-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी अब तो यह सिद्ध हो गया है कि हम वाकई पिछड़े हैं। लोग 21वीं सदी की हाईटेक सिस्टम से हर क्रियाएँ करने लगे हैं और एक हम हैं कि वही कलम-कागज, वही पुराना लकड़ी का पैड जो वर्षों से इस्तेमाल करते चले आ रहे हैं, अब भी हमारे लेखनकक्ष (स्टडी रूम) […]
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कुरैशी की शर्मनाक बर्खास्तगी
मिजोरम के राज्यपाल अजीज़ कुरैशी को जिस तरह बर्खास्त किया गया, वह हमारी सरकार, हमारे राष्ट्रपति और हमारे लोकतंत्र की स्वस्थता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। कुरैशी को यदि सिर्फ इसलिए बर्खास्त किया गया है कि वे कांग्रेसी हैं तो क्या कांग्रेसी होना देशद्रोह है? यदि कांग्रेसी होना ही बर्खास्तगी के लिए काफी है तो सबसे […]
यह मोदी का बड़प्पन
अटल बिहारी वाजपेयी तो भारत-रत्न ही थे। नरेंद्र मोदी ने भी माना, यह अच्छा किया। कांग्रेस सरकार उन्हें यह सम्मान देती तो उसकी इज्ज़त भी बढ़ती लेकिन कांग्रेस सरकार ने यह मौका खो दिया। भारत रत्न या इस तरह के सम्मान पता नहीं किस-किसको कौन-कौन दे देता है? कई बार देखा जाता है कि सम्मान […]
चीन−श्रीलंका : नया सिरदर्द
श्री लंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल श्रीसेन की चीन−यात्रा ने नरेंद्र मोदी के लिए एक नया सिरदर्द पैदा कर दिया है। चीनी राष्ट्रपति शी जिन पिंग से मिलकर श्रीसेन इतने सम्मोहित हो गए हैं कि उन्होंने सब चीनी परियोजनाएं दुबारा शुरु करने की घोषणा कर दी हैं, जिन्हें बंद करने की घोषणा उनकी सरकार ने सत्तारुढ़ […]
संकट में अन्नदाता किसान
निर्मल रानी हमारे देश का अन्नदाता यानी भारतीय किसान वैसे तो लगभग प्रत्येक वर्ष देश के किसी न किसी हिस्से में आने वाली बाढ़ अथवा सूखे के कारण संकट का सामना करता ही रहता है। खासतौर पर गरीब व मध्यमवर्गीय किसान तो ऐसे हालात से प्राय: प्रभावित ही रहता है। परंतु इस वर्ष मार्च के […]
अपनी जड़ों में लौटना होगा
लोकेन्द्र सिंह वे लेन्टाइन डे (वीक) के रोज-डे और हग-डे से लेकर किस-डे तक की जानकारी रखने वाले आज के कूल डूड और हॉट बेबीज को भारतीय त्योहारों की न्यूनतम जानकारी है। यदि आप उनसे पूछ लें कि भारतीय नववर्ष कब है तो सबके सब ‘आलिया भट्ट’ नजर आएंगे। अभारतीय संस्कृति और बाजारवाद के ‘डे’ […]
(कुछ दिन पहले गौहत्या बंदी के पक्ष में श्री आनंद कुमार जी का लेख ब्लॉग पर लिया था. आज इस समस्या का दूसरा पक्ष भी प्रस्तुत है. बेहद तर्कसंगत पद्धति से जमीनी हकीकत को एक गौपालक के नज़रिए से समझाया गया है. आशा करता हूँ कि सभी मित्र पूरे लेख को ध्यान से पढ़ेंगे, गौहत्या […]
‘आप’ में सिर्फ अहंकारों का द्वंद
स्वतंत्र भारत में कई राजनीतिक पार्टियां पैदा हुईं और उनमें टूट भी हुई, लेकिन आम आदमी पार्टी इस कगार पर इतनी जल्दी पहुंच जाएगी इसकी आशंका किसी को भी नहीं थी। उनको भी नहीं, जो इस पार्टी को सिर्फ नौसिखियों की नौटंकी समझ रहे थे। दिल्ली की प्रचंड विजय के बाद तो ऐसा लगने लगा […]
फूटने लगा ‘आप का गुब्बारा
सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में आम आदमी पार्टी में जिस प्रकार के स्वर उभर रहे हैं, उससे ऐसा तो लगता ही है कि कहीं न कहीं इस पार्टी में भी सत्ता का स्वाद पाने के लिए स्वार्थ जाग्रत होता हुआ दिखाई दे रहा है। दिल्ली की सत्ता प्राप्त करने से पूर्व जिस प्रकार से आम आदमी […]
नेताओं की डकैती पर रोक
सर्वोच्च न्यायालय ने सूचना तकनीक अधिनियम की धारा 66 ए को रद्द कर दिया। इस धारा को रद्द करवाने का श्रेय किसे है? श्रेया सिंघल को। श्रेया वकालत पढ़ रही है लेकिन इस युवती ने दो अन्य युवतियों को गिरफ्तार किए जाने का विरोध किया। उन दोनों युवतियों का अपराध क्या था? सिर्फ यही कि […]