Categories
कविता

अच्छे दिन भी आएंगे

बाणों से कोई बींध दे, फरसा से दे काट।
सबसे भयंकर होत है, दुर्वचनों का घाव।।1।।

धर्म अर्थ का कीजिए , चिंतन प्रातः काल।
नित्यकर्म और आचमन, संध्या करो हर हाल।।2।।

भैया होता भाव का , शत्रु का हो काल।
भुजा के सम होत है , रहता बनाकर ढाल।। 3।।

काल बुरे को देखकर , दिया कबीरा रोय।
अच्छे दिन भी आएंगे , रोक सके ना कोय।।4।।

लीला अपरंपार है , अद्भुत वह करतार।
वही कर्मफल देत है, वही जगत आधार।। 5।।

डॉ राकेश कुमार आर्य

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
savoybetting giriş
ikimisli giriş
pumabet giriş
romabet giriş
betebet giriş
betpipo giriş
limanbet giriş
betebet giriş
limanbet giriş
limanbet giriş
betnano giriş
betebet giriş