प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का देश को उत्साहवर्धक और प्रेरणादायक संबोधन

ओ३म्

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आज दिनांक 12-5-2020 को एक बार पुनः भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश की जनता को सम्बोधित किया। उन्होंने करोना महामारी की चर्चा की और कहा कि इस रोग को हमें रोग से बचाव सम्बन्धी सभी सावधानियों को रखकर पराजित करना है। इसके साथ ही देश की उन्नति सहित निर्धन व मध्यम वर्ग के लोगों के कष्टों को दूर करने, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने, उनकी आर्थिक प्रगति के साथ देश को विश्व का एक उन्नत व आत्मनिर्भर देश बनाने की भी उन्होंने चर्चा की। इस कार्य को करने के लिये उन्होंने बीस लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा भी की। उन्होंने स्वदेशी व स्थानीय वस्तुओं को महत्व व प्राथमिकता देने तथा गुणवत्ता को बढ़ाने की भी प्रेरणा की। उनका सम्बोधन निराश लोगों में उत्साह व उमंग उत्पन्न करने वाला था। भारत जिस बुरे दौर से गुजर रहा है उसमें श्री नरेन्द्र मोदी जी का देश का नेतृत्व करना एक दैवीय वरदान कहा जा सकता है। यदि उनके स्थान पर कोई और व्यक्ति नेतृत्व कर रहा होता तो हम अनुमान नहीं कर सकते थे कि देश में कैसी अव्यवस्था हो सकती थी। हम इस अवसर पर श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वस्थ जीवन एवं दीर्घायु की कामना करते हैं।

श्री नरेन्द्र मोदी जी विगत 6 वर्षों से देश का नेतृत्व कर रहे हैं। आज वह न केवल भारत के अपितु विश्व के यशस्वी एवं विश्वसनीय नेता हैं। विश्व के बड़े देश उन पर विश्वास करते हैं। अपने देश को ऐसा सौभाग्य उनसे पूर्व शायद ही किसी नेता को मिला हो। उनके कार्यों की समीक्षा करते हैं तो हमें लगता है कि विगत 73 वर्षों में उन जैसा प्रतिभाशाली, योग्य, निष्पक्ष, तुष्टिकरण से मुक्त, सबका हित व कल्याण चाहने वाला, ज्ञान विज्ञान सेवी तथा आधुनिक ज्ञान विज्ञान को अपने जीवन में मुख्य स्थान देने वाला दूसरा नेता देश को नहीं मिला है। वह शायद सबसे अधिक सत्यनिष्ठ है। उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है। उनका परिवार गरीबी में जीवनयापन करता है। उन्होंने स्वयं भी अपना बचपन अभाव तथा कष्टों में व्यतीत किया है। प्रधानमंत्री होकर भी उनका अपना परिवार और उनकी अपनी मां माता हीराबेन भी एक सामान्य नागरिक का सा जीवन व्यतीत करती हैं। इन बातों को देख कर हमें श्री नरेन्द्र मोदी जी पर गर्व होता है। नेतृत्व व सत्ता के शिखर पर पहुंच कर वह एक योगी व देशभक्त व्यक्ति के रूप में अत्यन्त सरल व चमक धमक से रहित जीवन व्यतीत करते हैं तो हमें वह एक देवता व महापुरुष अनुभव होते हैं। हम उनको इन सब बातों के लिये साधुवाद देते हैं। पूरा देश उनकी बातों पर विश्वास करता है। वह जो बोलते हैं उसे प्रायः सभी देशवासी स्वीकार करते हैं। अनेक देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च समान भी दिये हैं। यह देश के लिये गौरव की बात है।

