श्रद्धानंद जी के शुद्धि आंदोलन को दी जाएगी नई दिशा : स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज

Swami sachhidanand

स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी हुई संपन्न : श्रद्धानंद जी के शुद्धि आंदोलन को दी जाएगी नई दिशा : स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज

जिला प्रतिनिधि सभा ने स्वामी श्रद्धानंद को भारत रत्न देने की मांग उठाई

ग्रेटर नोएडा। यहां स्थित प्रतिष्ठित संस्थान जीएनआईओटी में आर्य उप प्रतिनिधि सभा जनपद गौतम बुद्ध नगर के तत्वावधान में स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज के 99 वें बलिदान दिवस के अवसर पर एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे अंतर्राष्ट्रीय संत स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज के शुद्धि आंदोलन को नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शुद्धि आंदोलन आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना स्वामी श्रद्धानंद जी के समय था। देश तोड़ने वाली और सनातन को मिटाने वाली शक्तियां आज भी उसी गति से कार्य कर रही हैं । यदि स्वामी श्रद्धानंद जी का शुद्धि आंदोलन तीव्र गति से जारी नहीं किया गया तो देश के लिए घातक परिणाम आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज आ रही है समाज को भी अपना अंतरावलोकन करने की आवश्यकता है। समय बहुत कुछ बदल चुका है, लेकिन शत्रु की चालाकियां आज भी वही है जो अब से 100 साल पहले थी। हमें सावधान रहकर आगे बढ़ना होगा। अपने बीज भाषण में प्रतिनिधि सभा के संरक्षक देवेंद्र सिंह आर्य ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी का व्यक्तित्व एक स्वाभिमानी व्यक्ति का व्यक्तित्व है। जिन्होंने शुद्धि की अनिवार्यता समझ कर सनातन की महान सेवा की थी। उन्होंने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी का बलिदान हम सबके लिए आज भी प्रेरणादायक है। उन्होंने शोर्य और वीरता का परिचय देकर समाज का मार्गदर्शन किया था। जो हालात उनके समय में थे वही आज भी हैं जिनके हम सबको एक जुटता से सामना करना होगा।

आर्य प्रतिनिधि सभा जनपद गौतम बुद्ध नगर के जिला अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार आर्य ने अपना संबोधन देते हुए कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी का कहना था कि परमात्मा के राज्य का विस्तार करना कार्यों का परम धर्म है। जिसे संपूर्ण विश्व को आर्य बनाकर ही पूर्ण किया जा सकता है । इसके लिए राक्षस अर्थात देशद्रोही और देश विरोधी शक्तियों का विनाश करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज की बलिदान के शताब्दी समारोह के अवसर पर उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए । जिसका हाल में उपस्थित विशाल जन समूह ने हाथ उठाकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आर्य प्रतिनिधि सभा जनपद गौतम बुध नगर निरंतर स्वामी जी के दिखाएं रास्ते का अनुकरण करती रहेगी। इस अवसर पर प्रतिनिधि सभा की वार्षिक स्मारिका का भी विमोचन किया गया। इस पत्रिका में आर्य समाज के विगत 100 वर्ष के इतिहास पर भी गंभीर प्रकाश डाला गया है। इसी अवसर पर डॉ राकेश कुमार आर्य द्वारा लिखित विभाजन की विभाजन की विभीषिका और गांधीजी तथा ईश्वर के 100 नामों की व्याख्या नामक पुस्तकों तथा उगता भारत समाचार पत्र के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया गया।

ईसाई से वैदिक धर्म में लौटे आचार्य अरुण कुमार आर्य वीर ने कहा कि केवल वेद का दिखाए मार्ग ही संसार में शांति स्थापित कर सकता है हमें स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान से प्रेरणा लेकर उन सभी लोगों को घर वापसी का मार्ग दिखाना चाहिए जो किसी भी कारण से वैदिक धर्म छोड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में हमको अपने इतिहास से शिक्षा लेने की आवश्यकता है। जिन लोगों ने देश का विभाजन संप्रदाय के नाम पर कर दिया, उनकी सोच में आज भी कोई परिवर्तन नहीं आया है। इसलिए खतरों को समझने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का सफल संचालन कर रहे भाषा प्रचारिणी सभा के जिला अध्यक्ष ब्रह्मचारी आर्य सागर ने कहा कि जिन लोगों ने घर वापसी का मार्ग अपनाकर वैदिक धर्मी लोगों की संख्या बढ़ाई वे सभी धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आज भी सनातन के लिए गंभीर खतरे हैं। उन खतरों का सामना करने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। इसके लिए जिला प्रतिनिधि सभा निरंतर जागरूकता अभियान के माध्यम से अपना काम करती रहेगी। उन्होंने क्षेत्र के उन अनेक लोगों के कार्यों पर प्रकाश डाला जिन्होंने अतीत में शुद्धि कार्यक्रम चलाकर सनातन की सेवा की थी। साथ ही उन लोगों की गद्दारियों पर भी प्रकाश डाला जिन्होंने शुद्धि के महान कार्य में अतीत में किसी प्रकार का विघ्न डालने का काम किया था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने शुद्धि के लिए कार्य किया, वह सब हमारे लिए वंदना के योग्य हैं। उन्होंने कहा कि भारत में शुद्धि आंदोलन की श्रृंखला लंबी है। जिसे स्वामी श्रद्धानंद जी ने अपने हाथों में लेकर आगे बढ़ने का काम कियाथा।

इस अवसर पर प्रधान विजेंद्र सिंह आर्य, सरपंच रामेश्वर सिंह, सतीश नंबरदार, प्राचार्य प्रताप सिंह आर्य, देव मुनि जी महाराज, शिव मुनि जी महाराज, बलबीर सिंह आर्य, रंगीलाल आर्य, जितेंद्र विकल, जिला उपाध्यक्ष महावीर सिंह आर्य, जिला सचिव महेंद्र सिंह आर्य, जिला मंत्री पंडित धर्मवीर आर्य, वरिष्ठ आर्य नेता महेंद्र सिंह आर्य, प्रदीप कुमार आर्य, राजेंद्र सिंह आर्य, हेम सिंह आर्य, राजेश कुमार, डॉ राजेंद्र सिंह, जितेंद्र विकल ,संतराम आर्य, प्रधान रविंद्र कुमार आर्य, सतीश आर्य , कर्नल अजय वीर सिंह, श्रीमती कुसुम वीर, कुसुम भारद्वाज, शैलेंद्र आर्य, अरविंद आर्य, सतवीर सिंह आर्य, चंद्रशेखर आर्य, मूलचंद शर्मा, रमेश आर्य , ओमवीर सिंह भाटी, कमल आर्य, सत्येंद्र आर्य, मनु आर्य, सुभाष आर्य, देवदत्त आर्य, यशपाल आर्य, नेत्रपाल आर्य, जीतराम आर्य, अनार सिंह आर्य, ब्रह्म सिंह आर्य,चरण सिंह आर्य, यशपाल आर्य, जगपाल सिंह आर्य, रविंद्र, तोरण सिंह आर्य सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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