Categories
आज का चिंतन

कोरोना : असंभव को भी संभव कर सकता है भारत

ललित गर्ग

कोरोना रूपी अंधेरों के बीच उजाले भी बहुत हैं और वे उजाले ही इस महासंकट से मुक्ति की राह बन रहे हैं। ऐसे ही उजालों में लाखों लोगों के बीच रोज मुफ्त का भोजन वितरित करना भी हमारे समाज की स्तब्ध करने वाली वास्तविकता है।
हम कोरोना रूपी मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी एवं महासंकट के गवाह बन रहे हैं और इस विकराल संकट से लड़ रहे हैं। सिर्फ शांतिपूर्ण सहअस्तित्व, संयम और सहयोग से ही कोरोना मुक्ति की उम्मीदों को साकार किया जा सकता है। हम अपनी संस्कृति एवं विरासत को जीवंत करके कोरोना से अधिक सशक्त तरीके से लड़ सकते हैं। समय के साथ परिस्थितियां और चुनौतियां बदल जाती हैं, पर सिद्धांत कभी नहीं बदलते। इसी शाश्वत सोच ने मानव द्वारा रची कुछ भ्रामक परिभाषाओं को सचाई का आइना दिखा दिया है। संयम एवं अनुशासन हर समस्या का समाधान रहे हैं और कोरोना को परास्त करने का भी यही कारण उपाय है। भारतीय जीवन में एकान्त एवं साधना का विशेष महत्व रहा है, लेकिन सामाजिकता व सह-अस्तित्व का उत्सव मनाने वालों ने एकांत व स्वयं से स्वयं के साक्षात्कार के मूल्य को अव्यावहारिक बना दिया था, वहीं सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग), आइसोलेशन, व एकांत (क्वारंटीन) कोरोना को हराने के सशक्त हथियार बन रहे हैं।
देशभर में लॉकडाउन लागू है, इस दौरान हमने अपनी दिनचर्या के बदलावों को लेकर खुद में बड़े परिवर्तनों को स्वीकार किया है। ये परिवर्तन जितने सहज होंगे, उतना ही जल्दी हम कोरोना को हरा पायेंगे, हमारा जीवन भी सहज एवं सरल होगा। यदि हम इन परिवर्तनों को आरोपित समझेंगे या इन्हें स्वीकार नहीं करेंगे, उतनी ही बेचैनी बढ़ेगी, जो आगे डिप्रेशन में बदल सकती है। यह अवधि एक अवसर की तरह बने, उन सभी चीजों को करने का, जो अक्सर भाग-दौड़ भरी जिंदगी में छूटती रही है। आधुनिक तकनीक एवं नवीनतम संपर्क साधनों ने हमारा सामाजिक संपर्क बढ़ाने की बजाय आपसी दूरियों को बढ़ाया ही है। हमें इस सोशल डिस्टेंसिंग पीरियड में सामाजिक सम्पर्क एवं स्वकेन्द्रित गतिविधियों पर जोर देना है।

लॉकडाउन पीरियड में अपनी दिनचर्या को बेहतर करने पर जोर देना होगा। सूर्योदय व सूर्यास्त को देखें, जिससे की बड़ी आबादी वंचित है। ध्यान व योगाभ्यास करें। अपनी कलात्मकता को उभारें, जैसे डांस, संगीत, कुकिंग आदि। परिवार के साथ चैस, कैरम व लूडो आदि सामूहिक खेल खेलें। परिवार के साथ अपनी भावनाएं साझा करें। आपस में अधिक जुड़ाव बनाने की कोशिश करें। खाना मिलजुल कर पकाएं व घर की साफ-सफाई करने में एक दूसरे की मदद करें, इसे देखकर बच्चों में भी आपसी सहयोग की भावना विकसित होगी। पुस्तकें पढ़ें, व डायरी लिखें। जो अकेले रहते हैं, वे ध्यान जरूर करें। यदि आप गाते हैं, तो उसकी रिकॉर्डिंग करें, फिर सुनें और ठीक करें। चित्र बनायें, पुरानी यादों को ताजा करें और वह सब कुछ करें, जो आप करना चाहते हैं, लेकिन समयाभाव में नहीं कर पाते। ऐसे नाजुक दौर में मां-बाप को चाहिए कि वे बच्चों को अधिक से अधिक समय देकर उन्हें रचनात्मक कामों में लगाए, बच्चों पर झल्लाएं नहीं, बल्कि उन्हें प्यार से समझाएं। घर के बुजुर्गों के अनुभवों को साझा करें एवं उनके साथ एवं पेड़-पौधों के आस-पास अधिक समय बितायें, इससे भी सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। और यदि ऐसी जगह नहीं है, तो सुबह-शाम छतों पर जाएं। आजकल प्रदूषण कम होने से आसमान साफ है, प्रकृति भी नहायी हुई है, उसे निहारें। इससे भी एक सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। आप महसूस करेंगे कि एक साफ सुथरा व स्वच्छ जीवन जीना कोई कठिन कार्य नहीं है।