श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री होने से हमें धर्म व संस्कृति के साथ न्याय किये जाने की आशा होती है। वह ऐसे राजनीतिक नेता हैं जो तुष्टिकरण के विरोधी हैं। आज से सात वर्ष पूर्व किये आशा थी कि ऐसा समय देश में आ सकता है? आज देश में जो परिस्थितियां हैं उसमें अनेक बार निराशा होती है। आतंकवादी देश को चुनौती देते रहते हैं। हमारे सैनिक व सुरक्षाकर्मियों का बलिदान होता रहता है। सीएए जैसे देशहित के कानूनों का एक वर्ग व कुछ राजनीतिक दल अपनी सोच व सत्ता के कारण विरोध करते हैं। देश में सुनियोजित साम्प्रदायिक दंगे कराये जाते हैं। कुछ लोग देश के प्रधानमंत्री के लिये अपशब्द तक बोलते हैं। देश में साधुओं को संगठित होकर पीट पीट कर मार दिया जाता है। उस पर भी कुछ नेता खामोश रहते हैं। इस घटना से न्याय होता नहीं लगता। सीबीआई से जांच की मांग भी स्वीकार नहीं की जाती। ऐसी अनेक बातें हैं जो निराशा उत्पन्न करती हैं। इस बार भी वेदों को मानने वाले लोग संगठित नहीं हो पाते। देश के शिक्षा संस्थानों में देश विरोधी नारे लगते हैं। हमारे पत्रकारों पर सत्य को प्रस्तुत करने के लिये मुकदमें व एफआईआर की जाती हैं। इन सबसे एक अन्धकारमय भविष्य की तस्वीर उभरती है। ऐसे समय में भी देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे योग्य नेताओं को देखकर तथा मीडिया पर अनेक देशभक्त लोगों के देशभक्ति से युक्त विचारों को सुनकर कुछ उत्साह उत्पन्न होता है। आशा भी बन्धती है कि मोदी जी अवश्य सभी चुनौतियों पर विजय प्राप्त कर लेंगे।

कोरोना का प्रकोप जारी है। इस अवसर पर यही कहा जा सकता है कि जिन लोगों ने जानबूझकर कोरोना को बढ़ाया है, ईश्वर उनको सद्बुद्धि सहित देशभक्ति की प्रेरणा करे। मोदी जी के नेतृत्व में भारत कोरोना पर पूर्ण विजय प्राप्त करे। मोदी जी जो भी करते हैं उसे पूरे मन व उत्साह से करते हैं और सफलता प्राप्त करते हैं। आज उन्होंने कुछ वर्ष पहले कच्छ में आये भीषण भूकम्प की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि उस भूकम्प में उस क्षेत्र के सभी भवन धराशायी हो गये थे। उस समय कौन कह सकता था कि कुछ समय बाद वही कच्छ पुनः विकसित व उन्नत होगा? आज कच्छ की काया पलट हो गयी है। यह उनके आत्मविश्वास एवं संकल्प शक्ति के कारण ही सम्भव हुआ है।

हमें लगता है कि परमात्मा अभी मोदी जी से कुछ बड़े काम करवाना चाहता है। परमात्मा की कृपा से वह स्वस्थ व सुरक्षित रहें। उनके विरोधी अपने मनसूबों में कभी सफल न हों। इसी में देश का हित है। आज के उनके सम्बोधन की एक महत्वपूर्ण बात यह भी रही कि उन्होंने अथर्ववेद के उस मन्त्र की पंक्ति को दो बार उच्चारित किया और उसका अर्थ भी बताया जिसमें हम प्रार्थना करते हैं कि ‘माता भूमि पुत्रो अहं पृथिव्याः’ अर्थात् भूमि मेरी माता है और मैं इसका पुत्र हूं। एक संस्कृत की अन्य सूक्ति का प्रयोग भी उन्होंने किया। मोदी जी देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले कर चल पड़े हैं। कोरोना को परास्त करने का भी उनका दृण संकल्प है। देशवासियों को उन पर विश्वास है। ईश्वर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को सफलता प्रदान करें। इति ओ३म् शम्।

-मनमोहन कुमार आर्य

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