामारी से लड़ने के लिए आशीर्वाद देना चाहिए।
केजरीवाल अपने पूर्व विधायक कपिल मिश्रा के इस पुराने वीडियो को भी देख लें:-
ऐसे में यह भी प्रश्न होता है कि रामजन्मभूमि मंदिर के विरुद्ध गुप्त प्रचार से चुनाव जीते विधायक क्या अपने केजरीवाल का यह अयोध्या जाना हजम हो पाएगा? दूसरे, CAA की आड़ में हिन्दुत्व के विरुद्ध नारेबाजी करने वालों का प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन कर रहे नेताओं को बर्दाश्त हो पाएगा? या फिर राहुल गाँधी की तरह चुनावों में मंदिरों में माथा टेकने पर अपने गंगा-जमुना तहजीब की आड़ में अपना घिनौना खेल खेलने वालों से माफ़ी मांगनी पड़ी थी, उसी तरह क्या माफ़ी मांगोगे?
खैर, उन्होंने कहा, “मुझे अभी तक आमंत्रित नहीं किया गया है। भगवान राम को हमें और दिल्लीवासियों को आशीर्वाद देना चाहिए। हम भगवान राम से हमें इस महामारी से बचाने के लिए प्रार्थना करेंगे।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए 5 अगस्त को अयोध्या जाएँगे। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद होंगे और सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई नेता शामिल होंगे।
मुमकिन है कि राम मंदिर के लिए इस पूरे मामले को आंदोलन में तब्दील करने वाले पूर्व उप-मुख्यमंत्री लाल कृष्ण आडवाड़ी भी इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हों।

ऐसे में सीएम केजरीवाल के इस आरोप पर कि उन्हें भूमि पूजन के लिए आमंत्रण नहीं मिला, पर भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने करार जवाब दिया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल से सवाल पूछा कि जब वह मस्जिद के मौलवियों को 18000 रुपए देने लगे तब उन्होंने मंदिर के पुजारियों के बारे में क्यों नहीं सोचा।
वे अरविंद केजरीवाल के आरोप के जवाब में ट्वीट करते हुए लिखती हैं, “जब आप मस्जिद के मौलवियों को 18000 रुपए देने लगे तब आपने क्या मंदिर के उन गरीब पुजारियों के बारे में नहीं सोचा। राज धर्म और राम राज्य सभी से समान तरीके से पेश आने के लिए कहता है, वो भी बिना भेदभाव।”

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