कोरोना के इस संकटकालीन दौर में कोरोना को लेकर मन को तनाव देने की बजाय मन को समझाओ-बुझाओ, प्रशिक्षित एवं प्रेरित करो, उसे तैयार करो। जीवन का अन्तर्मार्ग अज्ञात है किन्तु अप्राप्य नहीं। ज्ञात से अज्ञात में उड़ान भरने से डर जरूर लगेगा, पर जिसने आगे बढ़ने का संकल्प ले लिया, वह अपने प्रयास को प्रमाद की सीढ़ियों पर नहीं बैठने देगा। जिन्दगी किसी के लिये भी आसान नहीं होती, कोरोना से मुक्ति भी आसान नहीं है, पर उससे क्या फर्क पड़ता है? हममें दृढ़ता, हौसला और अपने पर भरोसा होना चाहिए। जीवन में कुछ भी डरने जैसा नहीं है, इसे सिर्फ समझा जाना बाकी है। जीवन एक संघर्ष है। कोरोना से जुड़ी चुनौतियां तो आयेंगी, उनसे सहम कर जो हिम्मत हार जायेंगे, सफलता उनसे दूर भाग जायेगी। राबर्ट शुलर के शब्द याद रखें- ‘‘वैन दी गोंग गैट्स टफ, गैट गोइंग।’’ जब समय विपरीत होता है तो मजबूत दिल के लोग और जोश से आगे बढ़ते हैं। मुश्किलें ही अन्ततः समाप्त होती हैं, साहसी व्यक्ति का साहस नहीं। विफलताएं आने पर भी डटे रहें। स्वामी विवेकानंद प्रेरणा के स्वरों में कहते हैं- ‘‘हजार बार गिरकर भी एक बार फिर उठो।’’
अब्राहम लिंकन को कौन नहीं जानता, उन्होंने बार-बार की असफलताओं के बावजूद हार नहीं मानी। दृढ़ इच्छाशक्ति, संकल्प और संघर्ष उनके जीवन के पर्याय बन गये थे। परिस्थितियों ने कभी उनका साथ नहीं दिया, वे सदा उनके प्रतिकूल रहीं, पर यह भी उजला तथ्य है कि उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों और प्रतिकूल परिणामों को कभी अपने विचारों पर हावी नहीं होने दिया। कठिन परिश्रम, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के बल पर वे आगे बढ़ते गए। हार कभी उन्हें हरा नहीं सकी। चरैवेति के दृढ़ संकल्प ने अन्ततः उन्हें अमेरिका का राष्ट्रपति बना दिया। बड़ी उपलब्धियां शरीर की मजबूती से नहीं, दृढ़ संकल्प से मिलती हैं। तिरुवल्लुर के ‘कुरल’ की वह सीख सदा ध्यान में रखो- ‘जब खराब दिन हों तो सारस की तरह समय पर टकटकी अथवा ध्यान लगाकर रखो और जब अच्छे दिन आएं, बाज की तरह झपट्टा मारो।’

कोरोना रूपी अंधेरों के बीच उजाले भी बहुत हैं और वे उजाले ही इस महासंकट से मुक्ति की राह बन रहे हैं। ऐसे ही उजालों में लाखों लोगों के बीच रोज मुफ्त का भोजन वितरित करना भी हमारे समाज की स्तब्ध करने वाली वास्तविकता है। एक और बड़े सत्य को हमने समझा है कि स्वास्थ्य, पुलिस एवं प्रशासनकर्मी ही असली हीरो हैं ना कि क्रिकेटर, फिल्मी सितारे व फुटबाल प्लेयर। कोई पादरी, पुजारी, ग्रन्थि, मौलवी या ज्योतिषी एक भी रोगी को नहीं बचा सका। हम अपनी छुट्टियां बिना यूरोप या अमेरिका गये भी आनन्द के साथ बिता सकते हैं। पहली बार पशु व परिन्दों को लगा कि यह संसार उनका भी है। तारे वास्तव में टिमटिमाते हैं यह विश्वास महानगरों के बच्चों को पहली बार हुआ। भारतीयों की रोग प्रतिरोधक क्षमता विश्व के लोगों से बहुत ज्यादा है। विकट समय को सही तरीके से भारतीय ही संभाल सकता है। प्रत्येक मनुष्य के अंदर उसका तेज और विशिष्ट शक्ति एवं प्रतिभा सुप्त अवस्था में छिपी रहती है और प्रत्येक भारतीय में अवसर पाते ही वह प्रस्फुटित हो जाती है। आवश्यकता है उस प्रेरणा की, उस साहस और संकल्प की, जो उसके अन्दर की गहराइयों में छिपी शक्तियों को बाहर ला सके। जरा उठकर अंगड़ाई लीजिए, कोरोना मुक्ति की योजना बनाइये ताकि आपकी सोई हुई प्रतिभा, दिव्य शक्ति जो अब तक व्यर्थ पड़ी है, जाग उठे। अपने महान व्यक्तित्व को जगाने का एक बार प्रयत्न तो करें तो कोरोना महासंकट से मुक्ति का रास्ता साफ हो जायेगा।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
hititbet giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
hititbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet
grandpashabet
hiltonbet giriş
hiltonbet giriş
katlabet giriş
katlabet giriş
meritking güncel giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betnano güncel giriş
betnano güncel giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
katlabet giriş
katlabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betasus giriş
betpark giriş
betasus
betasus
betasus giriş
betasus
meybet giriş
meybet giriş
norabahis giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
norabahis giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş